शाहजहांपुर में बाढ़: खतरे के निशान के करीब पहुंची गर्रा और खन्नौत, घरों में भरा पानी, 24 परिवारों का रेस्क्यू
शाहजहांपुर में खन्नौत और गर्रा नदियों का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। बाढ़ का पानी तटीय इलाकों के घरों में घुस गया है। लोधीपुर में 22 से 24 परिवारों के 80 से 85 लोगों को मोटरबोट से सुरक्षित निकाला गया। दियूनी बैराज से छोड़े गए पानी से जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
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शाहजहांपुर में खन्नौत नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। गर्रा नदी भी तेजी से बढ़ने के कारण उफान पर है। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। लोधीपुर में खन्नौत नदी के किनारे बाढ़ में फंसे 22 से 24 परिवारों के करीब 80 से 85 लोगों को मोटरबोट की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। लोगों का आरोप है कि सूचना के बावजूद प्रशासन की ओर से एक लेखपाल को छोड़कर कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि प्रशासन की ओर से सुबह नाश्ता और दोपहर में भोजन के पैकेट वितरित किए गए।
सिंचाई विभाग की सोमवार सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक खन्नौत नदी का जलस्तर लोधीपुर पुल पर 145.90 मीटर गेज दर्ज किया गया। रविवार रात आठ बजे यह 145.65 मीटर था। वहीं गर्रा नदी का जलस्तर अजीजगंज पुल पर रविवार रात 147.90 मीटर से बढ़कर सोमवार सुबह 148.15 मीटर गेज पहुंच गया। गर्रा नदी खतरे के निशान 148.80 मीटर से महज 65 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।
दियूनी बैराज से तीन दिन पहले छोड़ा गया 25 हजार क्यूसेक से अधिक पानी सोमवार रात तक पहुंचने की संभावना है। इससे दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि प्रशासन हालात पर नजर रख रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है और उन तक मदद पहुंचाई जा रही है।
22 से 24 परिवारों का रेस्क्यू
लोधीपुर में खन्नौत नदी किनारे रहने वाले कई परिवारों के घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। क्षेत्रीय पार्षद रूपेश वर्मा उर्फ अन्नू ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद तीन-चार मोटरबोट नाविकों के साथ मौके पर भेजी गईं। पार्षद और स्थानीय लोगों की मदद से रात में ही लोगों को घरों से निकालने का काम शुरू कर दिया गया। सोमवार दोपहर तक 22 से 24 परिवारों के करीब 80 से 85 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ लोगों को एनटीआई में शिफ्ट किया गया, जबकि कुछ परिवार घरों में ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए।
सामान घरों में छूटा, खराब होने का डर
बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन उनका घरेलू सामान घरों में ही रह गया। पानी लगातार बढ़ने से लोगों को सामान के खराब होने की चिंता सता रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से बाढ़ के कारण हर वर्ष उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हनुमतधाम के चारों तरफ पानी, दर्शन बंद
खन्नौत नदी का पानी बढ़ने से हनुमतधाम के चारों तरफ पानी भर गया है। सुरक्षा के मद्देनजर दर्शन के लिए हनुमतधाम को बंद कर दिया गया है। हनुमानजी की प्रतिमा तक जाने वाली सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। यहां एनडीआरएफ की टीम और पुलिस बल तैनात किया गया है। लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की जा रही है। हनुमतधाम के पास स्थित मोहल्ला ख्वाजा फिरोज, दलेलगंज और छोटी बिसरात में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। छोटी बिसरात से कुछ परिवारों को निकालकर पास बने आश्रय स्थल में पहुंचाया गया है।
अजीजगंज में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में पहुंचा पानी
गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से अजीजगंज स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के अंदर भी पानी पहुंच गया है। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी खतरा बढ़ गया है।
सुभाषनगर कॉलोनी में बरुआ नाला के आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। पानी घुटनों तक पहुंचने के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। क्षेत्रीय पार्षद नवनीत विनय सक्सेना ने नगर निगम अधिकारियों से बात कर लोगों के आवागमन के लिए ट्रैक्टर की व्यवस्था कराई। लोग इसी ट्रैक्टर की मदद से आवागमन कर रहे हैं। पानी लोगों के दरवाजों तक पहुंच चुका है और अब घरों में पानी घुसने का खतरा बना हुआ है।