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खेत में खड़ी धान की फसल...लेखपाल ने किसान के खिलाफ दी पराली जलाने की रिपोर्ट
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पुवायां (शाहजहांपुर)। खेत में धान की फसल खड़ी होने के बाद भी पराली जलाने की गलत रिपोर्ट देने पर जिलाध्यक्ष की नाराजगी के बाद लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सेटेलाइट से क्षेत्र का पता लगने के बाद पराली जलाने वाले किसानों की जांच लेखपालों को सौंपी गई थी। रामपुर कलां क्षेत्र के लेखपाल वेदराम ने गांव माधौपुर के शंकरलाल पर भी पराली जलाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट एसडीएम को दे दी थी।
इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को दस अन्य किसानों के साथ शंकरलाल पर भी रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था। लेखपालों और कुछ अन्य लोगों ने एसडीएम के आदेश को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। शंकरलाल के खेत में धान की फसल अभी खड़ी हुई है। शंकरलाल ने मामले की जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा को दी थी।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने एसडीएम से लेखपाल के गलत रिपोर्ट देने के मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई को कहा था। जांच में भी सामने आया कि शंकरलाल के खेत में धान की फसल खड़ी हुई है। ऐसे में पराली जलाने का सवाल ही नहीं उठता है। इसके बाद लेखपाल को रामपुर कलां से हटाकर भू लेख कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
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शंकरलाल के खेत और उसके आसपास 70 से 80 एकड़ में धान की फसल खड़ी है, जबकि लेखपाल ने उनके खिलाफ पराली जलाने की रिपोर्ट एसडीएम को दी थी। शिकायत मिलने के बाद मैंने झूठी रिपोर्ट देने वाले लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई को कहा था। किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
मामले की शिकायत मिली थी। जांच कराई गई तो पाया गया कि शंकरलाल का धान खड़ी है और उनके खेत और आसपास पराली नहीं जलाई गई है। पहले लेखपाल ने पराली जलाने की रिपोर्ट दी थी। लेखपाल से जानकारी की गई तो लेखपाल ने पराली नहीं जलाने की दूसरी रिपोर्ट दी। गलत आख्या देने पर लेखपाल को भू लेख कार्यालय से अटैच कर दिया है। लेखपाल को आरोप पत्र देकर सात दिन में जवाब मांगा है।
सतीश चंद्रा, एसडीएम पुवायां।
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इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को दस अन्य किसानों के साथ शंकरलाल पर भी रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था। लेखपालों और कुछ अन्य लोगों ने एसडीएम के आदेश को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। शंकरलाल के खेत में धान की फसल अभी खड़ी हुई है। शंकरलाल ने मामले की जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा को दी थी।
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भाजपा जिलाध्यक्ष ने एसडीएम से लेखपाल के गलत रिपोर्ट देने के मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई को कहा था। जांच में भी सामने आया कि शंकरलाल के खेत में धान की फसल खड़ी हुई है। ऐसे में पराली जलाने का सवाल ही नहीं उठता है। इसके बाद लेखपाल को रामपुर कलां से हटाकर भू लेख कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
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शंकरलाल के खेत और उसके आसपास 70 से 80 एकड़ में धान की फसल खड़ी है, जबकि लेखपाल ने उनके खिलाफ पराली जलाने की रिपोर्ट एसडीएम को दी थी। शिकायत मिलने के बाद मैंने झूठी रिपोर्ट देने वाले लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई को कहा था। किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
मामले की शिकायत मिली थी। जांच कराई गई तो पाया गया कि शंकरलाल का धान खड़ी है और उनके खेत और आसपास पराली नहीं जलाई गई है। पहले लेखपाल ने पराली जलाने की रिपोर्ट दी थी। लेखपाल से जानकारी की गई तो लेखपाल ने पराली नहीं जलाने की दूसरी रिपोर्ट दी। गलत आख्या देने पर लेखपाल को भू लेख कार्यालय से अटैच कर दिया है। लेखपाल को आरोप पत्र देकर सात दिन में जवाब मांगा है।
सतीश चंद्रा, एसडीएम पुवायां।