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दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को मिलेंगे किसान क्रेडिट कार्ड
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शाहजहांपुर। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत जिले के हजारों पशुपालकों को अपने पशुओं का रखरखाव आसान हो जाएगा और दुग्ध उत्पादन बढ़ने से आय में भी वृद्धि होगी। इसके लिए पशुपालन विभाग अन्य विभागों के समन्वय और सहयोग से पशुपालकों को बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जारी कराएगा।
केसीसी बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविरों की शुरुआत हो चुकी है और पिछले दो शिविरों में 200 से ज्यादा पशुपालकों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार शासन से जनपद के 16643 पशुपालकों को केसीसी जारी करने का लक्ष्य दिया है।
जिले में लगभग 4.50 लाख किसान हैं। किसानों समेत तमाम भूमिहीन ग्रामीणों ने दुग्ध उत्पादन से आजीविका कमाने के लिए करीब सात लाख गोवंशीय व महिषवंशीय (भैंस प्रजाति) पशु पाल रखे हैं। कम जोत वाले लघु-सीमांत श्रेणी के अधिकांश किसानों के आर्थिक संसाधन सीमित होने के कारण फसली और घर-गृहस्थी की जरूरतें पूरी करना उनकी प्राथमिकता होती है। इस कारण वह पशुओें के चारा, रखरखाव आदि की बेहतर व्यवस्था नहीं कर पाते। उनकी इसी दिक्कत को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य किसानों की तरह पशु पालने वाले भूमिहीनों और ठेका खेती करने वाले बटाईदारों को भी केसीसी जारी करने का निर्णय किया है।
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1.60 लाख रुपये तक बगैर गारंटर के बनेगा केसीसी
योजना के तहत 1.60 लाख रुपये तक ऋण सीमा वाले केसीसी बिना किसी गारंटर के जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे अधिक ऋण सीमा वाले केसीसी पाने के इच्छुकों को ऐसे गारंटर जुटाने होंगे, जिनका अतीत में केसीसी से लेन-देन विवादरहित रहा हो और उनकी माली हैसियत भी हो। अधिक ऋण सीमा वाले केसीसी की आवश्यकता उन पशुपालकों को हो सकती है, जिन्होंने सीमित पूंजी के बावजूद कोई बड़ा डेयरी प्रोजेक्ट लगाया हो, अथवा कृषि कार्य के लिए अधिक संख्या में पशु पाल रखे हों।
शिविरों में मौजूद अधिकारी लेंगे आवेदन
केसीसी के लिए आवेदन लेने को पशुपालन विभाग के ब्लॉक स्तर पर लगने वाले शिविरों में विभागीय अधिकारियों के साथ अग्रणी बैंक अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य और दुग्ध विकास अधिकारी मौजूद रहेंगे। मंगलवार को दिन में 11 बजे से तिलहर ब्लॉक परिसर में केसीसी शिविर लगेगा। इसी तरह 21 दिसंबर को जलालाबाद व कलान ब्लॉक परिसर में, 23 दिसंबर को भावलखेड़ा व ददरौल, 28 दिसंबर को मदनापुर व कांट, 04 जनवरी 2022 को मिर्जापुर व कलान, 06 जनवरी को जैतीपुर, 11 जनवरी को कटरा-खुदागंज, 13 जनवरी को निगोही, 18 जनवरी को बंडा और 20 जनवरी को खुटार ब्लॉक परिसर में दिन में 11 बजे से शिविर प्रस्तावित हैं।
योजना के तहत पशुपालक अपने पशुओं की देेेखभाल को जरूरी संसाधन आसानी से जुटा सकेंगे। योजना की विशेषता यह भी है कि यदि किसी किसान को कृषि कार्य के लिए पहले से केसीसी जारी हो चुका है तो उसे आवेदन करने पर पशुपालन मद मेें दूसरा केसीसी जारी किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को केसीसी शिविर में अधिकारियों के समक्ष अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पशुपालन व्यवसाय से जुड़े होने का साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा।
-डॉ. आरबी सिंह, जिला पशुधन अधिकारी।
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केसीसी बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविरों की शुरुआत हो चुकी है और पिछले दो शिविरों में 200 से ज्यादा पशुपालकों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार शासन से जनपद के 16643 पशुपालकों को केसीसी जारी करने का लक्ष्य दिया है।
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जिले में लगभग 4.50 लाख किसान हैं। किसानों समेत तमाम भूमिहीन ग्रामीणों ने दुग्ध उत्पादन से आजीविका कमाने के लिए करीब सात लाख गोवंशीय व महिषवंशीय (भैंस प्रजाति) पशु पाल रखे हैं। कम जोत वाले लघु-सीमांत श्रेणी के अधिकांश किसानों के आर्थिक संसाधन सीमित होने के कारण फसली और घर-गृहस्थी की जरूरतें पूरी करना उनकी प्राथमिकता होती है। इस कारण वह पशुओें के चारा, रखरखाव आदि की बेहतर व्यवस्था नहीं कर पाते। उनकी इसी दिक्कत को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य किसानों की तरह पशु पालने वाले भूमिहीनों और ठेका खेती करने वाले बटाईदारों को भी केसीसी जारी करने का निर्णय किया है।
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1.60 लाख रुपये तक बगैर गारंटर के बनेगा केसीसी
योजना के तहत 1.60 लाख रुपये तक ऋण सीमा वाले केसीसी बिना किसी गारंटर के जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे अधिक ऋण सीमा वाले केसीसी पाने के इच्छुकों को ऐसे गारंटर जुटाने होंगे, जिनका अतीत में केसीसी से लेन-देन विवादरहित रहा हो और उनकी माली हैसियत भी हो। अधिक ऋण सीमा वाले केसीसी की आवश्यकता उन पशुपालकों को हो सकती है, जिन्होंने सीमित पूंजी के बावजूद कोई बड़ा डेयरी प्रोजेक्ट लगाया हो, अथवा कृषि कार्य के लिए अधिक संख्या में पशु पाल रखे हों।
शिविरों में मौजूद अधिकारी लेंगे आवेदन
केसीसी के लिए आवेदन लेने को पशुपालन विभाग के ब्लॉक स्तर पर लगने वाले शिविरों में विभागीय अधिकारियों के साथ अग्रणी बैंक अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य और दुग्ध विकास अधिकारी मौजूद रहेंगे। मंगलवार को दिन में 11 बजे से तिलहर ब्लॉक परिसर में केसीसी शिविर लगेगा। इसी तरह 21 दिसंबर को जलालाबाद व कलान ब्लॉक परिसर में, 23 दिसंबर को भावलखेड़ा व ददरौल, 28 दिसंबर को मदनापुर व कांट, 04 जनवरी 2022 को मिर्जापुर व कलान, 06 जनवरी को जैतीपुर, 11 जनवरी को कटरा-खुदागंज, 13 जनवरी को निगोही, 18 जनवरी को बंडा और 20 जनवरी को खुटार ब्लॉक परिसर में दिन में 11 बजे से शिविर प्रस्तावित हैं।
योजना के तहत पशुपालक अपने पशुओं की देेेखभाल को जरूरी संसाधन आसानी से जुटा सकेंगे। योजना की विशेषता यह भी है कि यदि किसी किसान को कृषि कार्य के लिए पहले से केसीसी जारी हो चुका है तो उसे आवेदन करने पर पशुपालन मद मेें दूसरा केसीसी जारी किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को केसीसी शिविर में अधिकारियों के समक्ष अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पशुपालन व्यवसाय से जुड़े होने का साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा।
-डॉ. आरबी सिंह, जिला पशुधन अधिकारी।