Shahjahanpur: दरोगा वरुण सिंह की आत्महत्या के मामले में नया मोड़, परिजनों ने कार्रवाई से खींचे हाथ
शामली जिले के निवासी दरोदा वरुण सिंह ने 24 नवंबर को परौर थाना परिसर में ही अपने कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी थी। उनके भाई ने उनकी मौत पर संदेह जताते हुए जांच की मांग की थी। लेकिन अब परिजनों ने कार्रवाई से इनकार कर दिया है।
विस्तार
शाहजहांपुर के परौर थाने में दरोगा वरुण सिंह के फंदे से लटककर जान देने के मामले में नया मोड़ आ गया है। उनके परिजनों ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के लिए पुलिस को शपथ पत्र दिया है। इसके बाद शुक्रवार को वरुण का सामान परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
शामली जिले के निवासी उपनिरीक्षक वरुण सिंह ने 24 नवंबर को थाना परिसर में ही अपने कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी थी। वरुण के भाई शामली जिले के भाकियू के अध्यक्ष आशीष चौधरी ने घटनाक्रम पर संदेह व्यक्त करते हुए जांच कराने के लिए एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था।
भाई ने एसपी को दिया शपथ पत्र
इसके बाद वरुण सिंह के मोबाइल फोन को जांच के लिए लखनऊ की लैब भेजा गया, लेकिन 19 दिसंबर को उनके भाई आशीष ने शाहजहांपुर एसपी को शपथ पत्र देकर किसी भी तरह की कार्रवाई से इनकार कर वरुण का सामान दिलाए जाने की मांग की।
शुक्रवार को कलान के नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी सोनी शुक्ला, फॉरेंसिक टीम ने आशीष के सामने वरुण के कमरे को खुलवाया। कमरे में वरुण के कपड़े व अन्य रोजमर्रा का सामान मिला जिसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। उनकी गाड़ी भी आशीष को दे दी गई। इंस्पेक्टर सोनी शुक्ला ने बताया कि परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।