UP: शाहजहांपुर में अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश, मोबाइल टावर के उपकरण चोरी कर विदेशों में बेचते थे शातिर
शाहजहांपुर में पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपये का माल बरामद करने के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें एक आरोपी मुंबई में कंपनी खोलकर चोरी का माल विदेशों में सप्लाई करता था।
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शाहजहांपुर में मोबाइल टावर से महंगे उपकरण चोरी कर विदेश में बेचने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपये का माल बरामद करने के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी मुंबई में कंपनी खोलकर चोरी का माल यूनाइटेड स्टेट, यूके, थाईलैंड, ताइवान, हांगकांग समेत कई देशों में बिक्री करता था।
18 जनवरी को लखीमपुर खीरी जिले के थाना पसगवां के सर्वांगपुर निवासी रंगराजन ने आरसी मिशन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि हरदोई चौराहे के पास स्थित एयरटेल टावर के दो राउटर चोरी हो गए। इससे पूरी रात कंपनी का नेटवर्क ठप रहा।
उपकरणों के महंगे होने की जानकारी सामने आने पर एसपी राजेश एस. ने स्वॉट, एसओजी, सर्विलांस व थाना आरसी मिशन पुलिस की टीम को जांच में लगाया। हरदोई बाइपास से सीतापुर तक टोल समेत अन्य जगहों पर सीसीटीवी फुटेज को जांचा गया तो वारदात को अंजाम देने वालों तक पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने प्रयागराज निवासी ध्रुव द्विवेदी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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पुलिस लाइन में बृहस्पतिवार को एसपी राजेश एस. ने बताया कि वाराणसी के थाना चोलापुर के महदा निवासी ब्रजनंदन कुमार उर्फ हैप्पी, कासगंज के थाना पटियाली के नई मुसियार निवासी राजेश, सीतापुर जिले के थाना सिंधौली के गांव जल्लाबाद निवासी प्रीत कुमार सिंह, सर्वेश व कुलदीप उर्फ वीरू को हरदोई बाइपास से कटरा जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार किया है।
ये आरोपी हैं फरार
गिरोह के अन्य सदस्य औरेया जिले के थाना बिधूना के गांव चकरपुर निवासी अनिल यादव व आंबेडकर नगर के थाना अकबरपुर के गांव जुलहिया निवासी आकाश पांडेय फरार हैं। उनकी तलाश में टीम दबिश दे रही है। खुफिया तंत्र को भी पुलिस ने सक्रिय कर दिया है, ताकि उन्हें जल्द पकड़ा जा सके। आरोपियों के पास से करीब डेढ़ करोड़ रुपये के उपकरण व एक जीप बरामद हुई है। साथ ही कुछ और राज भी उन्होंने उगले हैं। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्हें एडीजी से पुरस्कार के लिए अनुरोध किया है।
वाराणसी में एक करोड़ रुपये की खरीदी जमीन
ब्रजनंदन ने राउटर कार्ड व अन्य उपकरण बेचकर काफी रुपये कमाए थे। उसने वाराणसी में एक करोड़ रुपये की जमीन व राजेश ने जीप खरीदी थी। एसपी ने बताया कि ध्रुव, ब्रजनंदन, राजेश के बैंक खाते सीज कराए जाएंगे। उन पर अंतरराष्ट्रीय गैंग की कार्रवाई की जाएगी। संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई भी होगी।
पूर्व में जेल से छूटे आरोपी के फोटो से लगा सुराग
वारदात के बाद पुलिस ने प्रदेश में इस तरह के मामले खंगालने शुरू किए, तब एक आरोपी का सुराग लगा। उसका फोटो लेकर मोबाइल कंपनी के कर्मियों से पहचान कराई। इस दाैरान पता चला कि यह पूर्व में कंपनी में ही काम कर चुका है। इसके बाद सीओ सिटी पंकज पंत के नेतृत्व में टीम ने तफ्तीश कर कड़ियां से कड़ियां जोड़ी और मामले का खुलासा कर दिया।
शुरुआत में गार्ड की संलिप्तता का था संदेह
टावर से उपकरणों को चोरी करने से पहले आरोपियों ने गार्ड को बंधक बनाकर डाल दिया था। इसके बाद उपकरण खोलकर बैग में रखने के बाद फरार हो गए थे। शुरुआत में गार्ड की संलिप्तता का संदेह था। बाद में कंपनी के स्टेट हेड ने उपकरण की कीमत बताई तो पुलिस सक्रिय हुई और सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए तो तस्वीर साफ हुई कि गार्ड का वारदात में कोई हाथ नहीं है।
एसपी ने बताया कि गैंग ने सीतापुर, हरदोई, खीरी, मऊ, अयोध्या समेत कई जिलों में वारदात को अंजाम दिया है। किसी भी जिले में चोरी का माल रिकवर नहीं हो सका। मात्र शाहजहांपुर जिले ने खुलासा कर माल को बरामद किया है। सुरक्षा की दृष्टि से आरोपी मोबाइल फोन का भी प्रयोग नहीं करते थे।
नौकरी छोड़ने के बाद मुंबई में बनाई कंपनी
गिरोह में शामिल ब्रजनंदन कुमार उर्फ हैप्पी बीसीए पास है। उसने सात साल तक मोबाइल टावर की कंपनी में काम किया है। लंबे समय तक कार्य करने के चलते उसे हर उपकरण की कीमतों की जानकारी है। नौकरी छोड़ने के बाद उसने मुंबई में कंपनी बनाई।
एसपी ने बताया पूर्व में जेल गया ध्रुव अपने साथियों के साथ राउटर और अन्य उपकरणों को चोरी करता था और सामान को कोरियर से हैप्पी के पास मुंबई व दिल्ली में राजेश को भेजता था। दोनों लोग अपनी कंपनी के माध्यम से करोड़ों रुपये का सामान विदेशों में बेचकर रुपये कमाते थे। माल की जांच के लिए हैप्पी ने एक करोड़ रुपये की जांच मशीन भी खरीदी थी। इससे जांच के बाद उपकरण को विदेश बेचता था।