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चैत्र नवरात्रि 2020 में चार सर्वार्थ सिद्धि योग
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शाहजहांपुर। चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हर साल नवरात्र शुरू होते हैं। इस बार वासंतिक नवरात्र 25 मार्च से शुरू होंगे। इसी दिन से विक्रम नवसंवत्सर 2077 की शुरुआत होगी। इस बार हिंदी नववर्ष का राजा बुध रहेगा, क्योंकि बुधवार के दिन से ही नए साल का प्रारंभ होने जा रहा है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस बार नवरात्रि में कई शुभ योग भी पड़ रहे हैं। इन योगों में मां की पूजा फलदायी मानी गई।
रुद्र बालाजी धाम के पुजारी डॉ. केके शुक्ला ने बताया कि चैत्र नवरात्रि में चार सर्वार्थ सिद्धि योग, पांच रवि योग और एक गुरु पुष्य योग रहेगा। माना जा रहा है कि इन शुभ योग के कारण मां की पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
चैत्र नवरात्रि घट स्थापना मुहूर्त
बुधवार, मार्च 25 को
घटस्थापना मुहूर्त सुबह 05:56 से दोपहर 03:50 तक
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ मार्च 24, 2020 को रात 01:43 बजे से
प्रतिपदा तिथि समाप्त मार्च 25, 2020 को दोपहर 03:50 बजे तक है ।
कलश स्थापना की विधि
विशेष मुहूर्त मीन लग्न में सुबह 6:57 बजे तक कलश स्थापना करें। अभिजीत मुहूर्त में पूर्वाह्न 11:35 से दोपहर 12:23 तक है। कलश स्थापना के लिए मिट्टी में जौ मिलाकर मिट्टी या तांबे के कलश में जल भरकर रखें। कलावा बांधें कलश में जल, लौंग, सुपारी, सर्व औषधि सहित सिक्का डालें। आम के पत्ते लगाकर पूर्ण पात्र में चावल भरकर कलश पर रखें। फिर नारियल में लाल कपड़ा बांधकर पूर्ण पात्र पर रखकर कलश स्थापना की प्रक्रिया पूर्ण करें।
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नवरात्रि के नौ दिन
25 मार्च- पहला दिन- प्रतिपदा- मां शैलपुत्री की उपासना
26 मार्च- दूसरा दिन- द्वितीया- मां ब्रह्मचारिणी की उपासना
27 मार्च- तीसरा दिन- तृतीया- मां चंद्रघंटा की उपासना
28 मार्च- चौथा दिन- चतुर्थी तिथि- मां कूष्मांडा की उपासना
29 मार्च- पांचवां दिन- पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता की उपासना
30 मार्च- छठा दिन- षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी की उपासना
31 मार्च- सातवां दिन- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि की उपासना
01 अप्रैल- आठवां दिन- अष्टमी तिथि- मां महागौरी की उपासना
02 अप्रैल- नौवां दिन- नवमी तिथि- मां सिद्धिदात्री की उपासना
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रुद्र बालाजी धाम के पुजारी डॉ. केके शुक्ला ने बताया कि चैत्र नवरात्रि में चार सर्वार्थ सिद्धि योग, पांच रवि योग और एक गुरु पुष्य योग रहेगा। माना जा रहा है कि इन शुभ योग के कारण मां की पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
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चैत्र नवरात्रि घट स्थापना मुहूर्त
बुधवार, मार्च 25 को
घटस्थापना मुहूर्त सुबह 05:56 से दोपहर 03:50 तक
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ मार्च 24, 2020 को रात 01:43 बजे से
प्रतिपदा तिथि समाप्त मार्च 25, 2020 को दोपहर 03:50 बजे तक है ।
कलश स्थापना की विधि
विशेष मुहूर्त मीन लग्न में सुबह 6:57 बजे तक कलश स्थापना करें। अभिजीत मुहूर्त में पूर्वाह्न 11:35 से दोपहर 12:23 तक है। कलश स्थापना के लिए मिट्टी में जौ मिलाकर मिट्टी या तांबे के कलश में जल भरकर रखें। कलावा बांधें कलश में जल, लौंग, सुपारी, सर्व औषधि सहित सिक्का डालें। आम के पत्ते लगाकर पूर्ण पात्र में चावल भरकर कलश पर रखें। फिर नारियल में लाल कपड़ा बांधकर पूर्ण पात्र पर रखकर कलश स्थापना की प्रक्रिया पूर्ण करें।
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नवरात्रि के नौ दिन
25 मार्च- पहला दिन- प्रतिपदा- मां शैलपुत्री की उपासना
26 मार्च- दूसरा दिन- द्वितीया- मां ब्रह्मचारिणी की उपासना
27 मार्च- तीसरा दिन- तृतीया- मां चंद्रघंटा की उपासना
28 मार्च- चौथा दिन- चतुर्थी तिथि- मां कूष्मांडा की उपासना
29 मार्च- पांचवां दिन- पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता की उपासना
30 मार्च- छठा दिन- षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी की उपासना
31 मार्च- सातवां दिन- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि की उपासना
01 अप्रैल- आठवां दिन- अष्टमी तिथि- मां महागौरी की उपासना
02 अप्रैल- नौवां दिन- नवमी तिथि- मां सिद्धिदात्री की उपासना