{"_id":"6463d9f706fbc5c969060225","slug":"municipal-employee-dies-as-soon-as-injection-uproar-shahjahanpur-news-c-4-1-156807-2023-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: इंजेक्शन लगते ही नगर निगम के कर्मचारी की मौत, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: इंजेक्शन लगते ही नगर निगम के कर्मचारी की मौत, हंगामा
Wed, 17 May 2023 01:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 17 May 2023 01:01 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भारद्वाजी निवासी आनंद वाल्मीकि (35) की मंगलवार शाम राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। आरोप है कि इंजेक्शन लगाने से मौत हुई। इसे लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर लोगों को शांत किया।
डोरी लाल का पुत्र आनंद नगर निगम में कर्मचारी था। मंगलवार शाम पेट में दर्द होने पर परिजन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। ट्रामा सेंटर में उसे भर्ती किया गया। परिजनों का आरोप है कि पहले तो डॉक्टर ने उनकी सुनवाई नहीं की। काफी प्रयास करने के बाद इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर के बाद ही आनंद की मौत हो गई। इससे परिजन भड़क गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर चौक कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया है। पति की मौत के बाद पत्नी आरती का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर उपचार करने के नाम पर दस हजार रुपये की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डोरी लाल का पुत्र आनंद नगर निगम में कर्मचारी था। मंगलवार शाम पेट में दर्द होने पर परिजन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। ट्रामा सेंटर में उसे भर्ती किया गया। परिजनों का आरोप है कि पहले तो डॉक्टर ने उनकी सुनवाई नहीं की। काफी प्रयास करने के बाद इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर के बाद ही आनंद की मौत हो गई। इससे परिजन भड़क गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
विज्ञापन
सूचना पर चौक कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवा दिया है। पति की मौत के बाद पत्नी आरती का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर उपचार करने के नाम पर दस हजार रुपये की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन