{"_id":"66a6d24aa0cb3a118907fc44","slug":"ganga-overflows-again-at-bhainsar-dam-coastal-villages-alerted-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-123747-2024-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: भैंसार बांध पर फिर उफनाई गंगा, तटीय गांव किए अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: भैंसार बांध पर फिर उफनाई गंगा, तटीय गांव किए अलर्ट
Mon, 29 Jul 2024 04:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 29 Jul 2024 04:50 AM IST
विज्ञापन
सेहरामऊ दक्षिणी के गांव गुलरहा उर्फ नौगवां में धान की दुबारा रोपाई करते हुए। संवाद
शाहजहांपुर। दो सप्ताह पहले आई बाढ़ का दौर थमने के बाद से सभी नदियां सिमटने लगीं, लेकिन कलान क्षेत्र के भैंसार बांध पर गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अब नरौरा बैराज से डिस्चार्ज पानी की मात्रा बढ़कर एक लाख 34 हजार 584 क्यूसेक हो जाने से गंगा में भी उफान बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 35 सेमी बढ़कर 142.75 मीटर हो गया है।
हालांकि, अभी नदी का बहाव खतरे के निशान से 1.35 मीटर नीचे है, लेकिन अगले 24 घंटे तक जलस्तर में वृद्धि की संभावना है। इसको देखते हुए प्रशासन ने कलान और मिर्जापुर क्षेत्र की बाढ़ राहत चौकियों के जरिये ग्रामीणों को सतर्क करना शुरू कर दिया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को रविवार सुबह प्राप्त सूचनाओंं के अनुसार बीते दिन की तुलना में रविवार को नरौरा बैराज से अतिरिक्त पानी की मात्रा 65 हजार 627 क्यूसेक बढ़ा दी गई है। पानी की यह खेप बुलंदशहर और बदायूं के कछला घाट होकर यहां तक आने में 72 घंटे लग सकते हैं।
विज्ञापन
उधर, रामगंगा का जलस्तर एक सेमी बढ़कर 159.53 मीटर हुआ है, लेकिन उसमें अन्य बैराजों से पानी की निकासी 5307 क्यूसेक कम कर दी गई है। सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर का कहना है कि नरौरा से पानी की बढ़ी खेप यहां आने तक गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान है।
एक्सईएन के अनुसार, गंगा का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे है। इसलिए कलान और मिर्जापुर के तटीय गांवों को बाढ़ से कोई खतरा नहीं है।
000
गर्रा और खन्नौत नदियों में लगातार कम हो रहा पानी
शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। हालांकि, बाढ़ के दौरान इन्हीं दोनों नदियों ने तिलहर तहसील के खुदागंज ब्लॉक और सदर तहसील के विकास खंड ददरौल और भावलखेड़ा के 48 से अधिक गांवों को अपने आगोश में लेकर सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें तबाह कर दीं। गर्रा नदी के कटान से लगभग तीन सौ बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई और कई कच्चे मकान भी नष्ट हो गए थे।
दोनों नदियों के जलस्तर में गत एक सप्ताह से गिरावट जारी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार ड्यूनी डाम से गर्रा में अतिरिक्त पानी की निकासी बंद हो जाने से नदी में पानी बढ़ने की कोई संभावना नहीं है। बीते 24 घंटे में गर्रा दस सेमी घटकर 144.50 मीटर पर और खन्नौत पांच सेमी कम होकर 142.65 मीटर पर बह रही है।
000
नदियों का जलस्तर (मीटर में)
-- -- -- -- -- -- --
नदी खतरे का निशान मौजूदा जलस्तर जलस्तर में वृद्धि/ कमी
गंगा 144.10 142.75 +0.35
रामगंगा 164.29 159.53 +0.01
गर्रा 149.80 144.50 -0.10
खन्नौत 146.75 142.65 -0.05
-- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
हालांकि, अभी नदी का बहाव खतरे के निशान से 1.35 मीटर नीचे है, लेकिन अगले 24 घंटे तक जलस्तर में वृद्धि की संभावना है। इसको देखते हुए प्रशासन ने कलान और मिर्जापुर क्षेत्र की बाढ़ राहत चौकियों के जरिये ग्रामीणों को सतर्क करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को रविवार सुबह प्राप्त सूचनाओंं के अनुसार बीते दिन की तुलना में रविवार को नरौरा बैराज से अतिरिक्त पानी की मात्रा 65 हजार 627 क्यूसेक बढ़ा दी गई है। पानी की यह खेप बुलंदशहर और बदायूं के कछला घाट होकर यहां तक आने में 72 घंटे लग सकते हैं।
विज्ञापन
उधर, रामगंगा का जलस्तर एक सेमी बढ़कर 159.53 मीटर हुआ है, लेकिन उसमें अन्य बैराजों से पानी की निकासी 5307 क्यूसेक कम कर दी गई है। सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर का कहना है कि नरौरा से पानी की बढ़ी खेप यहां आने तक गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान है।
एक्सईएन के अनुसार, गंगा का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे है। इसलिए कलान और मिर्जापुर के तटीय गांवों को बाढ़ से कोई खतरा नहीं है।
000
गर्रा और खन्नौत नदियों में लगातार कम हो रहा पानी
शहर के समीप गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। हालांकि, बाढ़ के दौरान इन्हीं दोनों नदियों ने तिलहर तहसील के खुदागंज ब्लॉक और सदर तहसील के विकास खंड ददरौल और भावलखेड़ा के 48 से अधिक गांवों को अपने आगोश में लेकर सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें तबाह कर दीं। गर्रा नदी के कटान से लगभग तीन सौ बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई और कई कच्चे मकान भी नष्ट हो गए थे।
दोनों नदियों के जलस्तर में गत एक सप्ताह से गिरावट जारी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार ड्यूनी डाम से गर्रा में अतिरिक्त पानी की निकासी बंद हो जाने से नदी में पानी बढ़ने की कोई संभावना नहीं है। बीते 24 घंटे में गर्रा दस सेमी घटकर 144.50 मीटर पर और खन्नौत पांच सेमी कम होकर 142.65 मीटर पर बह रही है।
000
नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी खतरे का निशान मौजूदा जलस्तर जलस्तर में वृद्धि/ कमी
गंगा 144.10 142.75 +0.35
रामगंगा 164.29 159.53 +0.01
गर्रा 149.80 144.50 -0.10
खन्नौत 146.75 142.65 -0.05