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गरीब बच्चों को भी निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाए
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 26 Feb 2016 12:14 AM IST
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विकास भवन के सभाकक्ष में बृहस्पतिवार को सीडीओ पुलकित खरे की अध्यक्षता में शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत अलाभित समूह तथा दुर्बल वर्ग के बच्चों को 25 प्रतिशत तक निजी स्कूलों में प्रवेश करने संबंधी बैठक हुई।
बैठक में सीडीओ ने स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से कहा कि शासन का उद्देश्य है कि गरीब परिवार के बच्चों को भी निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाए। इसके लिए प्रचार प्रसार करते हुए पात्र बच्चों को कक्षा एक से आठ तक के कक्षा में प्रवेश करें। उन्होंने बताया कि अलाभित समूह तथा दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश करने पर उनकी फीस प्रदेश सरकार द्वारा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अलाभित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति, निशक्त बच्चे, एचआईवी व कैंसर पीड़ित माता-पिता या अभिभावक के बच्चे तथा निराश्रित बच्चे इस श्रेणी में आते हैं। साथ ही बताया कि मान्यता प्राप्त विद्यालयों, सीबीएससी, आईसीएससी के विद्यालयों में यह अधिनियम लागू होगा अल्पसंख्यक संस्थाओं में नहीं होगा। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सहित निजी स्कूलों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक में सीडीओ ने स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से कहा कि शासन का उद्देश्य है कि गरीब परिवार के बच्चों को भी निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाए। इसके लिए प्रचार प्रसार करते हुए पात्र बच्चों को कक्षा एक से आठ तक के कक्षा में प्रवेश करें। उन्होंने बताया कि अलाभित समूह तथा दुर्बल वर्ग के बच्चों के प्रवेश करने पर उनकी फीस प्रदेश सरकार द्वारा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अलाभित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति, निशक्त बच्चे, एचआईवी व कैंसर पीड़ित माता-पिता या अभिभावक के बच्चे तथा निराश्रित बच्चे इस श्रेणी में आते हैं। साथ ही बताया कि मान्यता प्राप्त विद्यालयों, सीबीएससी, आईसीएससी के विद्यालयों में यह अधिनियम लागू होगा अल्पसंख्यक संस्थाओं में नहीं होगा। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सहित निजी स्कूलों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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