{"_id":"613274e28ebc3e7c29221a4c","slug":"medicine-shahjahanpur-news-bly458450340","type":"story","status":"publish","title_hn":"सख्ती के अभाव में धड़ल्ले से बिक रहीं नशीली दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सख्ती के अभाव में धड़ल्ले से बिक रहीं नशीली दवाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। दवाओं की आड़ में नशे के धंधेबाज जनपद में पहले भी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर रोक नहीं लग सकी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) ने दवा प्रतिष्ठानों की जांच के लिए कभी सघन अभियान नहीं चलाया। अब पंजाब की पटियाला पुलिस द्वारा भारी मात्रा में नशीली दवाओं समेत जिले के तीन धंधेबाज पकड़े जाने के बाद फिर यह साबित हुआ है कि नशीली दवाओं के स्थानीय सौदागरों ने पंजाब समेत अन्य राज्यों पर जाल फैला रखा है।
19 दिसंबर 2019 में बरेली रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पंजाब के दो युवकों के पास से नशीली गोलियां और पशुओं का दूध निकालने में इस्तेमाल होने वाले हार्मोनल इंजेक्शन ऑक्सीटोसिन के एंपुल जब्त किए थे। पकड़े गए युवकों ने आरपीएफ को यह भी बताया था कि वह नशीली ड्रग और इंजेक्शन कलान के एक मेडिकल स्टोर से खरीदकर पंजाब के शहरों तक पहुंचाते हैं। इसके बाद औषधि प्रशासन उपायुक्त ने औषधि निरीक्षकों की जांच टीम गठित की थी। टीम ने पकड़े गए युवकों की निशानदेही पर अगले दिन कलान में बदायूं मार्ग स्थित एक भाजपा नेता के मेडिकल स्टोर पर से एक बोरा नशीली दवाएं और प्रतिबंधित आक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किए थे। इंजेक्शन एंपुल के दो नमूने जांच में गुणवत्ताहीन पाए गए।
बाद मेें औषधि निरीक्षक देशबंधु विमल द्वारा मेडिकल स्टोर चेक करने पर वहां से नशे में इस्तेमाल होने वाली दर्दनिवारक ट्रामाडोल समेत अन्य प्रतिबंधित दवाएं जब्त कर संबंधितों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमे दर्ज कराए, लेकिन नशीली दवाओं का धंधा जारी रहा। पिछले साल दिसंबर में औषधि उपायुक्त के नेतृत्व में बरेली से आई टीम ने रोजा क्षेत्र के सिसौआ गांव में बगैर लाइसेंस के दो मेडिकल स्टोर पकड़े थे। हाल ही में शहर की एक मोबाइल शॉप पर विभागीय टीम ने छापा मारकर वहां से नशे में इस्तेमाल होने वाले कफ सीरप की शीशियां बरामद कीं। अब पटियाला पुलिस ने नशीली दवाओं के तीन धंधेबाजों को पकड़कर यहां के विभागीय अधिकारियों की अक्षमता उजागर की है।
विज्ञापन
एफएसडीए केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी करता है। कहने को औषधि निरीक्षक का पद विभाग के अधीन है, लेकिन दवाओं के कारोबार की निगरानी का प्रशासनिक तंत्र अलग है। इसीलिए औषधि निरीक्षक मेरे अधीन कार्य करने के बजाय सीधे निदेशालय से नियंत्रित होते हैं और अपने स्तर से होने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट मुझे करने के बजाय सीधे ऊपर भेजते हैं।
- विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए
पटियाला पुलिस दो दिन पहले आई थी और यहां से तीन लोगों को लेजाकर उनसे भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की हैं। इस कार्रवाई की मुझे कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। दवा प्रतिष्ठानों की नियमित जांच हो रही है और वहां एनडीपीएस एक्ट के दायरे में आने वाली दवाओं का स्टॉक चेक किया जा रहा है। नशीली दवाओं के धंधेबाजों की धरपकड़ के लिए सर्विलांस की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
-देशबंधु विमल, औषधि निरीक्षक।
विज्ञापन
19 दिसंबर 2019 में बरेली रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पंजाब के दो युवकों के पास से नशीली गोलियां और पशुओं का दूध निकालने में इस्तेमाल होने वाले हार्मोनल इंजेक्शन ऑक्सीटोसिन के एंपुल जब्त किए थे। पकड़े गए युवकों ने आरपीएफ को यह भी बताया था कि वह नशीली ड्रग और इंजेक्शन कलान के एक मेडिकल स्टोर से खरीदकर पंजाब के शहरों तक पहुंचाते हैं। इसके बाद औषधि प्रशासन उपायुक्त ने औषधि निरीक्षकों की जांच टीम गठित की थी। टीम ने पकड़े गए युवकों की निशानदेही पर अगले दिन कलान में बदायूं मार्ग स्थित एक भाजपा नेता के मेडिकल स्टोर पर से एक बोरा नशीली दवाएं और प्रतिबंधित आक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किए थे। इंजेक्शन एंपुल के दो नमूने जांच में गुणवत्ताहीन पाए गए।
विज्ञापन
बाद मेें औषधि निरीक्षक देशबंधु विमल द्वारा मेडिकल स्टोर चेक करने पर वहां से नशे में इस्तेमाल होने वाली दर्दनिवारक ट्रामाडोल समेत अन्य प्रतिबंधित दवाएं जब्त कर संबंधितों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमे दर्ज कराए, लेकिन नशीली दवाओं का धंधा जारी रहा। पिछले साल दिसंबर में औषधि उपायुक्त के नेतृत्व में बरेली से आई टीम ने रोजा क्षेत्र के सिसौआ गांव में बगैर लाइसेंस के दो मेडिकल स्टोर पकड़े थे। हाल ही में शहर की एक मोबाइल शॉप पर विभागीय टीम ने छापा मारकर वहां से नशे में इस्तेमाल होने वाले कफ सीरप की शीशियां बरामद कीं। अब पटियाला पुलिस ने नशीली दवाओं के तीन धंधेबाजों को पकड़कर यहां के विभागीय अधिकारियों की अक्षमता उजागर की है।
विज्ञापन
एफएसडीए केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी करता है। कहने को औषधि निरीक्षक का पद विभाग के अधीन है, लेकिन दवाओं के कारोबार की निगरानी का प्रशासनिक तंत्र अलग है। इसीलिए औषधि निरीक्षक मेरे अधीन कार्य करने के बजाय सीधे निदेशालय से नियंत्रित होते हैं और अपने स्तर से होने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट मुझे करने के बजाय सीधे ऊपर भेजते हैं।
- विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए
पटियाला पुलिस दो दिन पहले आई थी और यहां से तीन लोगों को लेजाकर उनसे भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की हैं। इस कार्रवाई की मुझे कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। दवा प्रतिष्ठानों की नियमित जांच हो रही है और वहां एनडीपीएस एक्ट के दायरे में आने वाली दवाओं का स्टॉक चेक किया जा रहा है। नशीली दवाओं के धंधेबाजों की धरपकड़ के लिए सर्विलांस की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
-देशबंधु विमल, औषधि निरीक्षक।