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गांव को गोद लेंगे एमबीबीएस के छात्र, रखेंगे ग्रामीणों की सेहत का ख्याल
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य राजेश कुमार । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने और ग्रामीणों की सेहत का ध्यान रखने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन ने मेडिकल की पढ़ाई में नया प्रावधान कर एक अच्छी पहल की है। इसके तहत एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं गांव के एक-एक परिवार को गोद लेकर उनकी सेहत का ख्याल रखेंगे। भविष्य के डाक्टर नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ने को लेकर काफी उत्साहित हैं।
राकीय मेडिकल कॉलेज में 2021-22 के नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ हो गया। छात्र-छात्राओं को महर्षि चरक की शपथ ग्रहण कराई गई। नए बैच के छात्र-छात्राएं सिर्फ मेडिकल की पढ़ाई नहीं करेंगे, बल्कि गांवों का रुख कर ग्रामीणों की सेहत का ख्याल भी रखेंगे। एनएमसी ने मेडिकल की पढ़ाई में नैतिक शिक्षा के पाठ का प्रावधान किया है। इसके तहत छात्र गांव के एक-एक परिवार को गोद लेकर उनसे संवाद करेंगे। मेडिकल छात्र आम आदमी की दिक्कतों को जान सकेंगे और उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करेंगे। इससे डाक्टर और रोगी के बीच मानवीय संबंध की जानकारी छात्र पा सकेंगे।
पीआरओ डॉ. पूजा त्रिपाठी पांडेय ने बताया कि एनएमसी के नए नियम के तहत मेडिकल के छात्र गांवों में जाकर ग्रामीणों से संवाद करेंगे। उनके परिवार का ध्यान रखेंगे। यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत होगी तो उसका समाधान कराया जाएगा।
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-एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं गांव में परिवारों को गोद लेंगे। एनएमसी ने मेडिकल की पढ़ाई में प्रस्ताव रखा है। अभी शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ। पत्र आते ही आगे की बैच के प्रत्येक छात्र गांव का एक परिवार गोद लेगा। - राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज।
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राकीय मेडिकल कॉलेज में 2021-22 के नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ हो गया। छात्र-छात्राओं को महर्षि चरक की शपथ ग्रहण कराई गई। नए बैच के छात्र-छात्राएं सिर्फ मेडिकल की पढ़ाई नहीं करेंगे, बल्कि गांवों का रुख कर ग्रामीणों की सेहत का ख्याल भी रखेंगे। एनएमसी ने मेडिकल की पढ़ाई में नैतिक शिक्षा के पाठ का प्रावधान किया है। इसके तहत छात्र गांव के एक-एक परिवार को गोद लेकर उनसे संवाद करेंगे। मेडिकल छात्र आम आदमी की दिक्कतों को जान सकेंगे और उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करेंगे। इससे डाक्टर और रोगी के बीच मानवीय संबंध की जानकारी छात्र पा सकेंगे।
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पीआरओ डॉ. पूजा त्रिपाठी पांडेय ने बताया कि एनएमसी के नए नियम के तहत मेडिकल के छात्र गांवों में जाकर ग्रामीणों से संवाद करेंगे। उनके परिवार का ध्यान रखेंगे। यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत होगी तो उसका समाधान कराया जाएगा।
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-एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं गांव में परिवारों को गोद लेंगे। एनएमसी ने मेडिकल की पढ़ाई में प्रस्ताव रखा है। अभी शासनादेश प्राप्त नहीं हुआ। पत्र आते ही आगे की बैच के प्रत्येक छात्र गांव का एक परिवार गोद लेगा। - राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज।