फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Health services are in a bad state after the floods, there are not enough doctors for treatment

Shahjahanpur News: बाढ़ के बाद स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, उपचार के लिए पर्याप्त डॉक्टर भी नहीं

Sun, 14 Sep 2025 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 14 Sep 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
Health services are in a bad state after the floods, there are not enough doctors for treatment
शाहजहांपुर। मिर्जापुर और परौर क्षेत्र में बाढ़ उतरने के बाद बुखार, त्वचा समेत कई तरह की बीमारियों से लोग जूझ रहे हैं। इन मरीजों को अस्पतालाें में उपचार नहीं मिल पा रहा है। पर्याप्त स्टाफ नहीं हाेने के चलते मरीजों को निजी डॉक्टराें के पास जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन

परौर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतरी हुईं हैं। यहां का अस्पताल खंडहरनुमा हो चुका है, लेकिन तीन कमरों का अस्पताल का बनाकर लोगाें को राहत देने का प्रयास किया गया। भवन की रंगाई-पुताई कराकर बेहतर कर दिया, लेकिन डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी। अतिरिक्त पीएचसी पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और चपरासी तक नहीं है।
विज्ञापन

अस्पताल मात्र एएनएम के सहारे चल रहा है। वह ही आने वाले मरीजों का उपचार करती हैं। किसी बैठक या सरकारी कार्य में ड्यूटी लगने पर अस्पताल बंद करना पड़ जाता है। ऐसे में मरीजों को कलान या मिर्जापुर में स्वास्थ्य इकाई या निजी अस्पताल में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अहम बात यह है कि दो बजे के बाद अस्पताल बंद होने के बाद उपचार की कोई सुविधा नहीं रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह मिर्जापुर की सीएचसी भी स्टाफ की कमी से जूझ रही है। एमओआईसी डॉ.आदेश रस्तोगी के अनुसार, चार डॉक्टर, चार फार्मासिस्ट, दो सफाई कर्मी, एक लैब तकनीशियन, दो वार्ड बॉय, एक एक्स-रे तकनीशियन, एक एआरओ व पांच एएनएम की कमी है। मिर्जापुर का क्षेत्र बड़ा होने के कारण स्टाफ की कमी से दुश्वारी आती है।
कई जगह पर कैंप लगाने के साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना मुश्किल होता है। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि डॉक्टरों की कमी की पूर्ति के लिए कई बार पत्राचार कर चुके हैं।


जलालाबाद में विशेषज्ञों की कमी

जलालाबाद सीएचसी पर चिकित्साधीक्षक डॉ. सोमेश्वर समेत पांच डॉक्टर मौजूद है। इनमें डॉ. गौरव कुमार, एक महिला चिकित्सक शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम में चार डॉक्टर लगाए गए हैं। दो फार्मासिस्ट हैं। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि सीएचसी पर डॉक्टर पर्याप्त है लेकिन विशेषज्ञों की कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed