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‘मानसून एक्सप्रेस’ की आहट पाकर खरीफ की तैयारियां
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Wed, 11 May 2016 12:05 AM IST
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पिछले दो फसली सीजन में औसत से कम वर्षा के कारण सूखा जैसे हालातों से लड़ते हुए गेहूं और धान के सीजन में नुकसान उठा चुके किसानों को आगामी खरीफ सीजन में बेहतर पैदावार के लिए सारी उम्मीदें मानसून पर टिकी हैं। मौसम वैज्ञानिकों द्वारा इस वर्ष मानसून की सामान्य से अधिक वर्षा के कयास लगाए जाने से कृषि विभाग भी सक्रिय हो गया है। अधिकारियों ने खरीफ सीजन में बेहतर पैदावार के लिए विभिन्न फसलों का रकबा निर्धारित करके उसी के सापेक्ष उर्वरकों, बीज आदि की मांग का आकलन शुरू कर दिया है।
बेहतर बारिश होने पर भरेगा धान का कटोरा
शासन से गत वर्ष जिले को 2.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई कराने का लक्ष्य मिला था, लेकिन सामान्य से बेहद कम बारिश होने के कारण सूखा जैसे हालात बनते देख किसानों ने वैकल्पिक फसलों की बुवाई शुरू कर दी। नतीजे में सिर्फ 1.60 लाख हेक्टेयर में धान पौध लगाई जा सकी। इसके अतिरिक्त आठ हजार हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष 40 हजार हेक्टेयर में तिल और 8258 हेक्टेयर लक्ष्य की तुलना में 25 हजार हेक्टेयर में उड़द की फसलें ली गईं। कृषि विज्ञान केंद्र के शस्य वैज्ञानिक डॉ. केएम सिंह के अनुसार इस वर्ष औसत से अधिक वर्षा का अनुमान वक्त की कसौटी पर सही साबित हुआ तो जिले में धान का कटोरा भरना तय है।
खपत अनुमान के आधार पर शासन से मांगे उर्वरक
कृषि विभाग को खरीफ सीजन की फसलों में विभिन्न श्रेणियों का एक लाख 17 हजार 190 मीट्रिक टन उर्वरक खपने का अनुमान है। इसी आधार पर 97738 टन यूरिया, 13 हजार टन डीएपी, 1663 टन एनपीके, 1937 टन पोटाश और 2852 टन सिंगल सुपर फास्फेट की डिमांड शासन को भेजी गई है।
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बीज खरीदने पर खातों में जाएगी अनुदान धनराशि
खरीफ सीजन में धान समेत मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, अरहर, तिल, सोयाबीन, मूंगफली और हरी खाद के लिए ढैंचा की बुवाई को शासन ने जिले में 25853 क्विंटल बीज बुवाई लक्ष्य निर्धारित किया है। सभी राजकीय कृषि बीज भंडारों और निजी संस्थाओं को सभी बीज मूल्य निर्धारित कर उपलब्ध करा दिए गए हैं। साथ ही प्रति हेक्टेयर बीज की अधिकतम मात्रा निर्धारित की गई है, जिससे कि कालाबाजारी की शिकायतें नहीं मिलें। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार किसानों को बीज पूरे मूल्य पर लेना होगा और अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
मानसून एक्सप्रेस समय से पहले आने के आसार
एक दिन पहले बैरोमीटर डाउन होने पर जिले में बादल छाए, लेकिन मंगलवार को सुबह कहीं-कहीं सिर्फ मामूली बूंदाबांदी हुई। जिले में मानसूनी वर्षा 20 जून के बाद आरंभ होती है, लेकिन इस बार मानसून एक्सप्रेस यहां पहले ही आने के आसार हैं। उम्मीद है कि 18 जून से झमाझम बरसात का दौर शुरू हो जाएगा।
-डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद
