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लंबे समय तक प्रेरित करता रहेगा पीवी सिंधू का पदक
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शाहजहांपुर। बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू की जीत ने पूरे देश को जश्न मनाने का एक और मौका दिया है। पीवी सिंधू ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचते हुए चीन की बिंगजियाओ को 21-13, 21-15 से हराकर कांस्य पदक जीता है। इससे खिलाड़ियों और खेल प्रशंसकों में उत्साह का माहौल है। महिला खिलाड़ियों के लगातार पदक जीतने से सभी उत्साह से भरे हुए हैं। उदीयमान खिलाड़ियों का मानना है कि ओलंपिक जैसे प्लेटफार्म में शानदार प्रदर्शन न केवल खिलाड़ियों को बेहतर करने का हौसला देगा बल्कि अभिभावकों की सोच भी बदलेगा जो बेटियों को कमतर आंकते हैं।
कांट की रहने वाली बीडीएस डॉक्टर और बैडमिंटन खिलाड़ी अंशिका ने पीवी सिंधू का पूरा मैच देखा। अंशिका कहतीं हैं कि उनसे स्वर्ण पदक की अपेक्षा थी मगर कांस्य जीतने पर भी वह बहुत खुश हैं। उनका मानना है कि ओलंपिक में महिला खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देश की खिलाड़ी बेटियों के लिए प्रेरणा का माध्यम बनेगा।
तिलहर की पंजाबी कॉलोनी में रहने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी और दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम की छात्रा शिवांगी द्विवेदी कहतीं हैं कि पीवी सिंधू ने पदक जीतकर पूरे देश को बेटियों पर गर्व करने का मौका दिया है। ओलंपिक में महिलाओं का प्रदर्शन देश के लोगों की बेटियों को खेलकूद में आगे न बढ़ने देने की सोच को बदलेगा।
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सिटी पार्क में रहने वाले दसवीं के छात्र और बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य दीक्षित के मुताबिक ओलंपिक में पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। पीवी सिंधू ने पदक जीतकर पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ाया है। क्रिकेट के अलावा अन्य खेल खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को इससे प्रेरणा मिलेगी। लोग खेल को भी कॅरियर बनाने के लिए आगे आएंगे।
तक्षशिला पब्लिक स्कूल में दसवीं की छात्रा शताक्षी पांडेय पीवी सिंधू की जीत पर बहुत खुश हैं। उनका मानना है कि पूरे विश्व के सामने भारत की बेटियों के प्रदर्शन ने यह साबित किया कि मौका मिलने पर बेटियां देश का नाम रौशन कर सकती हैं। इससे आने वाले समय में अभिभावकों की सोच में बदलाव भी आएगा।
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कांट की रहने वाली बीडीएस डॉक्टर और बैडमिंटन खिलाड़ी अंशिका ने पीवी सिंधू का पूरा मैच देखा। अंशिका कहतीं हैं कि उनसे स्वर्ण पदक की अपेक्षा थी मगर कांस्य जीतने पर भी वह बहुत खुश हैं। उनका मानना है कि ओलंपिक में महिला खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देश की खिलाड़ी बेटियों के लिए प्रेरणा का माध्यम बनेगा।
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तिलहर की पंजाबी कॉलोनी में रहने वाली बैडमिंटन खिलाड़ी और दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम की छात्रा शिवांगी द्विवेदी कहतीं हैं कि पीवी सिंधू ने पदक जीतकर पूरे देश को बेटियों पर गर्व करने का मौका दिया है। ओलंपिक में महिलाओं का प्रदर्शन देश के लोगों की बेटियों को खेलकूद में आगे न बढ़ने देने की सोच को बदलेगा।
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सिटी पार्क में रहने वाले दसवीं के छात्र और बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य दीक्षित के मुताबिक ओलंपिक में पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। पीवी सिंधू ने पदक जीतकर पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ाया है। क्रिकेट के अलावा अन्य खेल खेलने वाले सभी खिलाड़ियों को इससे प्रेरणा मिलेगी। लोग खेल को भी कॅरियर बनाने के लिए आगे आएंगे।
तक्षशिला पब्लिक स्कूल में दसवीं की छात्रा शताक्षी पांडेय पीवी सिंधू की जीत पर बहुत खुश हैं। उनका मानना है कि पूरे विश्व के सामने भारत की बेटियों के प्रदर्शन ने यह साबित किया कि मौका मिलने पर बेटियां देश का नाम रौशन कर सकती हैं। इससे आने वाले समय में अभिभावकों की सोच में बदलाव भी आएगा।