शाहजहांपुर। कांट के रामलीला मैदान में 21 मिनट के भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर कभी गरम तो कभी नरम नजर आए। काशी, अयोध्या और मथुरा-वृंदावन के साथ किसान, युवाओं और आमजन तक को योगी ने साधा। बुलडोजर का जिक्र करते हुए दंगाइयों को सचेत किया, साथ ही प्रदेश के विकास के लिए चलाई योजनाओं को बखान किया। पूछा कि राशन मिलता है? भीड़ ने पूरे उत्साह के साथ जवाब दिया, साथ ही जय श्रीराम के नारे भी लगाए।
शुक्रवार को 12 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलिकाप्टर कांट के रामलीला मैदान पर बने हेलिपैड पर उतरा। वहां से सीएम पैदल ही मंच तक आए। उन्होंने जनता का मंच के नीचे प्रणाम किया। 12 बजकर पांच मिनट पर माइक संभालते ही जय श्रीराम का जयघोष कर मुख्यमंत्री ने भीड़ में ऊर्जा का संचार किया। काकोरी एक्शन के अमर क्रांतिकारियों को नमन करते हुए योगी ने बिजली का मुद्दा उछाला। पूछा-पहले बिजली मिलती थी। जवाब आया नहीं? सैफई खानदान और आजम खान का नाम आते ही भीड़ में जय श्रीराम के जयकारें गूंजने लगे। योगी कुछ रुके, फिर बोले-हमने संवैधानिक दायरे में रहकर भगवान राम का मंदिर का निर्माण कराया। काशी, विश्वनाथ धाम और मथुरा और वृंदावन की नगरी का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा। सीएम ने गन्ने से लेकर जिन्ना, जातिवाद और परिवार की तुलना कर सपा, बसपा को घेरने का काम किया। 21 मिनट के भाषण में योगी ने डबल इंजन की सरकार द्वारा विकास, युवाओं को टेबलेट, शाहजहांपुर के लाट साहब के जुलूस का जिक्र कर वोटरों को साधने का प्रयास किया। 12.26 मिनट पर उन्होंने भारत माता की जय के जयकारे के साथ अपने भाषण को समाप्त किया।