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लक्ष्य के सापेक्ष महज 1.25 फीसदी हो सकी गेहूं की सरकारी खरीद

Thu, 16 Jun 2022 01:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 01:09 AM IST
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Government wheat procurement could be done only 1.25 percent
्रशाहजहांपुर। गेहूं के निर्यात पर केंद्र सरकार द्वारा रोक लगा देने के बावजूद रबी विपणन वर्ष 2021-22 में जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीद लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 1.25 फीसदी तक सीमित रही। बुधवार को गेहूं खरीद सत्र समाप्त हो गया, लेकिन खरीद के अंतिम दिन तक क्रय केंद्रों को समर्थन मूल्य पर बमुश्किल 3882 टन गेहूं मिल सका। अधिकारी भी मानते हैं कि इस वर्ष खुले बाजार में गेहूं का भाव समर्थन मूल्य से अधिक रहने के कारण सरकारी खरीद पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
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इस वर्ष जनपद में गेहूं खरीद का लक्ष्य 3.11 लाख टन रखा गया, जोकि गत वर्ष की तुलना में 38 हजार टन अधिक है। यह मानकर सरकारी खरीद का लक्ष्य बढ़ाया गया कि इस वर्ष शीतकाल तक मौसम अनुुकूल रहने से गेहूं की बंपर पैदावार होगी। इसीलिए शुरुआत में विभिन्न एजेंसियों के 164 क्रय केंद्र खुले, लेकिन बाद में 19 अतिरिक्त क्रय केंद्र खोले गए, लेकिन तापमान की अधिकता से गेहूं की औसत उत्पादकता में कमी आ गई। यही नहीं, निर्यात शुरू होने पर खुले बाजार में गेहूं महंगा हुआ तो सरकारी खरीद को एकदम ब्रेक लग गया। बाद में निर्यात पर रोक लगी, लेकिन क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक थमी रही।
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क्रय एजेंसी वार गेहूं खरीद लक्ष्य एवं वास्तविक खरीद (टन में)
क्रय एजेंसी खरीद लक्ष्य वास्तविक खरीद
मार्केटिंग 47000 1876
पीसीएफ 80000 746
पीसीयू 85000 612
यूपीएसएस 80000 353
एसएफसी 9000 7.45
एफसीआई 0000 286
रबी सीजन में ऐसा पहली बार हुआ कि पूरे खरीद सत्र में गेहूं का बाजार मूल्य समर्थन मूल्य से भी अधिक रहा। निजी क्षेत्र में खाद्यान्न कारोबारियों समेत कारगिल, आरटीसी आदि कंपनियों ने करीब 25 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा। काफी मात्रा में गेहूं विदेश को भी निर्यात हुआ, जिससे खुले बाजार में उसके दाम बढ़ गए। इसीलिए इस बार जनपद में सरकारी खरीद लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो सकी, जबकि अतीत में यह जनपद गेहूं खरीद में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। प्रदेश के खाद्य, रसद एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा को खरीद कम होने यही वजह बताई थी। संभव है कि सरकार खरीद सत्र कुछ दिन बढ़ा दे, इसलिए शासनादेश मिलने के बाद ही क्रय केंद्र बंद किए जाएंगे। -कमलेश कुमार पांडेय, प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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