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UP News: फर्जी फर्म बनाकर दो करोड़ की जीएसटी चोरी, शाहजहांपुर में चार आरोपी गिरफ्तार
Sun, 15 Feb 2026 01:25 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 15 Feb 2026 01:25 PM IST
सार
शाहजहांपुर में पुलिस ने फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने स्क्रैप से लदी दो सौ से अधिक गाड़ियों को फर्जी दस्तावेज से पास कराया था।
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जीएसटी चोरी के आरोपी
- फोटो : संवाद
विस्तार
शाहजहांपुर में पुलिस ने फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर तकरीबन दो करोड़ रुपये की कर चोरी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक कार, फर्जी दस्तावेज, सात फोन, दस बिल्टी बुक, गाड़ियों के विवरण के रजिस्टर बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपी दिल्ली, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और शामली के निवासी हैं। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि गिरोह के लोग स्क्रैप से लदी 200 से 250 गाड़ियों को फर्जी दस्तावेज से पास करा चुके हैं।
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एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि नवंबर में रोजा थाने में जीएसटी चोरी की एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अटसलिया पुल से पहले घेराबंदी कर एक कार को रोककर उसमें सवार चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में रायबरेली निवासी अखिलेश, बदायूं के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर व वर्तमान में गाजियाबाद के थाना नंदग्राम क्षेत्र के एफ ब्लॉक निवासी विपिन, मुजफ्फरनगर के थाना मंसूरपुर क्षेत्र के गांव लच्छैड़ा निवासी शिवओम शर्मा उर्फ सुमित व शामली के थाना बाबरी क्षेत्र के कैडी निवासी राहुल राणा शामिल हैं।
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युवाओं को नौकरी का झांसा देकर हासिल कर लेते थे दस्तावेज
गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं फोटो आदि दस्तावेज प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद उनके फर्जी एवं कूटरचित हस्ताक्षर तैयार कर बोगस जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराते थे। फिर इन फर्जी जीएसटी फर्मों के नाम से कूटरचित ई-वे बिल एवं बिल्टी तैयार कर महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर आदि जनपदों से स्क्रैप खरीदते थे तथा मुजफ्फरनगर में अवैध रूप से विक्रय कर फर्जी लेन-देन दर्शाते हुए कर चोरी करते थे।
गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं फोटो आदि दस्तावेज प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद उनके फर्जी एवं कूटरचित हस्ताक्षर तैयार कर बोगस जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराते थे। फिर इन फर्जी जीएसटी फर्मों के नाम से कूटरचित ई-वे बिल एवं बिल्टी तैयार कर महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर आदि जनपदों से स्क्रैप खरीदते थे तथा मुजफ्फरनगर में अवैध रूप से विक्रय कर फर्जी लेन-देन दर्शाते हुए कर चोरी करते थे।