{"_id":"6a0f47337994ac7a3a049d51","slug":"nhm-doctors-and-staff-staged-a-work-boycott-in-protest-against-the-non-receipt-of-honorariums-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-173954-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: मानदेय नहीं मिलने के विरोध में एनएचएम के चिकित्सकों व कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: मानदेय नहीं मिलने के विरोध में एनएचएम के चिकित्सकों व कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
विज्ञापन
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में प्रदर्शन करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
शाहजहांपुर/तिलहर। दो महीने से मानदेय नहीं मिलने पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर चिकित्सकों और सहायक स्टाफ ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। राजकीय मेडिकल कॉलेज की आयुष विंग समेत अन्य स्वास्थ्य इकाइयों पर कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मरीजों का उपचार नहीं किया।
एनएचएम के तहत जिले में डॉक्टर और पैरा स्टाफ समेत करीब दो हजार का स्टाफ है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत भी डॉक्टर काम करते हैं। इन्हें करीब दो महीने से मानदेय नहीं मिला है। पूर्व में संगठन ने सीएमओ को ज्ञापन देकर मानदेय की मांग की थी। उन्होंने उच्च स्तर का मामला होने की बात कहकर टाल दिया था।
बृहस्पतिवार को संघ के प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह के आह्वान पर डॉक्टर और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। मेडिकल कॉलेज की आयुष विंग और सीएचसी, पीएचसी और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एनएचएम के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने विरोध जताया। इस दौरान मानदेय नहीं तो काम नहीं के नारे लगाकर विरोध जताया गया।
विज्ञापन
स्वास्थ्य इकाइयाें पर दवा लेने आए मरीजों को जूझना पड़ा। हड़ताल के चलते उनका उपचार करने से इन्कार कर दिया गया। इसके चलते चिलचिलाती धूप में मरीज परेशान रहे।
--
मरीजों को जूझना पड़ा, मायूस होकर लौटे
तिलहर। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद वर्मा व महामंत्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व में सीएचसी तिलहर, पीएचसी राजनपुर, रमापुर अर्बन अस्पताल समेत क्षेत्र के सभी संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर धरना दिया। कर्मचारियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जल्द भुगतान की मांग उठाई। कार्य बहिष्कार के चलते कई मरीजों को बिना दवा लिए ही लौटना पड़ा। अस्पतालों में दवा वितरण और अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं। सीएचसी प्रभारी डॉ. ओमेंद्र राठौर ने बताया कि डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अन्य डॉक्टरों ने मरीजों को देखा है। संवाद
-- -- --
सांस की बीमारी से पीड़ित होने के चलते करीब 10 किलोमीटर दूर से सीएचसी में दवा लेने आए हैं। यहां हड़ताल के चलते दवा नहीं मिली। निजी अस्पताल में इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं।
-ईश्वरती, गांव मलूकापुर तिलहर
--
सुबह दस बजे साइकिल से करीब 17 किलोमीटर दूर सीएचसी पर आए थे। खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित हैं। यहां आने पर दवा नहीं मिली। बताया कि डॉक्टर और अन्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं।
-सुरेश पाल सिंह, ढकिया रघा, तिलहर
--
संविदाकर्मियों के मानदेय को लेकर बजट शासन स्तर से आना है। वहां से बजट आने के बाद संविदाकर्मियों का वेतन जारी कर दिया जाएगा।
- डॉ.विवेक मिश्रा, सीएमओ
-- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
एनएचएम के तहत जिले में डॉक्टर और पैरा स्टाफ समेत करीब दो हजार का स्टाफ है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत भी डॉक्टर काम करते हैं। इन्हें करीब दो महीने से मानदेय नहीं मिला है। पूर्व में संगठन ने सीएमओ को ज्ञापन देकर मानदेय की मांग की थी। उन्होंने उच्च स्तर का मामला होने की बात कहकर टाल दिया था।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को संघ के प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह के आह्वान पर डॉक्टर और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। मेडिकल कॉलेज की आयुष विंग और सीएचसी, पीएचसी और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एनएचएम के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने विरोध जताया। इस दौरान मानदेय नहीं तो काम नहीं के नारे लगाकर विरोध जताया गया।
विज्ञापन
स्वास्थ्य इकाइयाें पर दवा लेने आए मरीजों को जूझना पड़ा। हड़ताल के चलते उनका उपचार करने से इन्कार कर दिया गया। इसके चलते चिलचिलाती धूप में मरीज परेशान रहे।
मरीजों को जूझना पड़ा, मायूस होकर लौटे
तिलहर। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद वर्मा व महामंत्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व में सीएचसी तिलहर, पीएचसी राजनपुर, रमापुर अर्बन अस्पताल समेत क्षेत्र के सभी संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर धरना दिया। कर्मचारियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जल्द भुगतान की मांग उठाई। कार्य बहिष्कार के चलते कई मरीजों को बिना दवा लिए ही लौटना पड़ा। अस्पतालों में दवा वितरण और अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित रहीं। सीएचसी प्रभारी डॉ. ओमेंद्र राठौर ने बताया कि डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अन्य डॉक्टरों ने मरीजों को देखा है। संवाद
सांस की बीमारी से पीड़ित होने के चलते करीब 10 किलोमीटर दूर से सीएचसी में दवा लेने आए हैं। यहां हड़ताल के चलते दवा नहीं मिली। निजी अस्पताल में इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं।
-ईश्वरती, गांव मलूकापुर तिलहर
सुबह दस बजे साइकिल से करीब 17 किलोमीटर दूर सीएचसी पर आए थे। खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित हैं। यहां आने पर दवा नहीं मिली। बताया कि डॉक्टर और अन्य कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं।
-सुरेश पाल सिंह, ढकिया रघा, तिलहर
संविदाकर्मियों के मानदेय को लेकर बजट शासन स्तर से आना है। वहां से बजट आने के बाद संविदाकर्मियों का वेतन जारी कर दिया जाएगा।
- डॉ.विवेक मिश्रा, सीएमओ

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में प्रदर्शन करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में प्रदर्शन करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में प्रदर्शन करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद