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होली पर जरा संभलकर खरीदारी करें जनाब.. कहीं लापरवाही कर न दे बीमार
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शाहजहांपुर। मिलावटी उत्पादों को खपाने के लिए होली का बाजार सज चुका है। बाजार में बिक रही मटर की नमकीन की हरियाली बढ़ गई है, वहीं पीली हल्दी रंग की मिलावट से लाल रंग जैसी दिख रही है। कचरी और नमकीन का भी यही हाल है। मावा, घी, तेल और बेसन में सबसे ज्यादा मिलावटखोरी है। अगले एक सप्ताह में बाजार में इस तरह के ही उत्पादों की मात्रा और ज्यादा बढ़ जाएगी। मगर एफएसडीए के अधिकारी इन सबसे बेपरवाह हैं। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत की जिम्मेदारी खुद ही संभालनी होगी।
घरों और दुकानों पर तैयार की जाने वाली नमकीन में दालों के साथ उसमें तली हुई हरी मटर खूब पसंद की जाती है। सूखी हरी मटर महंगी पड़ती है, इसलिए दुकानदार कनाडा मटर के नाम से बिकने वाली हल्के पीले रंग की सूखी मटर में रंग मिलाकर हरा कर देते हैं। रंग भी इतना ज्यादा होता है कि इसे पानी में डालने पर पानी हरा हो जाता हैै। इसी तरह नमकीन सेव, खुरमा, आलू पापड़ आदि में प्रयोग की जाने वाली हल्दी में अरारोट के साथ ही रंग की मिलावट होती है। इसी तरह की हल्दी के एक नमूने की प्रयोगशाला जांच में मैटेलिक यलो कलर की मिलावट पाई जा चुकी है।
अल्हागंज में जब्त की थी कई क्विंटल मिलावटी सोनपापड़ी
दिवाली पर एसएफडीए की टीम ने एक फैक्टरी पर छापा मारकर करीब साढ़े सात क्विंटल सोनपापड़ी बरामद की थी, जिसे टीम ने जेसीबी से गड्ढ़ा खोदकर पैकिंग समेत दबा दिया था। सोनपापड़ी को सही तरीके से नष्ट न करने पर मिलावटखोर रातों रात डिब्बे खोदकर ले गए थे।
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मावा के दाम चढ़ने के साथ बढ़ती है मिलावट
होली के मुख्य पकवान में शामिल गुझिया दो-तीन दिन पहले तैयार की जाती है इसलिए अभी मावा की डिमांड नहीं बढ़ी है। होली नजदीक आने के साथ ही मावा मेें आलू-शकरकंद आदि स्टार्चयुक्त चीजों की मिलावट बढ़ने लगती है। पिछले साल होली से दो दिन पहले एफएसडीए ने केरूगंज के खोया मार्केट मेें छापेमारी कर 350 रुपये किलो बिक रहा मावा मिलावट के संदेह पर नष्ट कराया। जांच में इसमें मैदा की मिलावट पाई गई।
कई क्वालिटी के बेसन, अलग-अलग रेट
नमकीन में बेसन की मुख्य खपत होती है। इसकी डिमांड बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरी भी बढ़ गई है। बहादुरगंज गल्ला मंडी से लोहामंडी तिराहा के बीच किराना की दुकानों पर भाव लेने के साथ ही मिलावटखोरी का भी अंदाजा हो जाता है। यहां चना दाल से तैयार बताकर कुछ बेसन 90-110 रुपये किलो और मटर एवं चावल कनकी की मिलावट वाला बेसन 60 से 80 रुपये किलो बिकता है। इसके अलावा मैदा में पीला रंग मिलाकर भी बेसन में मिला दिया जाता है।
सरसों तेल बताकर बिक रहा राइस ब्रान ऑयल
नमकीन बनाने से लेकर सब्जियों मेें ज्यादातर सरसों के तेल की खपत होती है, लेकिन इसमें भी सस्ते राइस ब्रॉन ऑयल की मिलावट हो रही है। राइस ब्रान ऑयल में ही मैटेलिक यलो कलर और एसेंस मिलाकर नकली सरसों तेल की बिक्री बढ़ जाती है। इस बार तेल में मिलावट का खेल पहले से हो रहा है क्योंकि भारत सरकार ने मलयेशिया से इस तेल के आयात पर प्रतिबंध लागू कर रखा है।
