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ÒभागीरथीÓ नेे समाज को किया सचेत
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 11 Dec 2015 11:12 PM IST
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सजग समाज सेवा समिति के बैनर तले शुक्रवार को गंगा सफाई अभियान के अंतर्गत नाटक ÒभागीरथीÓ का मंचन किया गया।
गांधी भवन में संस्था के प्रबंधक एवं लेखक डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र के नाटक भागीरथी का मंचन किया गया। नलिनी मिश्रा के निर्देशन में खेले गए नाटक को तीन भागों में बांटा गया। पहले भाग में दिखाया गया कि गंगाजी किस प्रकार पृथ्वी पर अवतरित हुईं और उन्होंने राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को तारने का काम किया। दूसरे भाग अर्थात वर्तमान काल में गोमुख से निकलने के बाद कोलकाता तक करीब ढाई हजार किलोमीटर के सफर में गंगा को प्रदूषित होते दिखाया गया। तीसरे भाग अर्थात भविष्य के लिए लेखक ने संदेश दिया है कि यदि देशवासी समय रहते नहीं चेते तो इसके दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे। प्रदूषण से गंगा का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा और नाना प्रकार की बीमारियां पैदा होंगी। इसलिए गंगा सफाई ंभयान में सभी जाति-धर्म के लोगों को सहभागिता करनी चाहिए।
नाटक मंचन में हिमांशी वर्मा, भावना सिंह, शीलू मिश्रा, प्रशांत कुमार, रोहिद खान, जमाल खान, हैदर अंसारी, हैदर, आकाश, अखिल कुमार, अश्वनी मिश्रा, विजय कश्यप, पवनेश, डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र, आरती आदि शामिल रहे, जबकि व्यवस्था में शिवम, मेघा, जितेंद्र राणा, जमाल खान, नौशाद अंसारी आदि का योगदान रहा। इससे पूर्व मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. कमल कुमार ने नाटक का शुभारंभ किया। संचालन डॉ. सुरेश मिश्र का रहा।
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गांधी भवन में संस्था के प्रबंधक एवं लेखक डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र के नाटक भागीरथी का मंचन किया गया। नलिनी मिश्रा के निर्देशन में खेले गए नाटक को तीन भागों में बांटा गया। पहले भाग में दिखाया गया कि गंगाजी किस प्रकार पृथ्वी पर अवतरित हुईं और उन्होंने राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को तारने का काम किया। दूसरे भाग अर्थात वर्तमान काल में गोमुख से निकलने के बाद कोलकाता तक करीब ढाई हजार किलोमीटर के सफर में गंगा को प्रदूषित होते दिखाया गया। तीसरे भाग अर्थात भविष्य के लिए लेखक ने संदेश दिया है कि यदि देशवासी समय रहते नहीं चेते तो इसके दुष्परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ेंगे। प्रदूषण से गंगा का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा और नाना प्रकार की बीमारियां पैदा होंगी। इसलिए गंगा सफाई ंभयान में सभी जाति-धर्म के लोगों को सहभागिता करनी चाहिए।
नाटक मंचन में हिमांशी वर्मा, भावना सिंह, शीलू मिश्रा, प्रशांत कुमार, रोहिद खान, जमाल खान, हैदर अंसारी, हैदर, आकाश, अखिल कुमार, अश्वनी मिश्रा, विजय कश्यप, पवनेश, डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र, आरती आदि शामिल रहे, जबकि व्यवस्था में शिवम, मेघा, जितेंद्र राणा, जमाल खान, नौशाद अंसारी आदि का योगदान रहा। इससे पूर्व मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. कमल कुमार ने नाटक का शुभारंभ किया। संचालन डॉ. सुरेश मिश्र का रहा।
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