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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   PCF - sought clarification from staff welfare corporation

पीसीएफ - कर्मचारी कल्याण निगम से स्पष्टीकरण तलब

Sun, 09 Oct 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर Updated Sun, 09 Oct 2016 12:36 AM IST
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शनिवार को डीएम राम गणेश अचानक रोजा मंडी समिति परिसर पहुंचे और धान खरीद की हकीकत जानी। विपणन विभाग के खुले दो क्रय केंद्र पर 1600 कुंतल ही धान क्रय हुआ है। मंडी समिति रोजा, पीसीएफ  व कर्मचारी कल्याण निगम  का  क्रय केंद्र अभी नहीं खुले होने की पुष्टि हुई तो जिला खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देश दिया कि वह संबंधित क्रय एजेंसी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगें कि अभी तक केंद्र क्यों नहीं खुले हैं। 
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उन्होंने रोजा मंडी में क्रय किए जा रहे धान का निरीक्षण किया। पाया कि मंडी में आने वाले अधिकांश धान में नमी का प्रतिशत अधिक है। शासन द्वारा 17 प्रतिशत तक की नमी का धान क्रय एजेंसियों पर खरीदने का निर्देश है। डीएम ने कृषकों से अपील की है कि वह अपना धान सुखाकर एवं साफ  सुथरा करके निर्धारित 17 प्रतिशत नमी तक धान लेकर क्रय केंद्रों पर आएं। जिले के संचालित सभी धान क्रय केंद्रों पर किसान अपनी सुविधा से किसी केंद्र पर धान बेच सकते हैं। धान बेचने के लिये जोत बही या अन्य संबंधित अभिलेख जरूर लाएं। शासन द्वारा धान का समर्थन मूल्य 1470 रुपये प्रति कुंतल कामन श्रेणी तथा 1510 रुपये प्रति कुंतल ग्रेड ए श्रेणी के लिये घोषित किया गया है। कृषकों की शिकायत या समस्या के निराकरण को शासन द्वारा टोल फ्र ी नंबर 1800-1800-150  निर्धारित किया गया है। जिला स्तर पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी के कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जिसका दूरभाष एवं फैक्स नंबर 05842 -221986 है। एसडीएम सदर रामजी मिश्रा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी रूपेश सिंह आदि मौजूद थे। 
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परेशान घूम रहा ‘मिनी पंजाब’ पुवायां का अन्नदाता
पुवायां। कहने को तो पुवायां का क्षेत्र किसानों के दम पर ‘मिनी पंजाब’ के नाम से जाना जाता है, लेकिन वही किसान आज धान की फसल बेचने के लिए भटकता घूम रहा है। अधिकारियों के सख्त निर्देश के बाद भी सरकारी केंद्रों पर धान की खरीद अभी तक शुरू नहीं की जा रही है। धान में ज्यादा नमी का बहाना बनाकर किसान को सेंटर से टरका दिया जाता है। इससे मजबूरन उसे आढ़त और मिलों में गेहूं बेचना पड़ रहा है। 
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सरकार किसानों की बेहतरी और उनकी फसल का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए तमाम घोषणाएं करती है, लेकिन हकीकत में किसान की स्थित मजदूर से भी बदतर है। गन्ने का पिछली वर्ष का भुगतान तमाम प्रयासों के बाद भी नहीं मिल पा रहा है। कर्ज लेकर धान की फसल तैयार की गई तो सरकारी रेट पर धान खरीदने के लिए कोई तैयार नहीं है। पुवायां मंडी परिसर में कई सेंटर लगे हैं, लेकिन अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी है। आढ़ती और बिचौलिए किसान की फसल कम मूल्य में खरीद रहे हैं। 
ऐसा भी नहीं है कि धान की फसल कट नहीं पाई हो और किसान बाजार में धान लेकर नहीं आ रहा हो। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से एक से सात अक्तूबर तक पुवायां और बंडा के मंडी स्थल में लगे विपणन शाखा के सेंटर पर 2100 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। जबकि अन्य क्रय केंद्रों पर धान खरीद शून्य है। गांव इनायतपुर में सुखबीर एग्रो एनर्जी लिमिटेड पर सुबह होते ही धान बेचने के लिए ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी लाइन लग जाती है। दूसरे राइस मिलों पर भी धान की भरपूर आवक हो रही है।  

मुझे अभी एक महीना ही शाहजहांपुर में हुआ है। धान की खरीद विपणन शाखाओं के क्रय केंद्रों पर नार्मल शुरू हुई है। शुक्रवार को जिले पर अन्य एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक हुई थी, जिसमें जल्द खरीद शुरू करने के निर्देश दिए गए है। जल्द ही सभी केंद्रों पर खरीद शुरू हो जाएगी। - रूपेश सिंह (डिप्टी आरएमओ) शाहजहांपुर
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