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ओसीएफ के निगमीकरण के विरोध में उतरे कर्मचारी
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शाहजहांपुर। क्लोदिंग फैक्टरी इंपलाइज यूनियन की ओर से फैक्टरी के निजीकरण की सुगबुगाहट के विरोध में एक दिवसीय धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर उद्योग व्यापार मंच ने भी यूनियन को समर्थन देते हुए फैक्टरी का निजीकरण नहीं किए जाने की मांग की। वहीं, आर्डनेंस क्लोदिंग फैक्टरी संयुक्त मोर्चा ने ओसीएफ के समक्ष गेट मीटिंग कर निगमीकरण का विरोध किया।
यूनियन की ओर से ओसीएफ गेट पर सुबह सात बजे धरना दिया गया। धरना स्थल पर साथी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष अशोक कुमार यादव ने कहा कि यदि आर्डनेंस फैक्टरियों का निजीकरण हो गया, तो इसका असर कर्मचारियों के परिवारों पर भी पड़ेगा। महामंत्री सुनील प्रभाकर ने कहा कि सरकार ने देश की सभी 41 आर्डनेंस फैक्टरियों के निजीकरण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। रक्षा उत्पादन इकाइयों पर निगमीकरण की तलवार लटकी हुई है। जिससे लाखाें कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
धरना में मो. यामीन, रामसरन राठौर, राजेश शर्मा, महेंद्र कुमार, फिरासत खां, प्रदीप गुप्ता, राम दुलारे, अनिल सक्सेना, विनोद बाबू सक्सेना आदि शामिल रहे। इधर, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंच ने क्लोदिंग फैक्टरी यूनियन को समर्थन देते हुए निगमीकरण का विरोध किया है। प्रदेश महामंत्री विशेश्वर नाथ हांडा ने वरुण मुदगल, शरद शुक्ला, विनीत शुक्ला आदि के साथ धरना स्थल पहुंचकर समर्थन दिया।
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आर्डनेंस क्लोदिंग फैक्टरी संयुक्त मोर्चा ने ओसीएफ के समक्ष गेट मीटिंग कर निगमीकरण का विरोध किया। इस मौके पर निगमीकरण से प्रभावित होने वाली सभी फैक्टरियों के कर्मचारियों की एक माह से होने वाली हड़ताल को समर्थन देने का निर्णय लिया। इस अवसर पर इंटक के अध्यक्ष दिनेश सिंह, पीकेयू के अध्यक्ष नीरज दीक्षित, माजिद रफीक, हरिसरन गंगवार आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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यूनियन की ओर से ओसीएफ गेट पर सुबह सात बजे धरना दिया गया। धरना स्थल पर साथी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष अशोक कुमार यादव ने कहा कि यदि आर्डनेंस फैक्टरियों का निजीकरण हो गया, तो इसका असर कर्मचारियों के परिवारों पर भी पड़ेगा। महामंत्री सुनील प्रभाकर ने कहा कि सरकार ने देश की सभी 41 आर्डनेंस फैक्टरियों के निजीकरण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। रक्षा उत्पादन इकाइयों पर निगमीकरण की तलवार लटकी हुई है। जिससे लाखाें कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
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धरना में मो. यामीन, रामसरन राठौर, राजेश शर्मा, महेंद्र कुमार, फिरासत खां, प्रदीप गुप्ता, राम दुलारे, अनिल सक्सेना, विनोद बाबू सक्सेना आदि शामिल रहे। इधर, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंच ने क्लोदिंग फैक्टरी यूनियन को समर्थन देते हुए निगमीकरण का विरोध किया है। प्रदेश महामंत्री विशेश्वर नाथ हांडा ने वरुण मुदगल, शरद शुक्ला, विनीत शुक्ला आदि के साथ धरना स्थल पहुंचकर समर्थन दिया।
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आर्डनेंस क्लोदिंग फैक्टरी संयुक्त मोर्चा ने ओसीएफ के समक्ष गेट मीटिंग कर निगमीकरण का विरोध किया। इस मौके पर निगमीकरण से प्रभावित होने वाली सभी फैक्टरियों के कर्मचारियों की एक माह से होने वाली हड़ताल को समर्थन देने का निर्णय लिया। इस अवसर पर इंटक के अध्यक्ष दिनेश सिंह, पीकेयू के अध्यक्ष नीरज दीक्षित, माजिद रफीक, हरिसरन गंगवार आदि कर्मचारी मौजूद रहे।