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परीक्षार्थियों को नहीं मिल रहे कमरे
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Mon, 05 Feb 2018 07:28 PM IST
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परीक्षा देने के लिए इलाके से बाहर के परीक्षार्थियों को रहने के लिए किराए पर कमरे नहीं मिल रहे हैं, जिससे वे बेहद परेशान हैं।
नकल के लिए बदनाम क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने के लिए जिले के अलावा हरदोई, पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी, बदायूं आदि जिलों से सैकड़ों की संख्या में यहां परीक्षार्थी आ चुके हैं। इनमें अधिकांश के परीक्षा केंद्र ब्लॉक मुख्यालय से पांच से दस किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित परीक्षा केंद्रों में हैं। शहरी क्षेत्र में रहने वाले परीक्षार्थी अति पिछड़े गांव में जहां बिजली और शौचालय तक की सुविधा नहीं है, वहां रहकर परीक्षा देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे परीक्षार्थी कस्बे में कमरे तलाश रहे हैं। कई परीक्षार्थियों को मुंह मांगा किराया देने के बाद भी आवश्यक सुविधाओं से युक्त कमरे नहीं मिल पा रहे हैं। जिससे वे बेहद परेशान हैं। इस बार कस्बे के अलावा अति पिछड़े क्षेत्र के स्कूल कॉलेजों को भी बोर्ड परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। ऐसे केंद्रों पर पहुंचने के लिए न तो सार्वजनिक वाहन संचालित हैं और न ही गड्ढा मुक्त सड़कें हैं।
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नकल के लिए बदनाम क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने के लिए जिले के अलावा हरदोई, पीलीभीत, लखीमपुर-खीरी, बदायूं आदि जिलों से सैकड़ों की संख्या में यहां परीक्षार्थी आ चुके हैं। इनमें अधिकांश के परीक्षा केंद्र ब्लॉक मुख्यालय से पांच से दस किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित परीक्षा केंद्रों में हैं। शहरी क्षेत्र में रहने वाले परीक्षार्थी अति पिछड़े गांव में जहां बिजली और शौचालय तक की सुविधा नहीं है, वहां रहकर परीक्षा देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे परीक्षार्थी कस्बे में कमरे तलाश रहे हैं। कई परीक्षार्थियों को मुंह मांगा किराया देने के बाद भी आवश्यक सुविधाओं से युक्त कमरे नहीं मिल पा रहे हैं। जिससे वे बेहद परेशान हैं। इस बार कस्बे के अलावा अति पिछड़े क्षेत्र के स्कूल कॉलेजों को भी बोर्ड परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। ऐसे केंद्रों पर पहुंचने के लिए न तो सार्वजनिक वाहन संचालित हैं और न ही गड्ढा मुक्त सड़कें हैं।