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दहेज हत्या में चार को आठ साल की सजा
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शाहजहांपुर। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने दहेज हत्या के मामले में मृतका के पति समेत चार दोषियों को आठ-आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया गया है। नाबालिग होने की वजह से दो आरोपियों का मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार पीलीभीत के बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव सिम्मुआ निवासी सालिगराम ने अपनी पुत्री शारदा देवी का विवाह बंडा थाना क्षेत्र के गांव अंजनापुर निवासी राजकुमार से किया था। सालिगराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक आए दिन शारदा को उसके ससुराल वाले पीटते थे। तीन मार्च 2013 को किसी व्यक्ति ने फोन पर शारदा को जलाने की सूचना दी। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिला अस्पताल पहुंचे सालिगराम को बेटी शारदा ने बताया कि दहेज में बाइक आदि की मांग न पूरी करने के कारण उस पर पति राजकुमार, ससुर डालचंद्र, सास मुन्नी देवी, देवर प्रदीप, उपदेश, मोहित, रामजीत उमेश, ननद जलपा देवी, नामिका ने मारपीट कर मिट्टी का तेल छिड़क दिया और आग लगा दी। आठ मार्च को अस्पताल में शारदा की मौत हो गई। वादी सालिगराम की तहरीर के आधार पर 10 मार्च 2013 को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद इस मामले में राजकुमार के विरुद्घ ही आरोपपत्र अदालत भेजा। शेष अभियुक्त अवधेश, प्रदीप, उमेश, रामजीत, मोहित अदालत द्वारा सीआरपीसी की धारा 319 के तहत तलब किए गए। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील शशि मोहन सिंह के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने मृतका के पति राजकुमार व उसके भाई अवधेश, प्रदीप, उमेश को दोषी पाते हुए आठ-आठ साल के कारावास की सजा से दंडित किया। उन पर दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। दो भाइयों का मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड भेजने का आदेश दिया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार पीलीभीत के बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव सिम्मुआ निवासी सालिगराम ने अपनी पुत्री शारदा देवी का विवाह बंडा थाना क्षेत्र के गांव अंजनापुर निवासी राजकुमार से किया था। सालिगराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट के मुताबिक आए दिन शारदा को उसके ससुराल वाले पीटते थे। तीन मार्च 2013 को किसी व्यक्ति ने फोन पर शारदा को जलाने की सूचना दी। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिला अस्पताल पहुंचे सालिगराम को बेटी शारदा ने बताया कि दहेज में बाइक आदि की मांग न पूरी करने के कारण उस पर पति राजकुमार, ससुर डालचंद्र, सास मुन्नी देवी, देवर प्रदीप, उपदेश, मोहित, रामजीत उमेश, ननद जलपा देवी, नामिका ने मारपीट कर मिट्टी का तेल छिड़क दिया और आग लगा दी। आठ मार्च को अस्पताल में शारदा की मौत हो गई। वादी सालिगराम की तहरीर के आधार पर 10 मार्च 2013 को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद इस मामले में राजकुमार के विरुद्घ ही आरोपपत्र अदालत भेजा। शेष अभियुक्त अवधेश, प्रदीप, उमेश, रामजीत, मोहित अदालत द्वारा सीआरपीसी की धारा 319 के तहत तलब किए गए। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील शशि मोहन सिंह के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने मृतका के पति राजकुमार व उसके भाई अवधेश, प्रदीप, उमेश को दोषी पाते हुए आठ-आठ साल के कारावास की सजा से दंडित किया। उन पर दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। दो भाइयों का मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड भेजने का आदेश दिया है।
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