{"_id":"395441b59c4a45172f716aca3bd65aff","slug":"neetu-and-ajay-bjp-backed-candidate-set-to-compete-in-sp-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा प्रत्याशी नीतू और भाजपा समर्थित अजय में मुकाबला तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा प्रत्याशी नीतू और भाजपा समर्थित अजय में मुकाबला तय
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 01 Jan 2016 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को सपा प्रत्याशी एवं निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष नीतू सिंह और भाजपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव के पुत्र अजय यादव ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर कड़ी सुरक्षा के बीच नामांकन कराया। भाजपा समर्थित अजय ने नामांकन पत्रों के दो सेट दाखिल किए, जबकि नीतू सिंह की ओर से तिहरे पर्चे दाखिल हुए। दोनों प्रत्याशियों के साथ सपा और भाजपा के तमाम शीर्ष पदाधिकारी और जन प्रतिनिधि भी कलक्ट्रेट पहुंचे। हालांकि, नामांकन के लिए डीएम के न्यायालय कक्ष में प्रत्याशियों के साथ केवल उनके प्रस्तावकों और अनुमोदकों को जाने की इजाजत दी गई।
नामांकन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था और अवांछितों की भीड़ रोकने के लिए कलक्ट्रेट गेट से परिसर के अंदर तक बैरीकेडिंग करके डीएम के न्यायालय कक्ष को बृहस्पतिवार रात तक अभेद्य दुर्ग में बदल दिया गया। शुक्रवार को सुबह दस बजे से कलक्ट्रेट के सामने वाली रोड पर कचहरी तिराहा और सुदामा स्कूल के पास स्लाइडिंग बैरियर लगाकर पुलिस ने सामान्य यातायात रोक दिया।
नामांकन का समय दिन में 11 बजे से लेकर अपरान्ह तीन बजे तक नियत किया गया। शुरुआती दो घंटे तक कोई प्रत्याशी नामांकन कराने नहीं पहुंचा। इसके बावजूद डीएम शुभ्रा सक्सेना, एसपी बबलू कुमार, एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय, सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव आदि अधिकारी नामांकन कक्ष में डटे रहे। दोपहर 1.15 बजे भाजपा समर्थित अजय यादव का नामांकन कराने के लिए पार्टी के नगर विधायक और भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना, पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह, जेपीएस राठौर, बसपा के एमएलसी जयेश प्रसाद के निकटस्थ जिला पंचायत सदस्य पति सुधाकर त्रिपाठी, भारतीय कृषक दल के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य प्रमोद यादव आदि कलक्ट्रेट पहुंचे। पीछे कुछ फासले पर सांसद कृष्णा राज भी भाजपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव के साथ कलक्ट्रेट पहुंची।
विज्ञापन
सांसद और नगर विधायक की मौजूदगी में अजय यादव ने नामांकन पत्रों के दो सेट दाखिल किए। भाजपा नेताओं का काफिला वापस होने के बाद करीब एक घंटे तक कलक्ट्रेट में सन्नाटा खिंचा रहा। दोपहर करीब ढाई बजे निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सपा प्रत्याशी नीतू सिंह कलक्ट्रेट पहुंची। उनके साथ राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार, विधायक राजेश यादव, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, प्रत्याशी के पति एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता उपेंद्र पाल सिंह, तिलहर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अनवर अली, गायत्री वर्मा, पंकज वर्मा सर्राफ आदि कलक्ट्रेट पहुुचे।
नीतू सिंह ने रिटर्निंग अधिकारी को नामांकन पत्र के तीन सेट सौंपे। सपा प्रत्याशी द्वारा नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए जाने के बाद नामांकन को केवल आधा घंटा बाकी बचा, लेकिन उस अवधि में अन्य कोई उम्मीदवारी का पर्चा दाखिल करने नहीं पहुंचा। इस तरह जिला पंचायत की लाल बत्ती के लिए सपा प्रत्याशी नीतू सिंह और भाजपा समर्थित अजय यादव में सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव की अंतिम स्थिति चार जनवरी को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन नामांकन कराने वाले दोनों उम्मीदवारों द्वारा पर्चा वापस लिए जाने की संभावना काफी कम है।
मुकाबले से बाहर हुईं बसपा और कांग्रेस
