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Shahjahanpur News: दुकानदार के दो हत्यारों को उम्रकैद की सजा
Thu, 07 Mar 2024 01:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 07 Mar 2024 01:08 AM IST
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शाहजहांपुुर। सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धू ने हत्या के मुकदमे में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक दोषी आशीष तिवारी पुलिस की टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल था।
थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला ख्वाजाफिरोज निवासी राजाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भाई राकेश घर पर परचून की दुकान चलाता था। मोहल्ले का पप्पू शुक्ला दुकान से सामान लेता रहता था। उसके कुछ रुपये उधार हो गए। 15 फरवरी 2011 की रात करीब 10:30 बजे पप्पू और नई बस्ती निवासी आशीष तिवारी उसके भाई की दुकान पर आए। आशीष तिवारी टॉप-10 में शामिल अपराधी था। राकेश से पप्पू ने उधार सामान मांगा। उसके भाई ने बकाया रुपये मांगे तो पप्पू गालीगलौज करने लगा। उसके भाई ने विरोध किया तो पप्पू और आशीष ने राकेश पर तमंचे से फायर कर दिया। इससे उसका भाई घायल हो गया। इलाज के दौरान 19 फरवरी को राकेश की मौत हो गई थी। इसके बाद मुकदमा आईपीसी की धारा 302 में तब्दील हो गया था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील भावशील शुक्ला के तर्क सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने पप्पू शुक्ला और आशीष तिवारी को दोषी पाया। दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पप्पू शुक्ला को आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा अलग से सुनाई।
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थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला ख्वाजाफिरोज निवासी राजाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका भाई राकेश घर पर परचून की दुकान चलाता था। मोहल्ले का पप्पू शुक्ला दुकान से सामान लेता रहता था। उसके कुछ रुपये उधार हो गए। 15 फरवरी 2011 की रात करीब 10:30 बजे पप्पू और नई बस्ती निवासी आशीष तिवारी उसके भाई की दुकान पर आए। आशीष तिवारी टॉप-10 में शामिल अपराधी था। राकेश से पप्पू ने उधार सामान मांगा। उसके भाई ने बकाया रुपये मांगे तो पप्पू गालीगलौज करने लगा। उसके भाई ने विरोध किया तो पप्पू और आशीष ने राकेश पर तमंचे से फायर कर दिया। इससे उसका भाई घायल हो गया। इलाज के दौरान 19 फरवरी को राकेश की मौत हो गई थी। इसके बाद मुकदमा आईपीसी की धारा 302 में तब्दील हो गया था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील भावशील शुक्ला के तर्क सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने पप्पू शुक्ला और आशीष तिवारी को दोषी पाया। दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पप्पू शुक्ला को आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा अलग से सुनाई।
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