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जीएफ कॉलेजः विभाजन की त्रासदी पर लगाया मरहम

Thu, 31 Mar 2022 02:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 02:23 AM IST
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GF College was formed at the time of partition in 1947.
शाहजहांपुर। 1947 में देश विभाजन के समय जब मुस्लिम समाज के लोग देश को छोड़कर जा रहे थे। उस समय खान-फजल-उर-रहमान खान ने उच्च शिक्षा की मशाल जलाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम गांधी फैज-ए-आम महाविद्यालय का निर्माण कराया था। उस समय छोटा सा कॉलेज अब रुहेलखंड में चमक रहा है। कॉलेज में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना समेत कई बड़े हस्तियों ने शिक्षा ग्रहण की है।
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कैंट में चर्च के सामने एक विशालकाय बाग हुआ करता था। बाग को डुन्डे खां का बाग कहा जाता था। इतिहासविद् डॉ. नानक चंद्र मेहरोत्रा बताते हैं कि 11 से 19 मार्च 1858 तक नाना साहब ने 400 पैदल सैनिकों व कुछ सवारों के साथ घेरा डाला था। डुन्डे खां रुहेला नेता दाऊद खां के भाई हसन खां के सबसे बड़े बेटे थे। रुहेला नेता अली मोहम्मद खां ने डुन्डे खां को कमांडर इन चीफ नियुक्त किया।
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इसी बाग में जीएफ कॉलेज की स्थापना वर्ष 1947 में की गई थी। महाविद्यालय की स्थापना उस समय की गई। जब विभाजन का दंश हर नागरिक झेल रहा था। एक ओर मुस्लिम समाज के लोग देश को छोड़ कर जा रहे थे। उसी समय विद्वान खान फजल-उर-रहमान जिले में उच्च शिक्षा संस्थान का निर्माण कराकर मुस्लिम समाज को रोक रहे थे। गांधी जी के नाम पर गांधी फैज-ए-आम महाविद्यालय का निर्माण समाज के सभी वर्गों के उत्थान एवं सामाजिक न्याय के लिए वर्ष 1947 में किया गया।
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कॉलेज को बनाने का मुख्य उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम एकता और शिक्षा के माध्यम से देश के विकास में सहभागिता था। बताते हैं कि उस समय खासतौर तौर से शिक्षा के क्षेत्र में जनपद अत्यंत पिछड़ा हुआ था। महाविद्यालय की स्थापना के समय केवल विज्ञान और कला के क्षेत्र में ही पढ़ाई होती थी, लेकिन जैसे-जैसे समय व्यतीत होता गया। महाविद्यालय तरक्की करता गया।
समय के साथ बदलता गया कॉलेज
जनपद का सबसे प्राचीन शिक्षण संस्थान समय के साथ बदलता गया। कॉलेज प्रशासन ने लगातार प्रयासों से तरक्की की। महाविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष स्व.हाजी जमीलुद्दीन खान के नेतृत्व में नए विषयों की कक्षाएं शुरू की गई थी। बीए, बीएससी, मॉस कॉम, बीबीए, बीएड, एमएड, एमएसडब्ल्यू, कंप्यूटर साइंस, लाइब्रेरी साइंस एंड विज्ञान व कला के सभी विषयों की पढ़ाई शुरू कराई गई। अब सैयद मोइनुद्दीन ने अध्यक्ष पद को संभालते हुए अथक प्रयासों से नवीन प्रयोगशाल, पुस्तकालय के नवीन भवन, नवीन सभागार, नए लॉन एवं गार्डन आदि का निर्माण कराया गया।

वर्ष 2022 में महाविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा बी-डबल प्लस प्राप्त हुआ है। यह स्वयं में महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को बताता है। महाविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। - डॉ. मोहम्मद तारिक, प्राचार्य, जीएफ कॉलेज
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