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एक शिक्षक ने रखा पक्ष, दूसरा मेडिकल पर गया
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Tue, 03 May 2016 12:17 AM IST
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बीटीसी के एक प्रमाण पत्र पर दो शिक्षकों के नौकरी करने का मामला विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद बीएसए राकेश कुमार ने दोनों शिक्षकों की नियुक्ति पत्रावली का गहनता से अध्ययन करने के बाद दोनों को मूल शैक्षिक अभिलेखों के साथ सोमवार को अपना पक्ष रखने के लिए कहा था। साथ ही संबंधित ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी को भी बुलाया था। सोमवार को ददरौल के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पंथी में तैनात शिक्षक अपने खंड शिक्षाधिकारी के साथ अभिलेख लेकर निर्धारित समय पर उपस्थित हुआ, लेकिन मिर्जापुर में उसी के नाम का दूसरा शिक्षक अपना पक्ष रखने के बजाय मेडिकल अवकाश पर चला गया। इससे एक बात तो तय हो ही गई कि एक शिक्षक ने बीटीसी के फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी हासिल की है। इसलिए एक का बर्खास्त होना तय माना जा रहा है। बतादें कि बेसिक शिक्षा विभाग में जयशंकर पुत्र कृष्ण कुमार नामक दो शिक्षक अलग-अलग ब्लाक में तैनात हैं। एक जयशंकर ब्लाक ददरौल के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पंथी में तथा दूसरे ब्लाक मिर्जापुर के गुलाबनगर स्कूल में शिक्षक हैं। ददरौल वाले जयशंकर मूलरूप से हरदोई के तथा मिर्जापुर वाले जयशंकर देवरिया के निवासी हैं। ददरौल वाले जयशंकर ने वर्ष 2005 में अंतरजनदीय स्थानांतरण सीतापुर से कराया था, जबकि देवरिया वाले जयशंकर की नियुक्ति 2001 में हुई थी। इन दोनोें के बीटीसी प्रमाण पत्र एक ही हैं। यानी ददरौल वाले की फाइल में असली अंकपत्र और प्रमाण पत्र लगा है, जबकि मिर्जापुर वाले की फाइल में बीटीसी प्रमाण पत्र की द्वितीय प्रतिलिपि लगी है। इसकी शिकायत ददरौल वाले जयशंकर ने ही की थी। इसके बाद अमर उजाला ने इस फर्जीवाड़ा को प्रमुखता से उठाते हुए इसी सप्ताह प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद बीएसए ने दोनों शिक्षकों और खंड शिक्षाधिकारियों को दो मई को अपरान्ह कार्यालय में मूल अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर सुनवाई का समय निर्धारित किया था। तय समय पर ददरौल के शिक्षक जयशंकर क्षेत्रीय खंड शिक्षाधिकारी भगवान राव के साथ बीएसए के समक्ष उपस्थित हुए और अपने अभिलेख दिखाकर स्वयं को असली शिक्षक बताया। बीएसए ने बताया कि मिर्जापुर के शिक्षक जयशंकर के मेडिकल अवकाश ले लेने की सूचना मिली है। इस मामले में वह और जांच कर रहे हैं। शीघ्र ही फर्जी शिक्षक की पहचान कर उसको बर्खास्त कर दिया जाएगा।
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