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सेहत महकमे पर भारी, रहस्यमयी बीमारी
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Sun, 13 Aug 2017 11:48 PM IST
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जलालाबाद तहसील क्षेत्र के गांव मनोरथपुर गांव में फैली रहस्यमयी बीमारी का पांच दिन बाद भी पता नहीं चल सका है। बुधवार को गांव के 10 मरीजों के रक्त का नमूना जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था, लेकिन अब तक उसकी जांच रिपोर्ट भी नहीं आई। हैरत की बात तो यह है कि गांव पहुंचे कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नरायण चौधरी के निर्देश पर महकमे की टीम मौके पर पहुंच कर मरीजों को दवा तो दे रही है। इसके बाद भी रविवार को एक बालक की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गौरतलब हो कि गांव मनोरथपुर में करीब एक पखबाड़े से गले में सूजन के साथ तेज बुखार की बीमारी फैली है। इसकी चपेट में आकर आठ बच्चे दम तोड़ चुके हैं। इसके बाद चेते स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप कर मरीजों को दवा दी। बुधवार को गांव के पांच बच्चों को मंत्री के निर्देश पर लखनऊ भेजा गया, लेकिन कल वह भी वापस लौट आए। जानकारी पर सीएमओ ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को सीएचसी के चिकित्साधीक्षक ज्ञानेंद्र और डॉ. रूपक गुप्ता टीम के साथ गांव पहुंचे और कैंप लगाकर लोगों का चेकअप कर दवा वितरित की। दोपहर बाद सीएमओ डॉ. आरपी रावत, एसडीएम सत्यप्रिय सिंह गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। साथ ही उनसे साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उधर, सीएमओ के निर्देश पर गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का भ्रमण कर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उनसे बीमारी के लक्षण के बारे में जानकारी ली। इस दौरान टीम ने यह भी पड़ताल की है कि यह रोग कैसे और किन कारणों से इतनी तेजी से फैला। हैरत की बात तो यह है कि जांच के लिए लखनऊ भेज गए 10 मरीजों के रक्त के नमूनों की अभी तक जांच रिपोर्ट भी नहीं आई। ऐसे में बीमारी कौन सी है, यह भी पता नहीं चल सका है। रविवार को गांव के राजीव के छह वर्षीय पुत्र प्रभुदयाल की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं उसकी बहन राधिका पहले से भर्ती है।
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बोले जिम्मेदार
परीक्षण के लिए मरीजों का रक्त के नमूनों को लखनऊ भेजा गया था। उसकी जांच रिपोर्ट 72 घंटे में आ जानी चाहिए थी, लेकिन बीच में अवकाश पड़ जाने के कारण देरी हुई है। उम्मीद है कि 15 अगस्त के बाद रिपोर्ट आ जाएगी। फिलहाल मरीजों को डिप्थीरिया के लक्षण के आधार पर दवा दी जा रही है। वह स्वयं गांव में नियमित जा रहे हैं।
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डॉ. आरपी रावत, सीएमओ
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मृत बच्चों के परिजनों को दिए चेक
जलालाबाद। मनोरथपुर गांव पहुंचे कैबिनेट मंत्री की घोषणा के बाद मृतकों के सात परिजनों को दस दस हजार के चेक वितरित कर दिए गए, जबकि गेहूं का वितरण पहले ही हो गया था। चेकों का वितरण सीएमओ आरपी रावत और भाजपा नेता मनोज कश्यप ने किया। चेक पाने वालों में लालाराम, फूल सिंह, कन्हई, हरिपाल, राकेश, राजेश, हाकिम शामिल रहे। मालूम हो कि इस गांव में आठ बच्चों की मौत हुई थी, परंतु प्रशासन ने लालू की बेटी दिव्यांशी की मौत इस बीमारी से होना नहीं पाया था।
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विधायक ने भी लिया पीड़ितों का हाल
