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Shahjahanpur News: सरकारी के बजाए निजी एंबुलेंस से भेजे जा रहे मरीज
Fri, 04 Oct 2024 04:20 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 04 Oct 2024 04:20 AM IST
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शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों में प्राइवेट एंबुलेंस से रेफर किए जाने के खेल का अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। सीएमएस ने पत्र जारी कर स्टाफ को चेतावनी दी है कि संलिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधीन 108 एंबुलेंस की 37 गाड़ियां और 102 एंबुलेंस के 33 वाहन और तीन एएलएस एंबुलेंस का संचालन होता है। इन्हें सीएचसी-पीएचसी, थानों व राजकीय मेडिकल कॉलेज में खड़ा किया जाता है। निजी एंबुलेंस के अस्पताल परिसर में आने पर पाबंदी है। ऐसे में वे गेट के बाहर भीड़ लगाए रहते हैं।
अपनी दबंगई के दम पर अस्पताल के अंदर तक एंबुलेंस लेकर मरीजों को ले जाते हैं। बताते हैं कि अस्पताल के मरीजों को निजी एंबुलेंस से प्राइवेट अस्पतालों में कमीशन के लिए रेफर किया जा रहा। इसका मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.नेपाल सिंह ने संज्ञान लिया। उन्होंने स्टाफ को पत्र जारी कर बताया कि मरीजों को निजी एंबुलेंस से निजी अस्पतालों में भेजने में स्टाफ की संलिप्तता बताई जा रही है। सीएमएस ने चेतावनी दी कि ईएमओ, डॉक्टर्स, जेआर आदि के शामिल होने पर संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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निजी एंबुलेंस के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। मरीजों को रेफर करने में कोई संलिप्त मिलता है तो संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा। - डॉ.एमपी गंगवार, चिकित्सा अधीक्षक
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स्वास्थ्य विभाग के अधीन 108 एंबुलेंस की 37 गाड़ियां और 102 एंबुलेंस के 33 वाहन और तीन एएलएस एंबुलेंस का संचालन होता है। इन्हें सीएचसी-पीएचसी, थानों व राजकीय मेडिकल कॉलेज में खड़ा किया जाता है। निजी एंबुलेंस के अस्पताल परिसर में आने पर पाबंदी है। ऐसे में वे गेट के बाहर भीड़ लगाए रहते हैं।
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अपनी दबंगई के दम पर अस्पताल के अंदर तक एंबुलेंस लेकर मरीजों को ले जाते हैं। बताते हैं कि अस्पताल के मरीजों को निजी एंबुलेंस से प्राइवेट अस्पतालों में कमीशन के लिए रेफर किया जा रहा। इसका मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.नेपाल सिंह ने संज्ञान लिया। उन्होंने स्टाफ को पत्र जारी कर बताया कि मरीजों को निजी एंबुलेंस से निजी अस्पतालों में भेजने में स्टाफ की संलिप्तता बताई जा रही है। सीएमएस ने चेतावनी दी कि ईएमओ, डॉक्टर्स, जेआर आदि के शामिल होने पर संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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निजी एंबुलेंस के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। मरीजों को रेफर करने में कोई संलिप्त मिलता है तो संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा। - डॉ.एमपी गंगवार, चिकित्सा अधीक्षक