{"_id":"66db8af954acfe707f060c94","slug":"negligence-in-panchnamapostmortem-of-teenager-could-be-delayed-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-126592-2024-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: पंचनामा में लापरवाही...देरी से हो सका किशोरी का पोस्टमार्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: पंचनामा में लापरवाही...देरी से हो सका किशोरी का पोस्टमार्टम
Sat, 07 Sep 2024 04:36 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 07 Sep 2024 04:36 AM IST
विज्ञापन
पुवायां। पुलिस की लापरवाही से शुक्रवार को किशोरी का पैनल से पोस्टमार्टम देरी से हो सका। बगैर दोबारा पंचनामा के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया। दोपहर में पंचनामा भरा गया तब पोस्टमार्टम हो सका। शाम सात बजे शव घर लाया गया। रात में ही पुलिस की मौजूदगी में शव को गोमती नदी पर ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुवायां के मोहल्ला छावनी निवासी विनोद कुमार की पत्नी रीना देवी के अनुसार तीन सितंबर की रात वह अपनी 14 वर्षीय पुत्री निशा कश्यप को बुखार की दवा दिलाने नगर के एक निजी अस्पताल ले गईं थीं। डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही निशा की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण फेफड़े और लीवर का खराब होना पाया गया है। परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम सही नहीं हुआ है। पैनल से पोस्टमार्टम, डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने अंतिम संस्कार से मना कर दिया था। पांच सितंबर की रात एडीएम वित्त एवं राजस्व ने पैनल से पोस्टमार्टम कराने और वीडियोग्राफी कराने को मंजूरी दी थी।
पुलिस ने बगैर दोबारा पंचनामा भरे बृहस्पतिवार रात ही शव को फिर से पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर डॉक्टरों ने पंचनामा भरे जाने पर ही पोस्टमार्टम की बात कही। तब एक दरोगा को पोस्टमार्टम हाउस भेजकर कागजी कार्रवाई पूरी की गई। इंस्पेक्टर हरिपाल सिंह बालियान का कहना है कि शुक्रवार दोपहर फिर से पंचनामा भरे जाने की सूचना मिलने पर कार्रवाई पूरी कर दी गई थी। डॉक्टरों का पैनल पहले बना था, लेकिन बाद में दूसरा पैनल गठित होने के कारण पोस्टमार्टम में देरी हुई है। शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुवायां के मोहल्ला छावनी निवासी विनोद कुमार की पत्नी रीना देवी के अनुसार तीन सितंबर की रात वह अपनी 14 वर्षीय पुत्री निशा कश्यप को बुखार की दवा दिलाने नगर के एक निजी अस्पताल ले गईं थीं। डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही निशा की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण फेफड़े और लीवर का खराब होना पाया गया है। परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम सही नहीं हुआ है। पैनल से पोस्टमार्टम, डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने अंतिम संस्कार से मना कर दिया था। पांच सितंबर की रात एडीएम वित्त एवं राजस्व ने पैनल से पोस्टमार्टम कराने और वीडियोग्राफी कराने को मंजूरी दी थी।
विज्ञापन
पुलिस ने बगैर दोबारा पंचनामा भरे बृहस्पतिवार रात ही शव को फिर से पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर डॉक्टरों ने पंचनामा भरे जाने पर ही पोस्टमार्टम की बात कही। तब एक दरोगा को पोस्टमार्टम हाउस भेजकर कागजी कार्रवाई पूरी की गई। इंस्पेक्टर हरिपाल सिंह बालियान का कहना है कि शुक्रवार दोपहर फिर से पंचनामा भरे जाने की सूचना मिलने पर कार्रवाई पूरी कर दी गई थी। डॉक्टरों का पैनल पहले बना था, लेकिन बाद में दूसरा पैनल गठित होने के कारण पोस्टमार्टम में देरी हुई है। शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
विज्ञापन