होली को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मिलावट रोकने को पहले ही सतर्क किया जा चुका है। शनिवार और रविवार को शहर के कैटरर्स और मिठाई विक्रेताओं की कार्यशाला आयोजित कर उन्हें बताया जाएगा कि जिन चीजों से गुझिया, मिठाइयां, नमकीन आदि तैयार की जानी हैं, उन्हें खरीदने से पहले क्या सावधानियां बरती जानी चाहिए। बाजारों में जल्द छापे मारने शुरू किए जाएंगे। - वीके वर्मा, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग
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घरों और दुकानों पर तैयार की जाने वाली नमकीन में दालों के साथ उसमें तली हुई हरी मटर खूब पसंद की जाती है। सूखी हरी मटर महंगी पड़ती है, इसलिए दुकानदार कनाडा मटर के नाम से बिकने वाली हल्के पीले रंग की सूखी मटर में रंग मिलाकर हरा कर देते हैं। रंग भी इतना ज्यादा होता है कि इसे पानी में डालने पर पानी हरा हो जाता हैै। इसी तरह नमकीन सेव, खुरमा, आलू पापड़ आदि में प्रयोग की जाने वाली हल्दी में अरारोट के साथ ही रंग की मिलावट होती है। इसी तरह की हल्दी के एक नमूने की प्रयोगशाला जांच में मैटेलिक यलो कलर की मिलावट पाई जा चुकी है।
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अल्हागंज में जब्त की थी कई क्विंटल मिलावटी सोनपापड़ी
दिवाली पर एसएफडीए की टीम ने एक फैक्टरी पर छापा मारकर करीब साढ़े सात क्विंटल सोनपापड़ी बरामद की थी, जिसे टीम ने जेसीबी से गड्ढ़ा खोदकर पैकिंग समेत दबा दिया था। सोनपापड़ी को सही तरीके से नष्ट न करने पर मिलावटखोर रातों रात डिब्बे खोदकर ले गए थे।
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मावा के दाम चढ़ने के साथ बढ़ती है मिलावट
होली के मुख्य पकवान में शामिल गुझिया दो-तीन दिन पहले तैयार की जाती है इसलिए अभी मावा की डिमांड नहीं बढ़ी है। होली नजदीक आने के साथ ही मावा मेें आलू-शकरकंद आदि स्टार्चयुक्त चीजों की मिलावट बढ़ने लगती है। पिछले साल होली से दो दिन पहले एफएसडीए ने केरूगंज के खोया मार्केट मेें छापेमारी कर 350 रुपये किलो बिक रहा मावा मिलावट के संदेह पर नष्ट कराया। जांच में इसमें मैदा की मिलावट पाई गई।
कई क्वालिटी के बेसन, अलग-अलग रेट
नमकीन में बेसन की मुख्य खपत होती है। इसकी डिमांड बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरी भी बढ़ गई है। बहादुरगंज गल्ला मंडी से लोहामंडी तिराहा के बीच किराना की दुकानों पर भाव लेने के साथ ही मिलावटखोरी का भी अंदाजा हो जाता है। यहां चना दाल से तैयार बताकर कुछ बेसन 90-110 रुपये किलो और मटर एवं चावल कनकी की मिलावट वाला बेसन 60 से 80 रुपये किलो बिकता है। इसके अलावा मैदा में पीला रंग मिलाकर भी बेसन में मिला दिया जाता है।
सरसों तेल बताकर बिक रहा राइस ब्रान ऑयल
नमकीन बनाने से लेकर सब्जियों मेें ज्यादातर सरसों के तेल की खपत होती है, लेकिन इसमें भी सस्ते राइस ब्रॉन ऑयल की मिलावट हो रही है। राइस ब्रान ऑयल में ही मैटेलिक यलो कलर और एसेंस मिलाकर नकली सरसों तेल की बिक्री बढ़ जाती है। इस बार तेल में मिलावट का खेल पहले से हो रहा है क्योंकि भारत सरकार ने मलयेशिया से इस तेल के आयात पर प्रतिबंध लागू कर रखा है।
होली को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को मिलावट रोकने को पहले ही सतर्क किया जा चुका है। शनिवार और रविवार को शहर के कैटरर्स और मिठाई विक्रेताओं की कार्यशाला आयोजित कर उन्हें बताया जाएगा कि जिन चीजों से गुझिया, मिठाइयां, नमकीन आदि तैयार की जानी हैं, उन्हें खरीदने से पहले क्या सावधानियां बरती जानी चाहिए। बाजारों में जल्द छापे मारने शुरू किए जाएंगे। - वीके वर्मा, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग