अमर उजाला गांव महोत्सव: 'आय बढ़ाने के लिए उद्योगों से जुड़ें किसान, सरकारी योजनाओं का उठाएं लाभ'
आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि समय के साथ किसानों को भी अपनी सोच बदलने की आवश्यकता है। किसान अगर थोड़ा भी जागरूक होगा तो वह तमाम योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय दोगुनी नहीं, बल्कि कई गुनी बढ़ा सकता है।
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शाहजहांपुर में अमर उजाला गांव महोत्सव में रविवार को इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि किसानों को उद्योगों से जुड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तमाम सरकारी और गैरसरकारी सेक्टर ऐसी योजनाओं का संचालन कर रहे हैं, जिनसे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलता है। यहां तक कि बाय प्रोडक्ट (फसल के अवशेषों से तैयार उत्पाद) की बिक्री भी हो जाती है।
रविवार को अमर उजाला गांव महोत्सव के समापन पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व त्रिभुवन और भाजपा जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा ने दीप जलाकर किया। इसके बाद जिले के प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया गया।
सामाजिक सरोकारों से जुड़े संगठन रोटरी क्लब और रोटरी क्लब शाहजहांपुर के साथ ही जिले में लोगों को रोजगार मुहैया करा रहे उद्योगपतियों को भी सम्मानित किया गया। उप्र उद्योग व्यापार मंडल (मिश्र गुट) और उप्र उद्योग व्यापार मंडल (कंछल गुट) को सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
जागरूक हों किसान
आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि समय के साथ किसानों को भी अपनी सोच बदलने की आवश्यकता है। किसान अगर थोड़ा भी जागरूक होगा तो वह तमाम योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय दोगुनी नहीं, बल्कि कई गुनी बढ़ा सकता है। अब ग्रामीण क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना का क्रम तेज हुआ है। जिले में पैदा होने वाली कई फसलों को खरीदकर उद्योगपति बाहर अपना उत्पाद बनाते हैं और बाद में यहीं आकर बेचते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद लोग
उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता है कि फसल का उत्पादन जिस क्षेत्र में होता है, फैक्टरी भी उसी क्षेत्र में लगे। इससे निश्चित तौर पर हमारे जिले का विकास होगा। हाल में हुई इन्वेस्टर्स समिट में ऐसे कई प्रोजेक्ट फाइनल हुए हैं जो कटरा, मिर्जापुर, कलान जैसे इलाकों में स्थापित होंगे। अब तहसीलों में बड़ी इंडस्ट्री आ रही हैं। जिस गन्ने की फसल को बेचने के लिए किसान परेशान होते थे, वहां अब लाइन लगाकर गन्ना खरीदा जा रहा है। गन्ने की खोई की तो भारी मांग है। किसान फसल बाद में निकालता है, खरीदार पहले आ जाते हैं।
सहफसली का लाभ उठाकर करें आय में इजाफा
अशोक अग्रवाल ने कहा कि वह भी किसान हैं। गन्ने के खेत में पॉपुलर के पेड़ लगवाए हैं। इस तरह सहफसली का लाभ उठाकर किसान अपनी आय में इजाफा कर सकते हैं। इसीलिए कहा जा रहा है कि अगर किसान उद्योगों से जुड़ेगा तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है। तमाम सरकारी विभाग भी किसानों की प्रगति के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।विधान परिषद सदस्य डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार लगातार किसानों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास कर रहीं हैं। किसान जागरूक होकर उनकी जानकारी हासिल करे और अपनी आय में बढ़ोतरी करे। किसानों को खेती को भी उद्योग की तरह संचालित करने की आवश्यकता है।
उद्यमियों को किया गया सम्मानित
एडीएम एफआर त्रिभुवन ने कहा कि प्रशासन लगातार किसानों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। साथ ही उत्तम बीज से लेकर कृषि यंत्र तक की खरीद में अनुदान प्रदान कर मदद के लिए प्रयासरत है। कोई भी किसान खेती-किसानी के लिए प्रशासन से पूरा सहयोग ले सकता है। भाजपा जिलाध्यक्ष केसी मिश्रा ने किसानों को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के बारे में बताया।