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नवमी पर गोमाता का पूजन और भोजन कराकर किया व्रत पारण
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शाहजहांपुर। लॉकडाउन का असर इस बार देवी मां की आराधना के पर्व चैत्र नवरात्रों पर भी पड़ा। देवी भक्तों ने नौ दिनों तक घरों में रहकर ही आराधना की और माता से महामारी से उनके परिवार, समाज और देश को बचाने की कामना की गई। बृहस्पतिवार को चैत्र नवरात्र का नौवां दिन रहा। भक्तों ने देवी मां के सिद्घिदात्री स्वरूप का आह्वान किया। अष्टमी तक व्रत रखने के बाद नवमी को पारण करने वाले भक्तों ने नौ कन्याओं के स्थान पर गोमाता का पूजन कर भोग लगाया। इसके साथ ही हवन पूजन कर पूर्णाहुति दी गई। मंदिरों में पुजारियों ने देवी मां का पूजन किया।
ऐसा पहली बार हुआ है जब नवरात्रि का व्रत रखने वाले भक्तों ने नवमी को कन्या पूजन नहीं किया है, जबकि मान्यता अनुसार नवमी को नौ कन्याओं को नौ देवियों का रूप मानकर लोग उनका मनुहार करते हैं। इंद्रानगर में रहने वाली सुरभि ने नौ दिन का व्रत रखा था। उन्होंने नवमी को परिवार के साथ घर में ही हवन किया। इसके बाद गोमाता का पूजन किया और उनको भोजन कराया। फिर घर के पास ही कुष्ट आश्रम और रेलवे क्रॉसिंग के आसपास रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को सुबह खीर, पूड़ी और छोले बांटे। इसके बाद व्रत पारण कर खुद अन्न ग्रहण किया। इसी तरह से शशि और अनारकली ने बताया कि वह लोग नवमी पर कन्याओं को भोज कराते हैं, लेकिन इस बार कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की वजह से मोहल्ले वालों ने अपनी कन्याओं को घर से नहीं निकलने दिया। इसलिए गोमाता का पूजन और उनको भोजन कराकर व्रत पारण किया है। उन्होंने कहा देवी मां के आशीर्वाद से हम जल्द ही इस महामारी से मुक्ति प्राप्त करेंगे।
हनुमतधाम में मनाई गई रामनवमी
शाहजहांपुर। विसरात स्थित हनुमत धाम पर बृहस्पतिवार को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया। लॉकडाउन के चलते आपसी दूरी के नियम का पालन करते हुए मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने भगवान के दर्शन किए। मंदिर के पुजारियों ने स्वस्ति वाचन और मंत्रोच्चारण किया। भजन व बधाइयां गाई गंई। नैवेद्य पुष्प आदि अर्पित करने के बाद आरती हुई। मंदिर में आगंतुकों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी रही। इस मौके पर हनुमत धाम प्रबंध समिति के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, धीरू खन्ना, अवधेश खन्ना मौजूद रहे।
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दीप जलाकर मनाया रामनवमी का पर्व
शाहजहांपुर। भगवान श्रीराम के प्रकाट्य उत्सव पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हुआ, लोगों ने अपने घरों में दीप जलाकर पर्व मनाया। जिसका आह्वान धार्मिक संगठनों की ओर से किया गया था।
कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के चलते धार्मिक आयोजनों पर रोक लगी हुई है। इसको ध्यान में रखते हुए रामनवमी पर कहीं भी कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। कुछ धार्मिक संगठनों की ओर से एक दिन पहले ही रामनवमी पर शाम को घरों में पूजन कर दीप जलाए गए। कुछ लोगों ने दोपहर में रामलला का पूजन किया। उनके जन्म पर घंटे-घड़ियाल बजाए और भोग लगाया। वहीं शाम को घर के दरवाजे और छतों पर दीप जलाए गए। इस दौरान भगवान से दुनिया में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण को समाप्त करने के लिए प्रार्थना की गई। संवाद
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ऐसा पहली बार हुआ है जब नवरात्रि का व्रत रखने वाले भक्तों ने नवमी को कन्या पूजन नहीं किया है, जबकि मान्यता अनुसार नवमी को नौ कन्याओं को नौ देवियों का रूप मानकर लोग उनका मनुहार करते हैं। इंद्रानगर में रहने वाली सुरभि ने नौ दिन का व्रत रखा था। उन्होंने नवमी को परिवार के साथ घर में ही हवन किया। इसके बाद गोमाता का पूजन किया और उनको भोजन कराया। फिर घर के पास ही कुष्ट आश्रम और रेलवे क्रॉसिंग के आसपास रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को सुबह खीर, पूड़ी और छोले बांटे। इसके बाद व्रत पारण कर खुद अन्न ग्रहण किया। इसी तरह से शशि और अनारकली ने बताया कि वह लोग नवमी पर कन्याओं को भोज कराते हैं, लेकिन इस बार कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की वजह से मोहल्ले वालों ने अपनी कन्याओं को घर से नहीं निकलने दिया। इसलिए गोमाता का पूजन और उनको भोजन कराकर व्रत पारण किया है। उन्होंने कहा देवी मां के आशीर्वाद से हम जल्द ही इस महामारी से मुक्ति प्राप्त करेंगे।
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हनुमतधाम में मनाई गई रामनवमी
शाहजहांपुर। विसरात स्थित हनुमत धाम पर बृहस्पतिवार को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया। लॉकडाउन के चलते आपसी दूरी के नियम का पालन करते हुए मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने भगवान के दर्शन किए। मंदिर के पुजारियों ने स्वस्ति वाचन और मंत्रोच्चारण किया। भजन व बधाइयां गाई गंई। नैवेद्य पुष्प आदि अर्पित करने के बाद आरती हुई। मंदिर में आगंतुकों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी रही। इस मौके पर हनुमत धाम प्रबंध समिति के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, धीरू खन्ना, अवधेश खन्ना मौजूद रहे।
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दीप जलाकर मनाया रामनवमी का पर्व
शाहजहांपुर। भगवान श्रीराम के प्रकाट्य उत्सव पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हुआ, लोगों ने अपने घरों में दीप जलाकर पर्व मनाया। जिसका आह्वान धार्मिक संगठनों की ओर से किया गया था।
कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के चलते धार्मिक आयोजनों पर रोक लगी हुई है। इसको ध्यान में रखते हुए रामनवमी पर कहीं भी कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। कुछ धार्मिक संगठनों की ओर से एक दिन पहले ही रामनवमी पर शाम को घरों में पूजन कर दीप जलाए गए। कुछ लोगों ने दोपहर में रामलला का पूजन किया। उनके जन्म पर घंटे-घड़ियाल बजाए और भोग लगाया। वहीं शाम को घर के दरवाजे और छतों पर दीप जलाए गए। इस दौरान भगवान से दुनिया में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण को समाप्त करने के लिए प्रार्थना की गई। संवाद