{"_id":"636566fd3dcdd21fb9470d56","slug":"instructing-the-youth-going-to-cantt-wearing-army-uniform-shahjahanpur-news-bly5028168189","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना की वर्दी पहनकर कैंट तक जाने वाले युवक को हिदायत देकर छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना की वर्दी पहनकर कैंट तक जाने वाले युवक को हिदायत देकर छोड़ा
विज्ञापन
शाहजहांपुर। सेना की वर्दी पहनकर कैंट के गेट पर पहुंचने वाले सिंधौली निवासी कमल के खिलाफ तहरीर नहीं दी गई। पुलिस ने देर शाम उसे हिदायत देते हुए थाने से परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
कमल कुमार से उसके चचेरे भाई ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर 80 हजार रुपये ठग लिए थे। उसे सेना की वर्दी बाजार से लाकर दे दी और सिपाही पद पर नौकरी लगने की बात कहते हुए कैंट भेज दिया था। कमल ने बुधवार को रामलीला मैदान के सामने कैंट के मुख्य गेट पर पहुंचकर बताया कि उसकी सेना में नौकरी लगी है। वह ज्वाइन करने के लिए आया है। उसने हस्ताक्षर करने के लिए उपस्थिति रजिस्टर भी मांगा था। इसके बाद आर्मी जवानों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद सदर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच कराने के बाद बृहस्पतिवार शाम तक सेना की ओर से तहरीर आने का इंतजार किया। तहरीर नहीं आने पर उसे हिदायत देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि कमल के परिजनों को बुलाकर पूछताछ की थी। उसके चचेरे भाई को बुलाया था। तहरीर न आने के कारण उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमल कुमार से उसके चचेरे भाई ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर 80 हजार रुपये ठग लिए थे। उसे सेना की वर्दी बाजार से लाकर दे दी और सिपाही पद पर नौकरी लगने की बात कहते हुए कैंट भेज दिया था। कमल ने बुधवार को रामलीला मैदान के सामने कैंट के मुख्य गेट पर पहुंचकर बताया कि उसकी सेना में नौकरी लगी है। वह ज्वाइन करने के लिए आया है। उसने हस्ताक्षर करने के लिए उपस्थिति रजिस्टर भी मांगा था। इसके बाद आर्मी जवानों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद सदर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच कराने के बाद बृहस्पतिवार शाम तक सेना की ओर से तहरीर आने का इंतजार किया। तहरीर नहीं आने पर उसे हिदायत देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
विज्ञापन
सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि कमल के परिजनों को बुलाकर पूछताछ की थी। उसके चचेरे भाई को बुलाया था। तहरीर न आने के कारण उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
विज्ञापन