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खाद्य तेलों पर स्टॉक लिमिट के खिलाफ व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
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शाहजहांपुर के कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर खाद्य तेलों पर स्टॉक लिमिट लागू करने का विरोध करत?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। त्योहारों पर खाद्य तेलों समेत तिलहन की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने स्टॉक सीमा निर्धारित करने के विरोध में उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट से जुड़े व्यापारियों ने शनिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। बाद में उनका शिष्टमंडल जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ और महानगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता के संयुक्त नेतृत्व में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सुप्रिया गुप्ता से मिला और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर खाद्य तेलों की जमाखोरी रोकने के लिए उन पर से स्टॉक लिमिट तत्काल हटाने की मांग की।
व्यापारी नेता दुुआ ने कहा कि स्टॉक लिमिट निर्धारित होने से तेल कारोबारियों को तमाम व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। थोक व्यापारी एक ट्रक से जितना तेल मंगाते हैं, वह स्टॉक लिमिट से अधिक होता है। तेल कम मंगाने पर भी उन्हें उतना ही भाड़ा खर्च भी देना होगा। ज्यादा स्टॉक रखने वालों को तत्काल बिक्री के लिए मजबूर करने पर बाजार में विक्रेता बढ़ने पर तेल भले ही सस्ता हो जाए, कारोबारियों को काफी घाटा हो जाएगा। यही नहीं, स्टॉक लिमिट उल्लंघन पर कार्रवाई से बचने के लिए कारोबारी खाद्य तेलों की जमाखोरी करने को भी मजबूर होंगे।
ज्ञापन में सरकार के इस निर्णय को व्यापारी, उद्योग, किसान, पैकर्स, थोक विक्रेता, कमीशन एजेंट आदि सभी वर्गों के लिए नुकसानदेह बताते हुए मुख्यमंत्री से इस निर्णय पर पुनर्विचार कर उसे वापस लेने की मांग की गई है। प्रदर्शन में जिला महामंत्री नाजिम खां, जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, सुरेंद्र सेठी, धर्मपाल रैना, कमाल फहीम, चंद्रप्रकाश गुलाटी, सतनाम सिंह, संतोष महेंद्रू, जगदीश चंद्र, सतीश आनंद, अतुल गुप्ता, सौरभ चौहान आदि शामिल रहे।
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व्यापारी नेता दुुआ ने कहा कि स्टॉक लिमिट निर्धारित होने से तेल कारोबारियों को तमाम व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। थोक व्यापारी एक ट्रक से जितना तेल मंगाते हैं, वह स्टॉक लिमिट से अधिक होता है। तेल कम मंगाने पर भी उन्हें उतना ही भाड़ा खर्च भी देना होगा। ज्यादा स्टॉक रखने वालों को तत्काल बिक्री के लिए मजबूर करने पर बाजार में विक्रेता बढ़ने पर तेल भले ही सस्ता हो जाए, कारोबारियों को काफी घाटा हो जाएगा। यही नहीं, स्टॉक लिमिट उल्लंघन पर कार्रवाई से बचने के लिए कारोबारी खाद्य तेलों की जमाखोरी करने को भी मजबूर होंगे।
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ज्ञापन में सरकार के इस निर्णय को व्यापारी, उद्योग, किसान, पैकर्स, थोक विक्रेता, कमीशन एजेंट आदि सभी वर्गों के लिए नुकसानदेह बताते हुए मुख्यमंत्री से इस निर्णय पर पुनर्विचार कर उसे वापस लेने की मांग की गई है। प्रदर्शन में जिला महामंत्री नाजिम खां, जिला कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, सुरेंद्र सेठी, धर्मपाल रैना, कमाल फहीम, चंद्रप्रकाश गुलाटी, सतनाम सिंह, संतोष महेंद्रू, जगदीश चंद्र, सतीश आनंद, अतुल गुप्ता, सौरभ चौहान आदि शामिल रहे।
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