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गरीबों में राशन के लिए मचा हाहाकार मिटाए प्रशासन

Thu, 15 Sep 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
ब्यूरो/शाहजहांपुर Updated Thu, 15 Sep 2016 11:45 PM IST
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जिले में बीते मार्च माह में संपन्न हुए होली के बाद से सरकारी सस्ता गल्ले की दुकानों से राशन न मिलने की समस्या पर भाजपा विधान मंडल दल नेता और नगर विधायक सुरेश खन्ना ने जिला प्रशासन ने प्रभावी हस्तक्षेप कर तत्काल कार्यवाही करने की मांग की है। आरोप लगाया कि अभी तक केवल 10 फीसदी पात्रों को ही कंप्यूटर वाली पर्चियां मिल पाई हैं, लेकिन उन्हें भी राशन का एक दाना नहीं मिल पाया है। उन्होंने राशन संबंधी आनलाइन आवेदन भी शुरू कराने की मांग की।
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बृहस्पतिवार को राजभवन स्थित अपने कार्यालय पर प्रेसवार्ता करते हुए उन्होंने बताया कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठा चुके हैं और पूर्व जिलाधिकारी के साथ ही मौजूदा जिलाधिकारी से भी इस संबंध में मिल चुके हैं, लेकिन समस्या का हल नहीं निकाला जा रहा। कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सालाना दो लाख रुपये तक के आय वाले परिवारों के राशन कार्ड बनने हैं और जिले में बीते एक मार्च से यह व्यवस्था लागू हुई, लेकिन पात्रों को इसका लाभ अभी तक नहीं मिला है। इस नियम के तहत कार्डधारक को प्रति यूनिट दो रुपये किलो के दर से साढ़े तीन किग्रा गेहूं और तीन रुपये किलो के दर से डेढ़ किलो चावल मिलना है। बताया कि हाल ही में उन्होंने शहर के मोहल्ला अजीजगंज, अबदुल्लागंज और वाला तिराही में लोगों से मिले तो पता चला कि अजीजगंज में 850 पात्रों में से 85 को ही पर्चियां मिलीं लेकिन उन्हें भी राशन नहीं मिला। आरोप लगाया कि राशन आ रहा है और पात्रों को वंचित रख अपात्रों में बंट रहा है और राशन माफिया के इस खेल पर प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा।
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जुबानी नहीं हकीकत में हो दवाओं का छिड़काव
शाहजहांपुर। भाजपा विधानमंडल दल नेता सुरेश कुमार खन्ना नगर में फैले वायरल, डेंगू और चिकनगुनिया सरीखे बुखार के प्रकोप के मद्देनजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से दवाओं का प्रभावी तौर पर छिड़काव कराने की मांग जो कि जनता को भी दिखे। उन्होंने कहा कि गत दिनों इस संबंधी डीएम और सीएमओ को पत्रक दिया जिसका जवाब आया कि छिड़काव कराया जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि वह काम होता कहीं नहीं दिखा है। उन्होंने जिला अस्पताल में दवाओं के खरीद की मौजूदा बजट को दोगुना करने की मांग की ताकि मरीजों को बाहर से दवा लेने को मजबूर ना होना पड़े।
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