जलालाबाद। रविवार को गांव पहुंचे विधायक शरदवीर सिंह चौहान गांव के सभी पीड़ितों के घर पर गए और उनसे हालचाल पूछकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी परेशानी होने पर वे लोग उनसे संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान उनके साथ अभिषेक सिंह, सत्यवीर सिंह, अरुण सिंह डैनी, महेश सिंह, जंटर सिंह, रिजवान समेत कई लोग मौजूद रहे।
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गौरतलब हो कि गांव मनोरथपुर में करीब एक पखबाड़े से गले में सूजन के साथ तेज बुखार की बीमारी फैली है। इसकी चपेट में आकर आठ बच्चे दम तोड़ चुके हैं। इसके बाद चेते स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप कर मरीजों को दवा दी। बुधवार को गांव के पांच बच्चों को मंत्री के निर्देश पर लखनऊ भेजा गया, लेकिन कल वह भी वापस लौट आए। जानकारी पर सीएमओ ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को सीएचसी के चिकित्साधीक्षक ज्ञानेंद्र और डॉ. रूपक गुप्ता टीम के साथ गांव पहुंचे और कैंप लगाकर लोगों का चेकअप कर दवा वितरित की। दोपहर बाद सीएमओ डॉ. आरपी रावत, एसडीएम सत्यप्रिय सिंह गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। साथ ही उनसे साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उधर, सीएमओ के निर्देश पर गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का भ्रमण कर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उनसे बीमारी के लक्षण के बारे में जानकारी ली। इस दौरान टीम ने यह भी पड़ताल की है कि यह रोग कैसे और किन कारणों से इतनी तेजी से फैला। हैरत की बात तो यह है कि जांच के लिए लखनऊ भेज गए 10 मरीजों के रक्त के नमूनों की अभी तक जांच रिपोर्ट भी नहीं आई। ऐसे में बीमारी कौन सी है, यह भी पता नहीं चल सका है। रविवार को गांव के राजीव के छह वर्षीय पुत्र प्रभुदयाल की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं उसकी बहन राधिका पहले से भर्ती है।
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बोले जिम्मेदार
परीक्षण के लिए मरीजों का रक्त के नमूनों को लखनऊ भेजा गया था। उसकी जांच रिपोर्ट 72 घंटे में आ जानी चाहिए थी, लेकिन बीच में अवकाश पड़ जाने के कारण देरी हुई है। उम्मीद है कि 15 अगस्त के बाद रिपोर्ट आ जाएगी। फिलहाल मरीजों को डिप्थीरिया के लक्षण के आधार पर दवा दी जा रही है। वह स्वयं गांव में नियमित जा रहे हैं।
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डॉ. आरपी रावत, सीएमओ
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मृत बच्चों के परिजनों को दिए चेक
जलालाबाद। मनोरथपुर गांव पहुंचे कैबिनेट मंत्री की घोषणा के बाद मृतकों के सात परिजनों को दस दस हजार के चेक वितरित कर दिए गए, जबकि गेहूं का वितरण पहले ही हो गया था। चेकों का वितरण सीएमओ आरपी रावत और भाजपा नेता मनोज कश्यप ने किया। चेक पाने वालों में लालाराम, फूल सिंह, कन्हई, हरिपाल, राकेश, राजेश, हाकिम शामिल रहे। मालूम हो कि इस गांव में आठ बच्चों की मौत हुई थी, परंतु प्रशासन ने लालू की बेटी दिव्यांशी की मौत इस बीमारी से होना नहीं पाया था।
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विधायक ने भी लिया पीड़ितों का हाल
जलालाबाद। रविवार को गांव पहुंचे विधायक शरदवीर सिंह चौहान गांव के सभी पीड़ितों के घर पर गए और उनसे हालचाल पूछकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी परेशानी होने पर वे लोग उनसे संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान उनके साथ अभिषेक सिंह, सत्यवीर सिंह, अरुण सिंह डैनी, महेश सिंह, जंटर सिंह, रिजवान समेत कई लोग मौजूद रहे।