फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Khushi Chaudhary, a wrestler from Jaitipur, won the gold medal.

Shahjahanpur News: जैतीपुर की पहलवान बेटी खुशी चौधरी ने जीता स्वर्ण पदक

Mon, 21 Sep 2026 12:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:41 AM IST
विज्ञापन
Khushi Chaudhary, a wrestler from Jaitipur, won the gold medal.
फाइनल में जीतने के बाद तिरंगे के साथ खुशी। स्रोत: स्वयं
जैतीपुर (शाहजहांपुर)। अगरोली गांव के पहलवान रामफल चौधरी की सबसे छोटी बेटी खुशी चौधरी ने तुर्किये के इस्तांबुल शहर में हुई अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल में ईरान की पहलवान को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
विज्ञापन

खुशी के पिता रामफल चौधरी मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले की सफीदों तहसील के गांव अशर्फाबाद के रहने वाले हैं। पिता रामफल चौधरी लोगों को मिठाई खिलाते हुए कई बार भावुक हो उठे और बड़े गर्व से बेटी की कामयाबी की कहानी सबको बताते रहे।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि युवावस्था में उनकी गिनती हरियाणा के अच्छे पहलवानों में होती थी। एक दशक बाद 1998 में यहां आकर अगरोली गांव में आकर बस गए। उन्होंने अपने सभी बच्चों को खेल जगत में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। खुशी बचपन से खेलकूद की शौकीन थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

उसके शौक को देखते हुए 2018 में उसे हरियाणा के साईं सेंटर में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी गीता फोगाट और बबीता फोगाट के पास प्रशिक्षण के लिए भेजा।
उन्होंने बताया कि फोगाट बहनों से उसने कुश्ती के गुर सीखे और और बाद में मुकाबले जीतने शुरू किए तो पीछे मुड़कर नहीं देखा और निरंतर अभ्यास कर आगे बढ़ती रही। गत तीन वर्ष से खुशी अपने कोच राजेश के साथ अभ्यास कर रही हैं। हाल ही में 24 अगस्त को खुशी ने हरिद्वार में हुई कुश्ती की नेशनल चैंपियनशिप में 64 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर उसने तुर्किये में हुई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाई थी। 19 सितंबर को वहां जाकर उसने इतिहास रच दिया। खुशी की मां सुनीता को भी गांव कई महिलाओं ने बधाई दी।

--------
भाई-बहन कमा रहे नाम
रामफल चौधरी ने बताया कि उनके छह बेटे और पांच बेटियों में खुशी सबसे छोटी हैं। खुशी के बड़े भाई अमित चौधरी पुवायां में क्रिकेट अकादमी चलाते हैं। एक भाई हरियाणा के सोनीपत में बॉक्सिंग की कोचिंग देते हैं। एक अन्य भाई और बहन डॉक्टर हैं।

फाइनल में जीतने के बाद तिरंगे के साथ खुशी। स्रोत: स्वयं

फाइनल में जीतने के बाद तिरंगे के साथ खुशी। स्रोत: स्वयं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed