{"_id":"6872be28d77545d861015e4e","slug":"net-mock-test-was-conducted-to-improve-the-ranking-of-council-schools-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-147959-2025-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: परिषदीय स्कूलों की रैंकिंग सुधारने के लिए कराया गया नेट मॉक टेस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: परिषदीय स्कूलों की रैंकिंग सुधारने के लिए कराया गया नेट मॉक टेस्ट
विज्ञापन
शाहजहांपुर के परिषदीय विद्यालय में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत नेट मॉक टेस्ट देते छात्र-छात्राएं
शाहजहांपुर। परिषदीय स्कूलों को निपुण भारत मिशन के तहत शैक्षिक पैमाने पर निपुण बनाने और वार्षिक निपुण आकलन परीक्षा में जिले की रैंकिंग सुधारने की गरज से शनिवार को नेट मॉक टेस्ट कराया गया। जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) रोहित सिंह की देखरेख में हुए मॉक टेस्ट में सभी परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
इस परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र नेट आकलन परीक्षा के नियमों के अनुसार तैयार कराए गए। कक्षा एक व दो के बच्चों से भाषा व गणित, कक्षा तीन, चार व पांच के बच्चों से भाषा, गणित, अंग्रेजी व पर्यावरण अध्ययन और कक्षा छह से आठ तक के बच्चों से भाषा, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन विषय से संबंधित सवाल हल करने के लिए दिए गए। बच्चों ने किसी प्रतियोगी परीक्षा की तरह ओएमआर शीट पर गोले को बॉलपेन से काला करके उत्तर दिए।
जिला समन्वयक के अनुसार इस परीक्षा का एक उद्देश्य यह भी रहा कि बच्चे भविष्य में किसी प्रतियोगी परीक्षा में ओएमआर शीट आसानी से भर सकें। परीक्षा में शामिल हुए बच्चों को मुख्य निपुण आकलन परीक्षा में ओएमआर शीट भरने में कोई असुविधा नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जनपद की निपुण रैकिंग में लगातार सुधार हो रहा है। वर्ष 2023 में निपुण आकलन परीक्षा में जनपद को 73 वीं रैंक मिली और वर्ष 2024 में इसी परीक्षा में जनपद 31 पायदान चढ़कर 42वें नंबर पर आ गया। मासिक नेट मॉक टेस्ट होने से रैंकिंग में तेजी से सुधार होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र नेट आकलन परीक्षा के नियमों के अनुसार तैयार कराए गए। कक्षा एक व दो के बच्चों से भाषा व गणित, कक्षा तीन, चार व पांच के बच्चों से भाषा, गणित, अंग्रेजी व पर्यावरण अध्ययन और कक्षा छह से आठ तक के बच्चों से भाषा, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन विषय से संबंधित सवाल हल करने के लिए दिए गए। बच्चों ने किसी प्रतियोगी परीक्षा की तरह ओएमआर शीट पर गोले को बॉलपेन से काला करके उत्तर दिए।
विज्ञापन
जिला समन्वयक के अनुसार इस परीक्षा का एक उद्देश्य यह भी रहा कि बच्चे भविष्य में किसी प्रतियोगी परीक्षा में ओएमआर शीट आसानी से भर सकें। परीक्षा में शामिल हुए बच्चों को मुख्य निपुण आकलन परीक्षा में ओएमआर शीट भरने में कोई असुविधा नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जनपद की निपुण रैकिंग में लगातार सुधार हो रहा है। वर्ष 2023 में निपुण आकलन परीक्षा में जनपद को 73 वीं रैंक मिली और वर्ष 2024 में इसी परीक्षा में जनपद 31 पायदान चढ़कर 42वें नंबर पर आ गया। मासिक नेट मॉक टेस्ट होने से रैंकिंग में तेजी से सुधार होगा।
विज्ञापन