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तीखी धूप और उमस ने बढ़ाई गर्मी, फिर उछला पारा
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शाहजहांपुर में गर्मी से राहत पाने के लिए नल पर नहाते बच्चे । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। आर्द्रता बढ़ने के कारण रात में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री घटकर 20.9 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन यह सामान्य से अधिक होने से जन सामान्य को उमस सताती रही। सोमवार को सुबह बैरोमीटर सूचकांक लुढ़कने से फिर बादल छाने शुरू हुए तो सूर्योदय के बाद भी धुंध और धूप के मिले-जुले असर से उमस और गर्मी पैदा हो गई। नतीजे में दोपहर को अधिकतम तापमान 0.1 डिग्री बढ़कर 40.6 डिग्री सेल्सियस हो गया।
बीते चार दिन से तीखी धूप निकलने से शाम तक आर्द्रता इतनी कम हो रही है कि रात में ओस गिरने के लक्षण पूरी तरह मिट चुके हैं। इसीलिए बीती रात न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट भी उमस से निजात नहीं दिला सकी। आधी रात के बाद तक पंखे गर्म हवा फेंकते रहे। दोपहर तक गर्मी चरम पर पहुंची तो जरूरी कामों से बाहर निकले लोग अपने ठिकानों पर लौटने लगे।
सप्ताह का पहला दिन होने से कलक्ट्रेट और जजी परिसर में सुबह से आम दिनों की तरह भीड़ होने लगी, लेकिन बाद में गर्मी बढ़ने के साथ फरियादी और वादकारी घरों को लौटने लगे। इस कारण दोपहर दो बजे तक सरकारी कार्यालयों में सूनापन दिखने लगा। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार दिन और रात के तापमान में अंतर जितना कम होता जाएगा, उसी अनुपात में गर्मी और उमस का प्रकोप भी बढ़ता जाएगा। उनका कहना है कि बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से दस अंक अधिक होने की दशा में बूंदाबांदी और आंधी जैसे हालात बनेंगे, लेकिन अगले 48 घंटे तक मौसम में बदलाव के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।
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बीते चार दिन से तीखी धूप निकलने से शाम तक आर्द्रता इतनी कम हो रही है कि रात में ओस गिरने के लक्षण पूरी तरह मिट चुके हैं। इसीलिए बीती रात न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट भी उमस से निजात नहीं दिला सकी। आधी रात के बाद तक पंखे गर्म हवा फेंकते रहे। दोपहर तक गर्मी चरम पर पहुंची तो जरूरी कामों से बाहर निकले लोग अपने ठिकानों पर लौटने लगे।
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सप्ताह का पहला दिन होने से कलक्ट्रेट और जजी परिसर में सुबह से आम दिनों की तरह भीड़ होने लगी, लेकिन बाद में गर्मी बढ़ने के साथ फरियादी और वादकारी घरों को लौटने लगे। इस कारण दोपहर दो बजे तक सरकारी कार्यालयों में सूनापन दिखने लगा। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार दिन और रात के तापमान में अंतर जितना कम होता जाएगा, उसी अनुपात में गर्मी और उमस का प्रकोप भी बढ़ता जाएगा। उनका कहना है कि बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से दस अंक अधिक होने की दशा में बूंदाबांदी और आंधी जैसे हालात बनेंगे, लेकिन अगले 48 घंटे तक मौसम में बदलाव के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।
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