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निगोही में पूर्व विधायक रोशनलाल के पुत्र सचिन से छिनेगी ब्लॉक प्रमुखी
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निगोही। पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा के पुत्र और क्षेत्र के ब्लॉक प्रमुख सचिन वर्मा के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सोमवार को बहुमत से पारित हो गया। यहां की 75 सदस्यीय क्षेत्र पंचायत समिति के 67 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया लेकिन एक सदस्य तकनीकी कारण से मतदान नहीं कर सका और एक अन्य सदस्य का मतपत्र जांच में निरस्त हो गया। खास यह रहा कि ब्लॉक प्रमुख समेत उनके पक्ष के आठ सदस्यों ने मतदान का बहिष्कार किया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य भानु प्रताप सिंह ने गत आठ अगस्त को 50 अन्य क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से डीएम उमेश प्रताप सिंह को ब्लॉक प्रमुख सचिन वर्मा के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव में कहा गया था कि ब्लॉक प्रमुख सचिन वर्मा क्षेत्र पंचायत सदस्यों की सहमति के बगैर फर्जी प्रस्ताव बनाकर मनमाने तरीके से कार्य करा रहे हैं। दस अगस्त को डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने के लिए 29 अगस्त की तिथि निर्धारित की थी। डीएम के निर्देशानुसार ब्लॉक परिसर को सुबह से पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया।
शाहजहांपुर-पीलीभीत मार्ग के हमजापुर चौराहे से निगोही पुलिस स्टेशन तक पुलिस तैनात रही। दिन में 11.37 बजे भानु प्रताप सिंह की अगुआई में 67 क्षेत्र पंचायत सदस्य कड़ी तलाशी के बाद ब्लॉक कार्यालय के सभागार में दाखिल हुए। दोपहर 12.40 बजे तक हुई चर्चा में भानुप्रताप सिंह ने ब्लॉक प्रमुख सचिन वर्मा के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव रखा और बीडीसी अजयपाल सिंह ने अनुमोदन किया। मतदान में 66 सदस्यों ने भाग लिया क्योंकि एक बीडीसी सदस्य वोटर लिस्ट और प्रमाण पत्र में नाम भिन्न होने से मतदान नहीं कर सके।
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मतदान के बाद मतपत्रों की जांच में एक बीडीसी का मतपत्र गलत निशान लगाए जाने से निरस्त हो गया। अविश्वास प्रस्ताव 75 के मुकाबले 65 मतो से पारित हो गया। तिलहर की एसडीएम राशि कृष्णा की निगरानी में मतदान के दौरान एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, पुवायां के एसडीएम सुधांशु श्रीवास्तव, एसपी सिटी संजय कुमार, सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह, सीओ सदर अमित चौरसिया आदि अधिकारी मौजूद रहे।
दोबारा सरकार बनते ही शुरू हो गई थी चर्चा
दो बार बसपा से विधायक रहे रोशनलाल वर्मा 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हो गए थे। चुनाव जीतकर वह तीसरी बार विधायक बने। बाद में उनके बेटे सचिन वर्मा निगोही ब्लॉक प्रमुख बन गए। 2022 के चुनाव में रोशनलाल सपा में चले गए। तिलहर विधानसभा के चुनाव में भाजपा की सलोना कुशवाहा ने रोशनलाल वर्मा को हरा दिया। सरकार भी दोबारा भाजपा की बन गई। तब से ही ब्लॉक प्रमुखी को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गईं थीं। अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख बनना तय माना जा रहा है।
अविश्वास प्रस्ताव पर वैधानिक तरीके से चर्चा कर मतदान कराई जाती तो जीत मेरे पक्ष की होती। किसी तरह के विवाद की आशंका टालने के लिए मैंने अपने पक्ष के क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बैठक में जाने के बजाय अपने पास ब़ुला लिया। जिस तरह से अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ, वह लोकतंत्र की हत्या का प्रमाण है। -रोशन लाल वर्मा, पूर्व विधायक