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबले से बसपा और कांग्रेस ने खुद को अलग कर लिया और इसलिए कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा। बसपा को उम्मीद थी कि जिला पंचायत की मेंबरी निर्दलीय के तौर पर जीते एमएलसी जयेश प्रसाद के भाई जीवेश प्रसाद पार्टी टिकट पाने के लिए अनुरोध करेंगे, लेकिन जीवेश ने अध्यक्षी का चुनाव लड़ने मेें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नतीजे में बसपा नेतृत्व ने भी अन्य कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा। उधर, जिला पंचायत की मेंबरी जीतने के बाद कांग्रेस ने भारतीय कृषक दल के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद यादव पर भरोसा जताया, लेकिन उन्हें भाजपा समर्थित अजय यादव के प्रस्तावक की भूमिका में देख कांग्रेस खेमा हाथ मलता रह गया।
विज्ञापन
नामांकन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था और अवांछितों की भीड़ रोकने के लिए कलक्ट्रेट गेट से परिसर के अंदर तक बैरीकेडिंग करके डीएम के न्यायालय कक्ष को बृहस्पतिवार रात तक अभेद्य दुर्ग में बदल दिया गया। शुक्रवार को सुबह दस बजे से कलक्ट्रेट के सामने वाली रोड पर कचहरी तिराहा और सुदामा स्कूल के पास स्लाइडिंग बैरियर लगाकर पुलिस ने सामान्य यातायात रोक दिया।
विज्ञापन
नामांकन का समय दिन में 11 बजे से लेकर अपरान्ह तीन बजे तक नियत किया गया। शुरुआती दो घंटे तक कोई प्रत्याशी नामांकन कराने नहीं पहुंचा। इसके बावजूद डीएम शुभ्रा सक्सेना, एसपी बबलू कुमार, एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय, सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव आदि अधिकारी नामांकन कक्ष में डटे रहे। दोपहर 1.15 बजे भाजपा समर्थित अजय यादव का नामांकन कराने के लिए पार्टी के नगर विधायक और भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना, पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह, जेपीएस राठौर, बसपा के एमएलसी जयेश प्रसाद के निकटस्थ जिला पंचायत सदस्य पति सुधाकर त्रिपाठी, भारतीय कृषक दल के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य प्रमोद यादव आदि कलक्ट्रेट पहुंचे। पीछे कुछ फासले पर सांसद कृष्णा राज भी भाजपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव के साथ कलक्ट्रेट पहुंची।
विज्ञापन
सांसद और नगर विधायक की मौजूदगी में अजय यादव ने नामांकन पत्रों के दो सेट दाखिल किए। भाजपा नेताओं का काफिला वापस होने के बाद करीब एक घंटे तक कलक्ट्रेट में सन्नाटा खिंचा रहा। दोपहर करीब ढाई बजे निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सपा प्रत्याशी नीतू सिंह कलक्ट्रेट पहुंची। उनके साथ राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार, विधायक राजेश यादव, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, प्रत्याशी के पति एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता उपेंद्र पाल सिंह, तिलहर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अनवर अली, गायत्री वर्मा, पंकज वर्मा सर्राफ आदि कलक्ट्रेट पहुुचे।
नीतू सिंह ने रिटर्निंग अधिकारी को नामांकन पत्र के तीन सेट सौंपे। सपा प्रत्याशी द्वारा नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए जाने के बाद नामांकन को केवल आधा घंटा बाकी बचा, लेकिन उस अवधि में अन्य कोई उम्मीदवारी का पर्चा दाखिल करने नहीं पहुंचा। इस तरह जिला पंचायत की लाल बत्ती के लिए सपा प्रत्याशी नीतू सिंह और भाजपा समर्थित अजय यादव में सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव की अंतिम स्थिति चार जनवरी को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन नामांकन कराने वाले दोनों उम्मीदवारों द्वारा पर्चा वापस लिए जाने की संभावना काफी कम है।
मुकाबले से बाहर हुईं बसपा और कांग्रेस
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मुकाबले से बसपा और कांग्रेस ने खुद को अलग कर लिया और इसलिए कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा। बसपा को उम्मीद थी कि जिला पंचायत की मेंबरी निर्दलीय के तौर पर जीते एमएलसी जयेश प्रसाद के भाई जीवेश प्रसाद पार्टी टिकट पाने के लिए अनुरोध करेंगे, लेकिन जीवेश ने अध्यक्षी का चुनाव लड़ने मेें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नतीजे में बसपा नेतृत्व ने भी अन्य कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा। उधर, जिला पंचायत की मेंबरी जीतने के बाद कांग्रेस ने भारतीय कृषक दल के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद यादव पर भरोसा जताया, लेकिन उन्हें भाजपा समर्थित अजय यादव के प्रस्तावक की भूमिका में देख कांग्रेस खेमा हाथ मलता रह गया।