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Shahjahanpur News: आढ़तों पर धान की जमकर खरीद, क्रय केंद्रों पर रफ्तार धीमी

Wed, 11 Oct 2023 12:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Wed, 11 Oct 2023 12:17 AM IST
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Heavy purchase of paddy from commission agents, slow pace at purchasing centers
शाहजहांपुर। धान खरीद शुरू हुए करीब एक सप्ताह हो गया है, लेकिन अभी तक क्रय केंद्रों में खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। आढ़तों पर जमकर खरीद हो रही है। धान खरीद के लिए जनपद में 202 क्रय केंद्र बनाए गए, लेकिन अभी तक 182 क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू हो पाई है। पांच एजेंसियों के 20 क्रय केंद्र निष्क्रिय होने पर नोटिस जारी किए गए हैं। तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर केंद्रों के निरस्त करने की कार्रवाई होगी।
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मंगलवार को जनपद के 182 केंद्रों पर 340 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। अब तक पूरे जिले में कुल खरीद 1060 मीट्रिक टन हो चुकी है। यह खरीद 162 किसानों से हुई है। रोजा मंडी में मंगलवार को क्रय केंद्रों पर 556.40 क्विंटल खरीद हुई। रोजा मंडी में अब तक 1462.80 क्विंटल खरीद हो चुकी है।
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रोजा मंडी की आढ़तों में तीन लाख क्विंटल से अधिक खरीद : रोजा मंडी में एक अक्तूबर से आढ़तों पर खरीद शुरू हो गई थी। आंकाड़ों के मुताबिक अब तक आढ़तों पर तीन लाख क्विंटल से अधिक खरीद हो चुकी है। यह सरकारी खरीद से बहुत ज्यादा है। आंकड़ों के मुताबिक जिले की आढ़तों में अब तक पांच लाख क्विंटल से अधिक की धान खरीद हो चुकी है। आढ़ती 26 प्रतिशत तक की नमी के धान खरीद रहे हैं। मंगलवार को रोजा मंडी में आढ़त पर प्राइवेट भाव 1750 से 2240 रुपये प्रति क्विंटल का रहा।
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आढ़त पर धान बेचने में किसानों को मिल रहा फायदा : आढ़तों पर धान बेचने में किसानों को दिक्कत नहीं हो रही। आढ़त पर नमी नहीं नापी जाती है और न ही उसकी सफाई की जाती है। किसान धान सीधे आढ़त पर लाता है और तौल हो जाती है। दाम भी नकद मिल जाते हैं। वहीं सरकारी धान क्रय केंद्रों पर किसानों को पहले पंजीकरण कराना जरूरी है। इसके बाद 17 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर उसके धान की खरीद नहीं होती है। अगर 17 प्रतिशत नमी है तो उसके बाद भी धान की सफाई के लिए डस्टर लगाया जाता है। इससे किसान को नुकसान होता है।
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