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शाहजहांपुर को नगर निगम बनाने पर हाईकोर्ट ने लगाई मुहर
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शाहजहांपुर। उच्च न्यायालय प्रयागराज ने बुधवार को शाहजहांपुर नगर निगम पर अपनी मोहर लगा दी। जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने नगर निगम मान लिया है और चुनाव समेत अग्रिम अन्य कार्य योजना के लिए 13 नवंबर की तारीख लगाई गई है।
प्रदेश के वित्त, संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि हाईकोर्ट ने शाहजहांपुर को नगर निगम का दर्जा देने का आदेश पारित किया है। जबकि चुनाव और अन्य जरूरी कार्रवाई के लिए 13 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल 2018 को नगर निगम के घोषित होने के बाद तत्कालीन चेयरमैन जहांआरा बेगम ने इसके विरोध में हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया था। लगभग डेढ़ साल के बाद नगर निगम पर हाईकोर्ट की मुहर लग गई है। कैबिनेट मंत्री खन्ना ने इसे बड़ी जीत बताते हुए आमजन को बधाई दी है।
यहां बता दें कि 26 नवंबर 2017 को नगर पालिका का चुनाव हुआ था। चूंकि नगर पालिका की महिला सीट हो गई थी, इसलिए इस चुनाव में सपा जिलाध्यक्ष एवं तत्कालीन चेयरमैन तनवीर खां ने अपनी मां जहांआरा बेगम को तथा भाजपा ने पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद की पत्नी नीलिमा प्रसाद को चुनाव मैदान में उतारा था। इन्हीं दोनों के बीच कांटे की टक्कर भी हुई थी। चुनाव के आए नतीजों में जहांआरा बेगम विजेता घोषित की गईं थीं। लगभग 63,500 मत प्राप्त करने वाली जहांआरा बेगम ने करीब पौने छह हजार वोटों से अपनी निकटतम प्रत्याशी भाजपा की नीलिमा प्रसाद को पराजित किया था। इसके बाद जहांआरा बेगम ने 12 दिसंबर 2017 को चेयरमैन पद की शपथ ली थी।
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शाहजहांपुर को नगर निगम बनाने के प्रयास में जुटे कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने 25 अप्रैल 2018 को प्रदेश का 18वां नगर निगम बनवाने में सफलता अर्जित की थी, जिसके विरोध में तत्कालीन चेयरमैन जहांआरा बेगम ने हाईकोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया था।
निवर्तमान चेयरमैन जहांआरा बेगम के पुत्र एवं पूर्व चेयरमैन तनवीर खां का कहना है कि वह चुनाव के लिए हर समय तैयार हैं। शाहजहांपुर को नगर निगम घोषित कराकर नगर की जनता और मां के साथ धोखा किया गया था। बिना किसी नोटिस के घोषित किए गए नगर निगम से लोग परेशान हो गए। यदि जरूरी था, तो नगर पालिका चुनाव से पहले ही नगर निगम बना देते। चुनाव के महज चार माह बाद नगर निगम घोषित होना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं था।
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प्रदेश के वित्त, संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि हाईकोर्ट ने शाहजहांपुर को नगर निगम का दर्जा देने का आदेश पारित किया है। जबकि चुनाव और अन्य जरूरी कार्रवाई के लिए 13 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल 2018 को नगर निगम के घोषित होने के बाद तत्कालीन चेयरमैन जहांआरा बेगम ने इसके विरोध में हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया था। लगभग डेढ़ साल के बाद नगर निगम पर हाईकोर्ट की मुहर लग गई है। कैबिनेट मंत्री खन्ना ने इसे बड़ी जीत बताते हुए आमजन को बधाई दी है।
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यहां बता दें कि 26 नवंबर 2017 को नगर पालिका का चुनाव हुआ था। चूंकि नगर पालिका की महिला सीट हो गई थी, इसलिए इस चुनाव में सपा जिलाध्यक्ष एवं तत्कालीन चेयरमैन तनवीर खां ने अपनी मां जहांआरा बेगम को तथा भाजपा ने पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद की पत्नी नीलिमा प्रसाद को चुनाव मैदान में उतारा था। इन्हीं दोनों के बीच कांटे की टक्कर भी हुई थी। चुनाव के आए नतीजों में जहांआरा बेगम विजेता घोषित की गईं थीं। लगभग 63,500 मत प्राप्त करने वाली जहांआरा बेगम ने करीब पौने छह हजार वोटों से अपनी निकटतम प्रत्याशी भाजपा की नीलिमा प्रसाद को पराजित किया था। इसके बाद जहांआरा बेगम ने 12 दिसंबर 2017 को चेयरमैन पद की शपथ ली थी।
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शाहजहांपुर को नगर निगम बनाने के प्रयास में जुटे कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने 25 अप्रैल 2018 को प्रदेश का 18वां नगर निगम बनवाने में सफलता अर्जित की थी, जिसके विरोध में तत्कालीन चेयरमैन जहांआरा बेगम ने हाईकोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया था।
निवर्तमान चेयरमैन जहांआरा बेगम के पुत्र एवं पूर्व चेयरमैन तनवीर खां का कहना है कि वह चुनाव के लिए हर समय तैयार हैं। शाहजहांपुर को नगर निगम घोषित कराकर नगर की जनता और मां के साथ धोखा किया गया था। बिना किसी नोटिस के घोषित किए गए नगर निगम से लोग परेशान हो गए। यदि जरूरी था, तो नगर पालिका चुनाव से पहले ही नगर निगम बना देते। चुनाव के महज चार माह बाद नगर निगम घोषित होना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं था।