धान की रोपाई के शुरुआती दौर में डीएपी लगाने की जरूरत पड़ती है। इसलिए डीएपी का 18 हजार टन बफर स्टॉक कर लिया गया है। 21 हजार टन यूरिया और तीन हजार टन एनपीके भी उपलब्ध है। प्राइवेट कंपनियों के पास भी बफर स्टॉक है, लेकिन इसका वितरण किसानों की मांग पर डीएम की संस्तुति लेकर किया जाएगा। -अखिलानंद पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
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बेहतर बारिश होने पर भरेगा धान का कटोरा
शासन से गत वर्ष जिले को 2.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई कराने का लक्ष्य मिला था, लेकिन सामान्य से बेहद कम बारिश होने के कारण सूखा जैसे हालात बनते देख किसानों ने वैकल्पिक फसलों की बुवाई शुरू कर दी। नतीजे में सिर्फ 1.60 लाख हेक्टेयर में धान पौध लगाई जा सकी। इसके अतिरिक्त आठ हजार हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष 40 हजार हेक्टेयर में तिल और 8258 हेक्टेयर लक्ष्य की तुलना में 25 हजार हेक्टेयर में उड़द की फसलें ली गईं। कृषि विज्ञान केंद्र के शस्य वैज्ञानिक डॉ. केएम सिंह के अनुसार इस वर्ष औसत से अधिक वर्षा का अनुमान वक्त की कसौटी पर सही साबित हुआ तो जिले में धान का कटोरा भरना तय है।
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खपत अनुमान के आधार पर शासन से मांगे उर्वरक
कृषि विभाग को खरीफ सीजन की फसलों में विभिन्न श्रेणियों का एक लाख 17 हजार 190 मीट्रिक टन उर्वरक खपने का अनुमान है। इसी आधार पर 97738 टन यूरिया, 13 हजार टन डीएपी, 1663 टन एनपीके, 1937 टन पोटाश और 2852 टन सिंगल सुपर फास्फेट की डिमांड शासन को भेजी गई है।
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बीज खरीदने पर खातों में जाएगी अनुदान धनराशि
खरीफ सीजन में धान समेत मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, अरहर, तिल, सोयाबीन, मूंगफली और हरी खाद के लिए ढैंचा की बुवाई को शासन ने जिले में 25853 क्विंटल बीज बुवाई लक्ष्य निर्धारित किया है। सभी राजकीय कृषि बीज भंडारों और निजी संस्थाओं को सभी बीज मूल्य निर्धारित कर उपलब्ध करा दिए गए हैं। साथ ही प्रति हेक्टेयर बीज की अधिकतम मात्रा निर्धारित की गई है, जिससे कि कालाबाजारी की शिकायतें नहीं मिलें। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार किसानों को बीज पूरे मूल्य पर लेना होगा और अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
मानसून एक्सप्रेस समय से पहले आने के आसार
एक दिन पहले बैरोमीटर डाउन होने पर जिले में बादल छाए, लेकिन मंगलवार को सुबह कहीं-कहीं सिर्फ मामूली बूंदाबांदी हुई। जिले में मानसूनी वर्षा 20 जून के बाद आरंभ होती है, लेकिन इस बार मानसून एक्सप्रेस यहां पहले ही आने के आसार हैं। उम्मीद है कि 18 जून से झमाझम बरसात का दौर शुरू हो जाएगा।
-डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद
धान की रोपाई के शुरुआती दौर में डीएपी लगाने की जरूरत पड़ती है। इसलिए डीएपी का 18 हजार टन बफर स्टॉक कर लिया गया है। 21 हजार टन यूरिया और तीन हजार टन एनपीके भी उपलब्ध है। प्राइवेट कंपनियों के पास भी बफर स्टॉक है, लेकिन इसका वितरण किसानों की मांग पर डीएम की संस्तुति लेकर किया जाएगा। -अखिलानंद पांडेय, जिला कृषि अधिकारी