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अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान विधिसम्मत तरीके से कराया गया है। बैठक और मतदान की कार्रवाई का विवरण पंचस्थानीय चुनाव के निदेशालय भेजा जाएगा। वहां से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार निगोही में नए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। -रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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क्षेत्र पंचायत सदस्य भानु प्रताप सिंह ने गत आठ अगस्त को 50 अन्य क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से डीएम उमेश प्रताप सिंह को ब्लॉक प्रमुख सचिन वर्मा के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव में कहा गया था कि ब्लॉक प्रमुख सचिन वर्मा क्षेत्र पंचायत सदस्यों की सहमति के बगैर फर्जी प्रस्ताव बनाकर मनमाने तरीके से कार्य करा रहे हैं। दस अगस्त को डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने के लिए 29 अगस्त की तिथि निर्धारित की थी। डीएम के निर्देशानुसार ब्लॉक परिसर को सुबह से पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया।
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शाहजहांपुर-पीलीभीत मार्ग के हमजापुर चौराहे से निगोही पुलिस स्टेशन तक पुलिस तैनात रही। दिन में 11.37 बजे भानु प्रताप सिंह की अगुआई में 67 क्षेत्र पंचायत सदस्य कड़ी तलाशी के बाद ब्लॉक कार्यालय के सभागार में दाखिल हुए। दोपहर 12.40 बजे तक हुई चर्चा में भानुप्रताप सिंह ने ब्लॉक प्रमुख सचिन वर्मा के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव रखा और बीडीसी अजयपाल सिंह ने अनुमोदन किया। मतदान में 66 सदस्यों ने भाग लिया क्योंकि एक बीडीसी सदस्य वोटर लिस्ट और प्रमाण पत्र में नाम भिन्न होने से मतदान नहीं कर सके।
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मतदान के बाद मतपत्रों की जांच में एक बीडीसी का मतपत्र गलत निशान लगाए जाने से निरस्त हो गया। अविश्वास प्रस्ताव 75 के मुकाबले 65 मतो से पारित हो गया। तिलहर की एसडीएम राशि कृष्णा की निगरानी में मतदान के दौरान एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, पुवायां के एसडीएम सुधांशु श्रीवास्तव, एसपी सिटी संजय कुमार, सीओ सिटी अखंड प्रताप सिंह, सीओ सदर अमित चौरसिया आदि अधिकारी मौजूद रहे।
दोबारा सरकार बनते ही शुरू हो गई थी चर्चा
दो बार बसपा से विधायक रहे रोशनलाल वर्मा 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हो गए थे। चुनाव जीतकर वह तीसरी बार विधायक बने। बाद में उनके बेटे सचिन वर्मा निगोही ब्लॉक प्रमुख बन गए। 2022 के चुनाव में रोशनलाल सपा में चले गए। तिलहर विधानसभा के चुनाव में भाजपा की सलोना कुशवाहा ने रोशनलाल वर्मा को हरा दिया। सरकार भी दोबारा भाजपा की बन गई। तब से ही ब्लॉक प्रमुखी को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गईं थीं। अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख बनना तय माना जा रहा है।
अविश्वास प्रस्ताव पर वैधानिक तरीके से चर्चा कर मतदान कराई जाती तो जीत मेरे पक्ष की होती। किसी तरह के विवाद की आशंका टालने के लिए मैंने अपने पक्ष के क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बैठक में जाने के बजाय अपने पास ब़ुला लिया। जिस तरह से अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ, वह लोकतंत्र की हत्या का प्रमाण है। -रोशन लाल वर्मा, पूर्व विधायक
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अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान विधिसम्मत तरीके से कराया गया है। बैठक और मतदान की कार्रवाई का विवरण पंचस्थानीय चुनाव के निदेशालय भेजा जाएगा। वहां से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार निगोही में नए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। -रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन