शाहजहांपुर। बंगाल की खाड़ी में पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रभावी हुए नोरू चक्रवात के उत्तर भारत की ओर बढ़ने के साथ ही उसका असर बुधवार सुबह से जनपद में दिखने लगा। देर रात से ठंडी हवा चलने के साथ बादल मंडराने लगे। इससे रात में न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री घटकर 24.6 डिग्री सेल्सियस हो गया। बुधवार सुबह से बादल घने हुए और धूप कम निकलने के साथ ठंडी हवा ने रफ्तार पकड़ी तो दिन में अधिकतम तापमान तीन डिग्री घटकर 31 डिग्री सेल्सियस हो गया।
समुद्री तूफान के कारण आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को प्रदेश के जिन जनपदों में मध्यम से भारी वर्षा होने का अलर्ट जारी किया है, उनमें शाहजहांपुर भी शामिल है। बीते दिन सुबह से शाम तक मौसम शुष्क और सामान्य बना रहा, लेकिन दिन ढलने के बाद वायुदाब में भारी गिरावट से हवा में ठहराव आया और इसी के साथ बादलों ने आसमान की घेराबंदी शुरू कर दी। रात 11 बजे से ठंडी पछुआ हवा चलनी शुरू हुई तो मौसम के करवट लेने के संकेत मिलने लगे।
बुधवार को सुबह बादलों के कारण सूर्योदय के बाद भी धूप नहीं निकली। करीब दो घंटे बाद सुबह नौ बजे बादल थोड़े हल्के पड़े, लेकिन 11 बजे के बाद उत्तर-पूर्व दिशा से काली घटाएं उठने लगीं। हालांकि, शाम तक बारिश थमी रही, लेकिन आसपास के शहरों में हुई बारिश से वातावरण में नमी बढ़ी तो ठंडी हवा जनजीवन को सुकून देती रही। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार चक्रवाती हवाएं विक्षोभ को उत्तर की ओर धकेल रही हैं। उनका कहना है कि वायुदाब बैरोमीटर के सामान्य सूचकांक के बिल्कुल करीब है और इससे अगले एक सप्ताह तक बारिश का मौसम बना रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार वायुदाब में भारी गिरावट को देखते जल्द बारिश होने की संभावना है।