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हत्या आरोपी बंदी ने जेल में फंदा लगाकर दी जान
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शाहजहांपुर। हत्या और दो लोगों पर जानलेवा हमले के मामले में जेल में बंद हरपाल यादव ने सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे बैरक के बरामदे में फंदा लगा लिया। बंदियों ने उसे देखकर शोर मचाया तो जेल प्रशासन ने उसे उतारकर जेल अस्पताल ले गए। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां दस मिनट बाद ही उसने दम तोड़ दिया।
मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव पिडरा निवासी 32 वर्षीय हरपाल यादव ने तीन जून 2012 में जलालाबाद क्षेत्र के गांव बरुआरी निवासी दलगंजन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। साथ ही दलगंजन के बेटे लेखराज और धीरज को गोली मारकर घायल कर दिया था। गांव वालों की मदद ये हरपाल को पकड़कर पुलिस को सौंपा गया था। तब से ही वह जेल में था। जेल प्रशासन के मुताबिक सोमवार को परेड में जेल अधीक्षक राकेश कुमार, जेलर राजेश कुमार आदि ने बंदियों से मुलाकात कर उनका समस्या समाधान कराया। इसी बीच बैरक नंबर तीन के बाहर बरामदे की बल्ली में हरपाल ने लुंगी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। एक बंदी की नजर पड़ी तो उसने शोर मचा दिया। फौरन ही हरपाल को उतारकार जेल अस्पताल और फिर पूर्वाह्न 11:55 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां दस मिनट बाद बाद दोपहर 12:05 बजे हरपाल ने दम तोड़ दिया।
बंदी हरपाल यादव की सोमवार को परेड में स्थिति सामान्य थी। परेड के बाद उसने अचानक लुंगी से गले में फंदा कसा और बरामदे में बल्ली से लटक गया। जानकारी होने पर उसे उतारा गया। तब तक उसकी सांसें चल रहीं थीं। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। - राकेश कुमार, जेल अधीक्षक
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मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव पिडरा निवासी 32 वर्षीय हरपाल यादव ने तीन जून 2012 में जलालाबाद क्षेत्र के गांव बरुआरी निवासी दलगंजन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। साथ ही दलगंजन के बेटे लेखराज और धीरज को गोली मारकर घायल कर दिया था। गांव वालों की मदद ये हरपाल को पकड़कर पुलिस को सौंपा गया था। तब से ही वह जेल में था। जेल प्रशासन के मुताबिक सोमवार को परेड में जेल अधीक्षक राकेश कुमार, जेलर राजेश कुमार आदि ने बंदियों से मुलाकात कर उनका समस्या समाधान कराया। इसी बीच बैरक नंबर तीन के बाहर बरामदे की बल्ली में हरपाल ने लुंगी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। एक बंदी की नजर पड़ी तो उसने शोर मचा दिया। फौरन ही हरपाल को उतारकार जेल अस्पताल और फिर पूर्वाह्न 11:55 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां दस मिनट बाद बाद दोपहर 12:05 बजे हरपाल ने दम तोड़ दिया।
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बंदी हरपाल यादव की सोमवार को परेड में स्थिति सामान्य थी। परेड के बाद उसने अचानक लुंगी से गले में फंदा कसा और बरामदे में बल्ली से लटक गया। जानकारी होने पर उसे उतारा गया। तब तक उसकी सांसें चल रहीं थीं। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। - राकेश कुमार, जेल अधीक्षक
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