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ठंडे बस्ते में है एडीजी का आदेश, चाइनीज मांझा बेचने वाले बड़े दुकानदारों पर कार्रवाई नहीं
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दुकान पर बिक्री के लिए रखा चाइनीस मांझा का । फाइल फोटो
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। एडीजी जोन बरेली की तरफ से सभी जिलों में चाइनीज मांझा बेचने और उसका भंडारण करने वालों के खिलाफ अभियान शुरू कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन शहर के दोनों थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चाइनीज मांझे की बिक्री जाती है। इन दोनों क्षेत्रों में अभी तक पुलिस ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है। वहीं चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने वालों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
चौक कोतवाली क्षेत्र के मंडी और थाना सदर बाजार क्षेत्र के बच्चा जेल के पास बड़े पैमाने पर चाइनीज मांझे की बिक्री होती है। चंद रुपये के लालच में दुकानदार और कम रुपये में पतंगबाजी का शौक पूरा करने के लिए अभिभावक अपने बच्चों को मांझा खरीदकर देते हैं। इससे आए दिन हादसे होते हैं। चाइनीज मांझे से कई पुलिसकर्मियों से लेकर तमाम ऐसे लोग हैं, जो चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। हादसे के बाद तो पुलिस सक्रिय दिखाई देती है और कुछ दिन बाद प्रतिबंधित मांझा बिकने लगता है।
18 अगस्त को एडीजी जोन बरेली अविनाश चंद्र ने चाइनीज मांझा बेचने, उसका भंडारण करने और खरीदकर पतंग उड़ाने वालों पर कार्रवाई करने के साथ उन जगहों पर लोगों को जागरूकता करने के निर्देश दिए थे, जहां लोग अक्सर पतंग उड़ाते हैं। आदेश के बाद सिर्फ तिलहर थाना क्षेत्र से पतंगों की दुकान पर छापा मार कर चेकिंग अभियान चलाया था। लेकिन पांच दिन बाद उन क्षेत्रों में एक बार भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जहां बड़े दुकानदार चाइनीज मांझे की बड़ी मात्रा में बिक्री करते हैं।
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शहर में करीब तीस क्लब हैं। प्रति क्लब में शहर के अलग-अलग मोहल्लों के करीब तीन-चार सौ पतंगबाज पतंग उड़ाते हैं। क्लब के माध्यम से सहारा के मैदान में प्रतिदिन पतंगबाजी की जाती है। जहां पर चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने पर पाबंदी है। इस मैदान पर देश के अलग-अलग प्रदेशों और जिलों से क्लब के माध्यम से बनी टीमें आती हैं। एडीजी जोन बरेली द्वारा चाइनीज मांझे पर पाबंदी को और गति देने पर 18 अगस्त को पुराने पतंगबाजों ने एक बैठक की थी। जिसमें सभी की सहमति से तय किया गया कि चाइनीज मांझे के खिलाफ शहर के सभी पतंगबाज जिला प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग करेंगे।
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चौक कोतवाली क्षेत्र के मंडी और थाना सदर बाजार क्षेत्र के बच्चा जेल के पास बड़े पैमाने पर चाइनीज मांझे की बिक्री होती है। चंद रुपये के लालच में दुकानदार और कम रुपये में पतंगबाजी का शौक पूरा करने के लिए अभिभावक अपने बच्चों को मांझा खरीदकर देते हैं। इससे आए दिन हादसे होते हैं। चाइनीज मांझे से कई पुलिसकर्मियों से लेकर तमाम ऐसे लोग हैं, जो चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। हादसे के बाद तो पुलिस सक्रिय दिखाई देती है और कुछ दिन बाद प्रतिबंधित मांझा बिकने लगता है।
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18 अगस्त को एडीजी जोन बरेली अविनाश चंद्र ने चाइनीज मांझा बेचने, उसका भंडारण करने और खरीदकर पतंग उड़ाने वालों पर कार्रवाई करने के साथ उन जगहों पर लोगों को जागरूकता करने के निर्देश दिए थे, जहां लोग अक्सर पतंग उड़ाते हैं। आदेश के बाद सिर्फ तिलहर थाना क्षेत्र से पतंगों की दुकान पर छापा मार कर चेकिंग अभियान चलाया था। लेकिन पांच दिन बाद उन क्षेत्रों में एक बार भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जहां बड़े दुकानदार चाइनीज मांझे की बड़ी मात्रा में बिक्री करते हैं।
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शहर में करीब तीस क्लब हैं। प्रति क्लब में शहर के अलग-अलग मोहल्लों के करीब तीन-चार सौ पतंगबाज पतंग उड़ाते हैं। क्लब के माध्यम से सहारा के मैदान में प्रतिदिन पतंगबाजी की जाती है। जहां पर चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाने पर पाबंदी है। इस मैदान पर देश के अलग-अलग प्रदेशों और जिलों से क्लब के माध्यम से बनी टीमें आती हैं। एडीजी जोन बरेली द्वारा चाइनीज मांझे पर पाबंदी को और गति देने पर 18 अगस्त को पुराने पतंगबाजों ने एक बैठक की थी। जिसमें सभी की सहमति से तय किया गया कि चाइनीज मांझे के खिलाफ शहर के सभी पतंगबाज जिला प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग करेंगे।