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Shahjahanpur News: फर्जी इंस्टीट्यूट में मैनेजर बनाया, नहीं दिया वेतन... छात्रों की फीस भी हड़पी
Sun, 15 Dec 2024 12:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 15 Dec 2024 12:31 AM IST
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पुवायां। बिना मान्यता के इंस्टीट्यूट चलाने और फीस के नाम पर 45 लाख रुपये हड़पने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मैनेजर ने अपना वेतन भी न देने का आरोप लगाया है।
कस्बा निवासी कमलदीप शुक्ला ने बताया कि वह शिक्षित बेरोजगार हैं। वर्ष 2022 में उन्हें पता चला कि शाहजहांपुर में बरेली मोड़ पर वीके सिंह पैरामेडिकल एंड नर्सिंग काॅलेज खोला गया है, जिसमें मैनेजर का पद खाली है। उन्होंने संपर्क किया तो वीके सिंह, धनंजय कुमार, संतोष पाठक और श्याम शेरवानी मिले।
साक्षात्कार के बाद उन्हें एक जनवरी 2023 को मैनेजर के पद पर 15 हजार रुपये महीने वेतन देने और प्रति दाखिले पर पांच हजार रुपये देने की बात कही गई। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कई दाखिले कराए। आरोपियों ने प्रत्येक विद्यार्थी से 45 लाख रुपये फीस वसूली, जिसका विवरण बैंक खाताें और रसीदों में है।
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शैक्षिक सत्र का पहला वर्ष पूरा होने पर विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पूछा तो उन्होंने आरोपियों से परीक्षा कराने और अपने वेतन के 90 हजार रुपये मांगे। तब उनको 20 हजार रुपये दिए गए और 70 हजार रुपये बाद में देने की बात कही गई।
परीक्षा के बाद छात्रों को अंकपत्र दिए गए, जो संदिग्ध थे। उनके साथ ही छात्रों ने पता लगाया तो पता चला कि आरोपियों ने फर्जी इंस्टीट्यूट के प्रपत्र तैयार कर दाखिले किए हैं।
उनको मैनेजर की नौकरी देकर फीस के नाम पर जमा 45 लाख रुपये भी हड़प लिए। हंगामा होने पर इंस्टीट्यूट की मान्यता न होने और कुछ समय बाद सही अंकपत्र देने की वायदा किया गया था।
उन्होंने तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर लखनऊ के सेक्टर पांच ई वृंदावन कॉलोनी तेली बाग निवासी वीके सिंह, संतोष पाठक, श्याम शेरवानी, मऊ निवासी धनंजय कुमार लखनऊ के थाना आशियाना के रामहरि यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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कस्बा निवासी कमलदीप शुक्ला ने बताया कि वह शिक्षित बेरोजगार हैं। वर्ष 2022 में उन्हें पता चला कि शाहजहांपुर में बरेली मोड़ पर वीके सिंह पैरामेडिकल एंड नर्सिंग काॅलेज खोला गया है, जिसमें मैनेजर का पद खाली है। उन्होंने संपर्क किया तो वीके सिंह, धनंजय कुमार, संतोष पाठक और श्याम शेरवानी मिले।
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साक्षात्कार के बाद उन्हें एक जनवरी 2023 को मैनेजर के पद पर 15 हजार रुपये महीने वेतन देने और प्रति दाखिले पर पांच हजार रुपये देने की बात कही गई। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कई दाखिले कराए। आरोपियों ने प्रत्येक विद्यार्थी से 45 लाख रुपये फीस वसूली, जिसका विवरण बैंक खाताें और रसीदों में है।
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शैक्षिक सत्र का पहला वर्ष पूरा होने पर विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पूछा तो उन्होंने आरोपियों से परीक्षा कराने और अपने वेतन के 90 हजार रुपये मांगे। तब उनको 20 हजार रुपये दिए गए और 70 हजार रुपये बाद में देने की बात कही गई।
परीक्षा के बाद छात्रों को अंकपत्र दिए गए, जो संदिग्ध थे। उनके साथ ही छात्रों ने पता लगाया तो पता चला कि आरोपियों ने फर्जी इंस्टीट्यूट के प्रपत्र तैयार कर दाखिले किए हैं।
उनको मैनेजर की नौकरी देकर फीस के नाम पर जमा 45 लाख रुपये भी हड़प लिए। हंगामा होने पर इंस्टीट्यूट की मान्यता न होने और कुछ समय बाद सही अंकपत्र देने की वायदा किया गया था।
उन्होंने तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर लखनऊ के सेक्टर पांच ई वृंदावन कॉलोनी तेली बाग निवासी वीके सिंह, संतोष पाठक, श्याम शेरवानी, मऊ निवासी धनंजय कुमार लखनऊ के थाना आशियाना के रामहरि यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।