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रोजगार मेला : आखिरी दिन उमड़ी भीड़, कोविड प्रोटोकॉल तार-तार
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शाहजहांपुर। एंबुलेंस चालकों और ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) के पदों पर भर्ती के आखिरी दिन सोमवार को पुलिस लाइन में आवेदकों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। इस दौरान कोविड नियम तार-तार हो आए। भीड़ में शामिल आवेदन और उनकी देखरेख में लगे पुलिस कर्मी मास्क भी नहीं लगाए थे।
सोमवार सुबह नौ बजे से पुलिस लाइन में जीवीके कंपनी की तरफ से रोजगार मेला शुरू किया गया था। इसमें कंपनी के एचआर वीपेन सिंह, मैनेजर टीएफ दत्ता और रीजनल मैनेजर अनुराग कुमार पांडेय मौजूद रहे। रोजगार मेले में जिला लखीमपुर में एंबुलेंस चालकों के लिए करीब चार सौ और हरदोई जिले में करीब साढ़े चार सौ लोगों के लिए पद खाली हैं। शाहजहांपुर में हड़ताल करने वाले चालकों को आंदोलन छोड़कर नौकरी में वापस आने पर प्राथमिकता देने की बात कही गई। रोजगार मेले में अलग-अलग जिलों से करीब दो हजार लोग अपने कागजात लेकर पहुंचे। इनमें से सात सौ ईएमटी और करीब नौ सौ एंबुलेंस चालकों के फार्म कंपनी ने जमा किए। शाम पांच बजे तक चले भर्ती मेले के दौरान पुलिस लाइन में भीड़ को संभालने के लिए पुलिस बल लगाना पड़ गया।
जीवीके कंपनी के रीजनल मैनेजर अनुराग कुमार पांडेय ने बताया कि शाहजहांपुर में जिन लोगों को निकाला गया था, वे लोग अगर काम करना चाहते हैं तो उनको प्राथमिकता दी जाएगी। कंपनी के सख्त निर्देश हैं कि मरीजों को होने वाली असुविधा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंपनी के नियमों का पालन न करने वालों को तत्काल निकाल दिया जाएगा।
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सोमवार सुबह नौ बजे से पुलिस लाइन में जीवीके कंपनी की तरफ से रोजगार मेला शुरू किया गया था। इसमें कंपनी के एचआर वीपेन सिंह, मैनेजर टीएफ दत्ता और रीजनल मैनेजर अनुराग कुमार पांडेय मौजूद रहे। रोजगार मेले में जिला लखीमपुर में एंबुलेंस चालकों के लिए करीब चार सौ और हरदोई जिले में करीब साढ़े चार सौ लोगों के लिए पद खाली हैं। शाहजहांपुर में हड़ताल करने वाले चालकों को आंदोलन छोड़कर नौकरी में वापस आने पर प्राथमिकता देने की बात कही गई। रोजगार मेले में अलग-अलग जिलों से करीब दो हजार लोग अपने कागजात लेकर पहुंचे। इनमें से सात सौ ईएमटी और करीब नौ सौ एंबुलेंस चालकों के फार्म कंपनी ने जमा किए। शाम पांच बजे तक चले भर्ती मेले के दौरान पुलिस लाइन में भीड़ को संभालने के लिए पुलिस बल लगाना पड़ गया।
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जीवीके कंपनी के रीजनल मैनेजर अनुराग कुमार पांडेय ने बताया कि शाहजहांपुर में जिन लोगों को निकाला गया था, वे लोग अगर काम करना चाहते हैं तो उनको प्राथमिकता दी जाएगी। कंपनी के सख्त निर्देश हैं कि मरीजों को होने वाली असुविधा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंपनी के नियमों का पालन न करने वालों को तत्काल निकाल दिया जाएगा।
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