{"_id":"b9240c9f2a7f654902aca4187c4c1fbd","slug":"laureate-head-of-bhatpura-rsulpur-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भटपुरा रसूलपुर के प्रधान हुए सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भटपुरा रसूलपुर के प्रधान हुए सम्मानित
शाहजहांपुर
Updated Sat, 25 Apr 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन
गांवों में विकास कार्य कराना ग्राम प्रधानों की नैतिक जिम्मेदारी है, लेकिन सिंधौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत भटपुरा रसूलपुर में लीक से हटकर समाजसेवा करने वाले ग्राम प्रधान अनिल गुप्ता शुक्रवार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना के पात्र बने। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
स्वच्छ भारत मिशन को मोदी सरकार ने बढ़ावा दिया, लेकिन भटपुरा रसूलपुर मेें कई साल पहले से स्वच्छता को बढ़ावा दिया जाने लगा था। दरअसल, प्रधानी हासिल होते ही अनिल गुप्ता ने ग्रामीणोें का दिल जीतने वाले काम करने शुरू कर दिए। इसकी पहल बुजुर्गों के सम्मान से शुरू की। इसी के साथ गांव के मेधावियों को हर साल बतौर उपहार साइकिलें दीं और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए साफ-सुथरे चबूतरे वाले घर के मुखिया को सम्मानित किया।
ग्राम प्रधान के इन्हीं प्रयासों की बदौलत गांव में स्वच्छता के साथ साक्षरता को भी बढ़ावा मिला। विकास और निर्माण कार्यों में भी जिले की अन्य ग्राम पंचायतों की तुलना में अधिकतम लक्ष्य पूर्ति की। यही वजह रही कि पहले पंचायत राज निदेशक और बाद में केंद्र सरकार की ओर से भेजी गईं अधिकारिक सर्वे टीमों को गांव में एक भी व्यक्ति उनके कामों पर उंगली उठाने वाला नहीं मिला। इन टीमों की रिपोर्ट के आधार पर ही उन्हें प्रधानमंत्री के हाथों सम्मानित होने का अवसर मिला।
विज्ञापन
यह खबर मिलते ही ग्राम प्रधान के भाई अंकुर गुप्ता ने ग्रामीणों के साथ खुशियां साझा कीं। नई दिल्ली से टेलीफोन पर ग्राम प्रधान अनिल गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम में देश के 24 राज्यों से आए प्रधानों के बीच उन्होंने बरेली मंडल का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मिलने से और अधिक बेहतर काम कर दिखाने का हौसला मिला है।
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन को मोदी सरकार ने बढ़ावा दिया, लेकिन भटपुरा रसूलपुर मेें कई साल पहले से स्वच्छता को बढ़ावा दिया जाने लगा था। दरअसल, प्रधानी हासिल होते ही अनिल गुप्ता ने ग्रामीणोें का दिल जीतने वाले काम करने शुरू कर दिए। इसकी पहल बुजुर्गों के सम्मान से शुरू की। इसी के साथ गांव के मेधावियों को हर साल बतौर उपहार साइकिलें दीं और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए साफ-सुथरे चबूतरे वाले घर के मुखिया को सम्मानित किया।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान के इन्हीं प्रयासों की बदौलत गांव में स्वच्छता के साथ साक्षरता को भी बढ़ावा मिला। विकास और निर्माण कार्यों में भी जिले की अन्य ग्राम पंचायतों की तुलना में अधिकतम लक्ष्य पूर्ति की। यही वजह रही कि पहले पंचायत राज निदेशक और बाद में केंद्र सरकार की ओर से भेजी गईं अधिकारिक सर्वे टीमों को गांव में एक भी व्यक्ति उनके कामों पर उंगली उठाने वाला नहीं मिला। इन टीमों की रिपोर्ट के आधार पर ही उन्हें प्रधानमंत्री के हाथों सम्मानित होने का अवसर मिला।
विज्ञापन
यह खबर मिलते ही ग्राम प्रधान के भाई अंकुर गुप्ता ने ग्रामीणों के साथ खुशियां साझा कीं। नई दिल्ली से टेलीफोन पर ग्राम प्रधान अनिल गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम में देश के 24 राज्यों से आए प्रधानों के बीच उन्होंने बरेली मंडल का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मिलने से और अधिक बेहतर काम कर दिखाने का हौसला मिला है।