Shahjahanpur News: 101 आधुनिक मदरसों के शिक्षकों की नौकरी पर मंडराया खतरा, जानिए क्या है वजह
मदरसा आधुनिकीकरण योजना में ग्रहण लग गया है, जिससे 272 शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है।
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शाहजहांपुर में तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी द्वारा संचालित की गई मदरसा आधुनिकीकरण योजना में ग्रहण लग गया है। मदरसों में दीनी के साथ दुनियावी तालीम देने के लिए नियुक्त किए आधुनिक शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। योजना का रिन्यूवल न होने के कारण 272 शिक्षक पसोपेश में हैं।
मदरसों में आधुनिक विषयों की शिक्षा देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने योजना को शुरू किया था। उसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने मदरसों की स्थापना कर योजना को कामयाब करने को दिलचस्पी दिखाई। योजना से लाभ प्राप्त करने वाले मदरसा में दीनी तालीम के साथ-साथ आधुनिक विषय हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान व सामाजिक विषयों की शिक्षा छात्रों को मिलने लगी।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में केंद्र सरकार ने योजना के लिए बजट जारी नहीं किया। इससे शिक्षकों के शिक्षण कार्य का मानदेय तक नहीं मिल सका। इस तरह अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा आधुनिकीकरण योजना का नवीनीकरण नहीं कराया गया। योजना का नवीनीकरण न होने से मदरसों में कार्यरत शिक्षकों के मानदेय पर ग्रहण लग गया है, साथ ही शिक्षकों को अपनी नौकरी जाने का खतरा भी मंडरा रहा है।
अरबी फारसी मदारिस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियां ने बताया कि मदरसा आधुनिकीकरण योजना 1998 में भाजपा के शासन काल में प्रारंभ हुई थी। इस वर्ष योजना का नवीनीकरण नहीं होना अच्छा संकेत नहीं है। प्रदेश सरकार से अपील है कि वह राज्य स्तर से योजना का संचालन करें।