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UP: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद बोले- आत्मा और शरीर के बीच के संबंध को बताती है गीता; बताया सार

Wed, 11 Dec 2024 04:29 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 11 Dec 2024 04:29 PM IST
सार

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि गीता हमें व्यावहारिक जीवन और एक इंसान के पारमार्थिक रूप के बारे में बताती है। विनोबा सेवा आश्रम में गीता जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने रामायण का भी जिक्र किया। 

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Kerala Governor Arif Mohammad Khan mentioned Geeta and Ramayana
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भारत में आदिकाल से ही प्रज्ञा और ज्ञान के संवर्धन को संरक्षण मिलता रहेगा। उन्होंने भगवद् गीता के सार पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आत्मा और शरीर के बीच के बुनियादी संबंध का जवाब गीता में मिलता है। आरिफ मोहम्मद शाहजहांपुर के विनोबा सेवा आश्रम में बुधवार गीता जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। 

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आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि विनोबा सेवा आश्रम महात्मा गांधी और विनोबा भावे के विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा इस तरह से होनी चाहिए जैसे कि बादल बगैर खुद के फायदे की इच्छा के एक से दूसरे स्थान पर जाकर बारिश कर लोगों को लाभान्वित करता है। जिस प्रकार हर व्यक्ति की कोई न कोई खासियत होती है, उसी तरह हर राष्ट्र में विशेष गुण होते हैं। 
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उन्होंने कहा कि इस्लाम के पैगंबर ने भी कहा था कि मैं भारत से ज्ञान के शीतल झोंके आते हुए महसूस कर रहा हूं। अल्लामा इकबाल ने भी यही बात दोहराई थी। उन्होंने गीता पर चर्चा करते हुए कहा कि इस ग्रंथ में मैं कौन हूं, इसका जवाब दिया गया है। उन्होंने कहा कि गीता हमें व्यावहारिक जीवन और एक इंसान के पारमार्थिक रूप के बारे में बताती है। 

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रामायण का किया जिक्र 
बाल्मीकि रामायण में लिखा है कि जब भगवान राम अगली सुबह वनवास में जाने वाले थे तो लक्ष्मण अपने पिता के लिए खराब शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इस पर श्रीराम उनसे कहते हैं कि तुम्हारा गुस्सा केवल इसलिए है क्योंकि तुम्हारे शरीर को जंगल में कष्ट पहुंचने वाला है। तुम जब आत्मा के स्वरूप को जान जाओगे तो उस समय न कोई कष्ट रहेगा और न ही जरूरत से ज्यादा आनंद में रहोगे। आत्मा और शरीर के बीच संबंध के बुनियादी प्रश्न का जवाब गीता में है। 

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उन्होंने कहा कि केवल भारतीय सभ्यता ऐसी है, जिसे ज्ञान और प्रज्ञा के लिए जानी जाती है। यूनेस्को मानता है कि ऋग्वेद सबसे पुरानी किताब है। संबोधन से पूर्व राज्यपाल ने गीता के 18 अध्यायों के प्रतीक 18 लोगों को राज्यपाल विनोबा सेवाश्री सम्मान प्रदान किया। विनोबा मौन स्वर्ण जयंती स्मृति में एक वर्ष के मौन संकल्प की घोषणा की गई। इस दौरान विनोबा सेवा आश्रम के संस्थापक रमेश भइया और सचिव विमला बहन भी मौजूद रहीं।

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